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Musing India | July 12, 2020 | 0 Comments

SRS Royal Hills Phase 2 Sector 87 Faridabad Haryan

बिल्डरों का खेल, एसआरएस रॉयल हिल्स में आशियाना दिलाने में सरकार और प्रशासन दोनों फेल

आशियाने की आस लिए एनसीआर से नहरपार ग्रेटर फरीदाबाद में निवेश करने वाले हजारों लोगों के हाथ आज भी खाली हैं। 35 लाख से करोड़ रुपये तक देने के बावजूद इन्हें आशियाना नहीं मिल सका है। करीब एक दशक से हैरान-परेशान लोग शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं। यहां तक कि हरेरा(हरियाणा रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) भी गए, लेकिन अभी तक राहत नहीं मिली है। ऐसा ही एक केस नहरपार एसआरएस रियल एस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन अनिल जिदल से जुड़ा हुआ है।

निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप में जिदल करीब दो साल से नीमका जेल में बंद हैं। इस ग्रुप के दो टॉवर के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए हरेरा द्वारा एक कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे, लेकिन यहां भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। कमेटी का काम दो टॉवर में खाली फ्लैटों की नीलामी कराना था, ताकि इससे जो पैसा आए, उससे यहां अधूरा काम पूरा कराया जाए।

चार साल से बंद पड़ा है काम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद में एसआरएस रॉयल हिल्स फेस-2 ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान तरुण वर्मा और सदस्य आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 2012 में एसआरएस रॉयल हिल्स फेज -2, सेक्टर 87 में प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। इसमें 7 (5 टावर्स 3 बीएचके और 2 टावर्स 4 बीएचके) टावरों के कुल 612 फ्लैट हैं। 2016 में यहां काम बंद हो गया। इस प्रोजेक्ट में 196 फ्लैट बेचे गए हैं और 406 खाली हैं। आशुतोष गुप्ता ने बताया कि यदि कमेटी बन जाए, तो वह हरसंभव सहयोग के लिए तैयार हैं। यहां ऐसे निवेशकों से एक करोड़ रुपये जुटा लिए हैं, जिनकी किस्तें बकाया थी। अभी और रकम जुटाने के लिए निवेशकों से संपर्क जारी है। इस पैसे का भी प्रयोग फ्लैटों के अधूरे काम में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फ्लैट के लिए किसी ने बैंक से लोन लिया है, तो किसी ने अपनी जिदगीभर की जमा पूंजी लगा दी है। इसलिए जल्द आशियाना मिलना चाहिए।

हां, यह मामला पूरी तरह से मेरे संज्ञान में है। इस मामले को लेकर प्रशासन गंभीर है। जिला उपायुक्त से बात कर कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके बाद कमेटी आगे की कार्रवाई करेगी। – रेनूका सिंह, जिला नगर योजनाकार।

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Author: Musing India

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