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अखिलेश बनाम शिवपाल
Bureau | August 29, 2021 | 0 Comments

Shivpal Yadav may join Samajwadi Party on Mulayam Singh Yadav birthday

22 नवंबर को समाजवादी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय कर सकते हैं शिवपाल, लखनऊ में बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

2017 के यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी से दूर होने वाले शिवपाल सिंह यादव अब 2022 के चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर एसपी का हिस्सा हो सकते हैं। समाजवादी पार्टी के करीबी सूत्रों के मुताबिक, शिवपाल सिंह यादव के गुट के नेताओं को किस तरह से एसपी संगठन में जगह दी जाए इसपर मंथन शुरू हो गया है। वहीं 22 नवंबर को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में एक बड़ा समारोह करने की तैयारी की जा रही है, जिसमें शिवपाल अपनी पार्टी के विलय की घोषणा कर सकते हैं।

  • उत्तर प्रदेश में अगले साल होने हैं विधानसभा चुनाव
  • पिछले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी से अलग हुए थे शिवपाल सिंह यादव
  • शिवपाल ने बनाई थी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी अब वापस सपा में आने के दे रहे संकेत

यूपी चुनाव से पहले क्या यादव कुनबा (मुलायम सिंह यादव फैमिली) फिर से एकजुट हो रहा है? यह सवाल हर किसी के जेहन में कौंध रहा है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के चीफ शिवपाल सिंह यादव पार्टी ने इसका इशारा भी कर दिया है।

एक टीवी चैनल से बातचीत में शिवपाल यादव ने कहा, ‘मैं पार्टी के विलय के लिए तैयार हूं। लेकिन हमारा और पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ वापसी होनी चाहिए।

‘नेताजी के आदेश पर बनाई पार्टी’

शिवपाल ने कहा, ‘जब हमने पार्टी बनाई… तब नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने ही आदेश दिया था, तभी पार्टी बनाई। नेताजी ने जो आदेश दिया, वही मैंने किया। उनकी बात हमने कभी नहीं टाली।’

…इसलिए लिया फिरोजाबाद से लड़ने का फैसला

शिवपाल सिंह ने बताया, ‘एक बार हमारी प्रफेसर साहब से भेंट हुई। हम और वह साथ दिल्ली जा रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मैंने पार्टी बनाई है। उन्होंने रास्ते में कहा कि ऐसे पार्टी तो मैंने कई बनते देखी है। 500 वोट नहीं मिलेंगे। जहां जाएगी, वहां पिटेगा। तब मैंने यही जवाब दिया था कि पीटना चाहो तो पीट लो, आप बड़े भाई हैं। उसी दिन मैंने फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने का फैसला किया।’

बड़े दलों के साथ अखिलेश ने गठबंधन से किया है इनकार

इससे पहले अखिलेश कई बार साफ तौर पर कह चुके हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में छोटे दलों से तो अजस्टमेंट होगा, लेकिन बड़े दलों के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। यूपी में बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी हाथ मिला चुकी है, हालांकि नतीजे अपेक्षित नहीं रहे थे। ऐसे में अखिलेश ने कहा कि वह अब बड़े दलों के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।

हाल ही में एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में शिवपाल यादव ने कहा, ‘मैं पार्टी के विलय के लिए तैयार हूं। लेकिन हमारा और पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ वापसी होनी चाहिए। शिवपाल ने कहा, ‘जब हमने पार्टी बनाई… तब नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने ही आदेश दिया था, तभी पार्टी बनाई। नेताजी ने जो आदेश दिया, वही मैंने किया। उनकी बात हमने कभी नहीं टाली।’

यूपी में एक वक्त समाजवादी पार्टी से लेकर सरकार तक में शिवपाल यादव की हनक दिखाई देती थी। 2017 के चुनाव में अखिलेश से दूरी के बाद उन्होंने अपने नए दल का गठन किया था। हालांकि उनके करीबी रहे तमाम नेता एसपी में या तो हाशिए पर चले गए थे या उन्होंने नए दल की सदस्यता ले ली थी। माना जा रहा है कि शिवपाल के साथ आने के बाद तमाम छोटे राजनीतिक दल भी एसपी के साथ समझौते में शामिल होकर एक साथ 2022 में चुनाव लड़ सकते हैं।

पूर्वांचल में शिवपाल का प्रभाव

शिवपाल के प्रभाव वाले पूर्वांचल के इलाकों में भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा पूर्व में एसपी से टूटकर निषाद पार्टी का हिस्सा हो गए थे। माना जा रहा था कि एसपी से उनकी दूरी शिवपाल के बाहर जाने के बाद हुई। कुछ दिन पहले विजय मिश्रा रेप के एक आरोप में जेल चले गए, लेकिन उनकी बेटी और भदोही लोकसभा की पूर्व एसपी प्रत्याशी सीमा मिश्रा ने एसपी का हाथ थाम लिया। वहीं वाराणसी में पूर्व राज्यमंत्री रीबू श्रीवास्तव भी शिवपाल गुट की नेताओं में से एक कही जाती थीं। हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही प्रयागराज, कौशांबी और मध्य उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के बड़े नेता एसपी के साथ आ सकते हैं।

मुख्तार परिवार के सदस्य एसपी के साथ

पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के परिवार ने भी एक बार फिर एसपी का दामन थाम लिया है। कभी कौमी एकता दल बनाने वाले मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिगबतुल्लाह अंसारी भी शनिवार को एसपी के सदस्य हो गए हैं। इसके अलावा शिवपाल के बाहर जाने के बाद बीएसपी में जाने वाले पूर्व राजस्व मंत्री और बलिया के बड़े नेता अंबिका चौधरी भी अंसारी के साथ एसपी में शामिल हुए हैं। ये दोनों नेता भी शिवपाल के करीबियों में रहे हैं।

बेटे को जसवंत नगर सीट से उतारने का प्लान

माना जा रहा है कि अपने गुट के तमाम नेताओं की एसपी में वापसी के बाद अब शिवपाल भी समाजवादी झंडा उठाने की तैयारियों में जुट गए हैं। शिवपाल ने बीते दिनों फिरोजाबाद की जसवंत नगर सिंह से अपने बेटे आदित्य को चुनाव लड़वाने का ऐलान कर दिया है। शिवपाल की शर्त ये है कि उनके बेटे को 2022 में एसपी का उम्मीदवार बनाया जाए। जसवंत नगर से पूर्व में मुलायम और शिवपाल दोनों नेता चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि इस बार शिवपाल खुद एसपी के टिकट पर संभल की किसी विधानसभा सीट से दावेदारी कर सकते हैं।

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Author: Bureau

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