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पंडित विकास दुबे
Bureau | July 12, 2020 | 0 Comments

Vikas Dubey had 11 houses, 16 flats in Uttar Pradesh

भारत में सरकार के तोते की तरह काम करता है आयकर विभाग

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की जिंदगी एक ऐसी किताब है, जिसका कोई भी पन्ना खोल दिया जाए, उसमें सरकार और सरकारी एजेंसियों की नाकामी की दास्तान छिपी मिलती है। 35 साल तक न सिर्फ उसने खूनखराबा और गुंडई की, बल्कि आर्थिक अपराध में भी वह किसी से पीछे नहीं रहा।

उसने आर्थिक अपराध से जुड़ी हर एजेंसी की आंख में धूल झोंकी है। वह अपने काले कारनामों से संपत्ति पर संपत्ति बनाता गया और जांच एजेंसियां ताकती रहीं। नोटबंदी के बाद हाईटेक हुए बैंक, आयकर विभाग, आर्थिक अपराध को पकड़ने में सबसे सक्षम एजेंसी फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस शातिर के कालेधन को पकड़ने में नाकाम रहीं।

कालाधन पकड़ने के लिए बैंक में हर अप्रत्याशित लेनदेन की जानकारी एफआईयू को स्वत: ही पहुंचती है। खुद बैंक भी सूचनाएं भेजते हैं। एफआईयू लेनदेन की समीक्षा करके जांच के लिए आयकर विभाग को भेजता है।

Vikas dubey: संपत्ति पर संपत्ति बनाता गया, विकास के आर्थिक अपराध को रोकने और कालेधन को पकड़ने में नाकाम रही हर एजेंसी

आयकर विभाग को भारी भरकम लेनदेन का कारण पता लगाना होता है। इसी तरह 30 लाख रुपये से अधिक की रजिस्ट्री की जानकारी सब रजिस्ट्रार ऑफिस सीधे आयकर विभाग को भेजते हैं। इसकी जांच भी आयकर विभाग करता है।

हवाला या अन्य तरह की आर्थिक गतिविधियों की जानकारी पर ईडी को सूचित किया जाता है। इस तरह से आर्थिक अनियमितताओं को पकड़ने के लिए हर स्तर पर एजेंसियां काम कर रही हैं। विकास दुबे के आर्थिक अपराध पर अंकुश लगाने एक भी ऐसी जांच नहीं हुई। कारण किसी को नहीं पता।

आयकर विभाग के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि हर तरह की जांच एजेंसी पर राजनीतिक दखल है। आयकर विभाग के अधिकारी कब, किसकी जांच करेंगे, यह सब ऊपर से तय होकर आता है। आयकर विभाग की हालत इस समय ये है कि अधिकारी किसी करदाता को अपनी तरफ से चिट्ठी तक नहीं लिख सकता।

विकास दुबे जैसे लोगों की सूचनाएं तो जाती हैं लेकिन जांच के आदेश नहीं आते। आयकर अफसर यदि अपने आप सूचना जुटाकर कार्रवाई कर दें तो नौकरी बचाना मुश्किल पड़ जाता है। आयकर विभाग सरकार के अधीन काम करता है। स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता।

तीन दर्जन संपत्तियां, प्रत्येक की कीमत करोड़ों में

जय बाजपेई और इनके पारिवारिक सदस्यों के पास देश और विदेश में तीन दर्जन संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। कानपुर व प्रदेश के प्रमुख शहरों, उत्तराखंड, मुंबई में 21 फ्लैट और 12 मकान हैं। इनमें ब्रह्मनगर में छह मकान, आर्यनगर में एक अपार्टमेंट में आठ फ्लैट और पनकी में एक ड्यूप्लेक्स कोठी शामिल है। इसकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 15 करोड़ रुपये कीमत का एक फ्लैट दुबई में और करीब 10 करोड़ रुपये का फ्लैट बैंकॉक में है। जानकारी ये भी आ रही है कि विकास ने बीते तीन वर्षों में 14 देशों की यात्राएं कीं और करोड़ों रुपये अपनी शान-ओ-शौकत में खर्च किए। हाल में उसने लखनऊ में एक घर खरीदा, जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है।

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Author: Bureau

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