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Musing India | June 28, 2020 | 0 Comments

Smart city Faridabad’s roads got out in a little rain

थोड़ी बारिश में निकला स्मार्ट सिटी फरीदाबाद की सड़कों का दम, कैसे सुरक्षित निकलें हम

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद की सड़क पर गड्ढे किस तरह एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ देता है, इसका मर्म केवल वे परिवार ही समझ सकते हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ से करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें एक बारिश नहीं झेल पाती। सड़कों पर से तारकोल ऐसे बह जाता है, जैसे काला पेंट लगाया गया हो। नीचे लगे पत्थर ऊपर आकर सड़कों पर बिखर जाते हैं। जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बन जाते हैं। कार्रवाई इसलिए नहीं होती, क्योंकि हिस्सा सभी में बंट जाता है। सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता भी पता नहीं क्यों मौन रहते हैं, पर आमजन को हर समय सड़क पर चलते समय जान का खतरा रहता है। सबसे ज्यादा तो दोपहिया वाहन चालक परेशानी झेल रहे हैं।

स्मार्ट सिटी और पॉश सेक्टरों की सड़कों की हालत भी खस्ता

शहर की निम्न व निम्न मध्यमवर्गीय क्षेत्रों व कॉलोनियों की क्या बात करें, यहां तो शहर के बीचों-बीच जिस क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, उस क्षेत्र की और पॉश सेक्टरों क्रमाश: सेक्टर-7, 8, 9, 10, 11, सेक्टर-15ए, 16, ओल्ड फरीदाबाद, हार्डवेयर से प्याली फैक्ट्री चौक, आयशर चौक के पास आदि विभिन्न सड़कें जर्जर हैं।

कई जान ले चुके हैं गड्ढे

राष्ट्रीय राजमार्ग, बाटा चौक पर वर्ष 2010 में मनोज वधवा के तीन वर्षीय बेटे पवित्र की मौत हो गई थी। दो साल पहले पलवली गांव निवासी 40 वर्षीय शारदा भी मास्टर रोड पर एक गड्ढे का शिकार हुई। पिछले साल सेक्टर-64/65 बाईपास के विभाज्य मार्ग पर गड्ढे की वजह से दो हुडा कर्मियों की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई परिवार ऐसे गड्ढों की वजह से आज भी दुख झेल रहे हैं।

बारिश में गड्ढे का नहीं लगता पता

बारिश के समय सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है। इसके बाद यह पता नहीं लगता कि गड्ढे कहां हैं। इससे अक्सर हादसे होते रहते हैं। कई बार वाहन पलट जाते हैं, तो कई वाहनों में खराबी आ जाती है।

आज सर्वाधिक खतरा सड़कों पर बने गड्ढों से है। कई सड़कें ऐसी हैं, जहां प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। इससे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक सवार के साथ दुर्घटना हो जाती है। -संजय भारद्वाज, सदस्य, रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन।

शासन-प्रशासन को सर्वाधिक सड़कों की हालत सुधारने पर ध्यान देने की जरूरत है। सड़कों पर गड्ढे बनने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। यदि गड्ढे से हादसा होता है, तो संबंधित अधिकारी पर केस दर्ज होना चाहिए। -मनीष गौड़, वाहन चालक।

सड़कों पर जहां गड्ढे हैं, उन्हें फिलहाल कच्चे मैटेरियल से भरा जा रहा है। बारिश का मौसम पूरा होने के बाद सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। -वीरेंद्र कर्दम, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम

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Author: Musing India

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