Blog

किसान

Three crore fraud in Badaun ODF godan in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के योगी राज में बदायूं के पीसीएफ गोदाम में तीन करोड़ का खाद घोटाला

किसानों को बांटने के लिए आई खाद में बड़ा घोटाला सामने आया है। डीएम ने शिकायत पर अधिकारियों की टीम को पीसीएफ गोदाम पर छापामारी के निर्देश दिए थे। शनिवार को टीम जांच के लिए वहां पहुंची तो हैरत में पड़ गई। गोदाम से करीब तीन करोड़ की खाद गायब मिली। मामले में टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। घोटाला सामने आने के बाद सहकारिता विभाग में खलबली मच गई है।

किसानों को खाद के लिए लाइन न लगाना पड़े इसलिए शासन ने भरपूर खाद मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। शासन के आदेश पर पहले से ही खाद की खरीदारी भी की गई। मगर, किसानों को बांटने के लिए आई खाद गोदाम तक पहुंची ही नहीं। उसे रास्ते में ही गायब कर दिया गया। इस कारनामे की चर्चाएं तेज हुईं तो भाजपा नेता अशोक भारती ने शनिवार को मामले की शिकायत डीएम दिनेश कुमार ¨सह से की। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए एआर कोआपरेटिव, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी व जिला मनोरंजन कर अधिकारी को अपने कार्यालय बुलाकर जांच के लिए टीम गठित कर दी। छापामारी की सूचना लीक न हो, इसलिए किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। इसके बाद अधिकारियों की टीम को शिकायतकर्ता के साथ मौके पर भेजा गया।

पीसीएफ गोदाम पर अचानक अधिकारियों की टीम पहुंची तो खलबली मच गई। टीम ने स्टॉक रजिस्टर देखा तो उसमें यूरिया, डीएपी और एनपीके की खेप दर्ज थी। मगर, मौके पर हजारों मीट्रिक टन खाद गायब थी। यह देखकर टीम भी चौंक गई। पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक शर्मा को मौके पर बुलाया गया तो वह भी कोई जवाब नहीं दे सके। टीम ने मौके की वीडियोग्राफी कराने के बाद सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि अभी तक की जांच में लगभग तीन करोड़ का घोटाला सामने आया है। रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी गई है बाकी कार्रवाई डीएम के ही स्तर से होगी। इतनी खाद मिली गायब

यूरिया : 2800 मीट्रिक टन

डीएपी : 150 मीट्रिक टन

एनपीके : 116 मीट्रिक टन

ब्लैकलिस्टेड संस्था को दे दिया टेंडर

जांच में सामने आया है कि खाद को कंपनी से गोदाम तक लाने के लिए जिस संस्था को टेंडर दिया गया था वह पहले से ही ब्लैकलिस्टेड है। ट्रांसपोर्ट का टेंडर पहले दूसरी संस्था को दिया गया था, लेकिन बाद में करार तोड़ दिया गया। संस्था एक बार फिर से कार्रवाई के घेरे में आ गई है। टीम को देखकर भाग गया गोदाम प्रभारी

शनिवार दोपहर अचानक टीम ने गोदाम पर छापा मारा तो वहां पर मौजूद गोदाम प्रभारी जगतपाल भाग गया। टीम ने उसको पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद दूसरे गोदाम प्रभारी धीरेंद्र ¨सह से बात की तो वह भी हड़बड़ाने लगा। बीस दिनों में हो गया खेल

खाद की खेप आठ या नौ दिसंबर को गोदाम में आई थी। जो सभी सहकारी समितियों तक खाद भेजनी थी। मगर घोटालेबाजों ने महज बीस दिन में ही खेल कर दिया और खाद गायब हो गई। वर्जन :

पीसीएफ गोदाम की शिकायत मिलने पर तत्काल भूमि संरक्षण अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया जांच में करीब तीन करोड़ की खाद नहीं मिली है। एआर कोआपरेटिव को जांच के आदेश देने के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ एफआइआर कराने के भी आदेश दिए हैं।

-दिनेश कुमार ¨सह, जिलाधिकारी

उत्तर प्रदेश के योगी राज में बदायूं में तीन करोड़ की यूरिया पचा गए अफसर

जिले में खाद के संकट को लेकर पिछले कई दिनों से हिन्दुस्तान समाचार पत्र प्रमुखता से प्रकाशन कर रहा था। जिसमें किसानों के बीच चल रहे खाद के संकट को अधिकारियों तक पहुंचा रहा था। इस पर डीएम ने संज्ञान ले लिया और शहर के ओवरब्रिज स्थित एके फील्ड के पास पीसीएफ के मुख्य गोदाम पर भाजपा नेता अशोक भारती, पारस गुप्ता, जिला भूमि संक्षण अधिकारी नरेंद्र पाल सिंह, सहायक बचत अधिकारी और मनोरंजन अधिकारी को जांच के लिए भेज दिया।

टीम ने मौके पर जाकर पीसीएफ प्रबंधक के साथ जांच पड़ताल की और कर्मचारियों से पूछताछ की। दो कर्मचारी तो टीम को देखकर मौके से भाग गए। इस दौरान पता चला कि वित्तीय वर्ष 2017 में पीसीएफ द्वारा 3427 मैट्रिक टन (68 हजार, 540 कट्टे) यूरिया, डीएपी, एनपीके के स्टाक में कम हैं। जबकि प्लांट से खरीद कर खाद को 2017 में मंगाई गई। मगर गोदाम तक नहीं आई और स्टाफ में पूरी तरह प्रक्रिया के तहत रिसीव की गई। मगर खाद रास्ते से कहां गायब हो गई यह बताने को पीसीएफ में कोई तैयार नहीं है।

यह रिपोर्ट टीम ने जब डीएम को सौंपी तो डीएम चौंक गए। तत्काल जांच एआर कोआपरेटिव को सौंपी। जिसमें तात्कालीन पीसीफ प्रबंधक की संलिप्तता सामने आई है। टीम ने वहां के कर्मचारियों ने भी बयान दर्ज किए। जिसमें बताया कि पहले से ही स्टाक कम चल रहा है। खास बात तो यह है कि खाद को अधिकारियों ने बदायूं कार्यालय पहुंचने से पहले रास्ते में ही बेच डाला है।

एनपीके घोटाला में मुकदमा दर्ज

पीसीएफ में बीते समय का एनपीके घोटाला चल रहा है, जिसकी जांच एआर कोआरपोरेटिव ने जांच बीते दिनों की। जिसमें चौकीदार और इंचार्ज समेत तीन लोग दोषी सामने हुए थे। जिसमें ओवरब्रिज स्थित गोदाम से 969 मैट्रिक टन एनपीके गायब होने का मामला सामने आया। जिस पर गोदाम पर तैनात नेम सिंह पुत्र अंगनलाल वार्ड नौ कछला उझानी, बदन सिंह पुत्र रामस्वरूप रिनोईया उझानी, मुनीश चंद्र पुत्र रामदास पड़ौआ पर सिविल लाइंस थाना में पीसीएफ प्रबंधक अशोक कुमार शर्मा ने खाद गायब के मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

माफियाओं ने फेल कर दी पीओएस मशीन

केंद्र सरकार ने खाद में कालाबाजारी न हो इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को बना दिया है। इसके बाद भी खाद में कालाबाजारी हो रही है। माफियाओं के आगे सरकारी पीओएस सेवा भी फेल हो गई है। अधिकारियों की मांनें तो इफको केंद्र से जो खाद जारी होती है वह वैच नंबर फीड़िग के हिसाब से होती है, अगर बदायूं के लिए जारी हुई तो बिक्री बदायूं में ही होगी और किसान का अंगूठा लगाने के बाद होगी। इसके बाद भी अब यह गायब वाली खाद कहां गई।

Musing India
Author: Musing India

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Musing India

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published.