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सैकड़ों समर्थकों एवम् नेताओं के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए वरिष्ठ नेता इंद्रजीत सरोज जी का स्वागत ।
Bureau | September 21, 2017 | 0 Comments

Senior BSP leader Indrajit Saroj joined Samajwadi Party with their 280 upporters

सैकड़ों समर्थकों एवम् नेताओं के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए वरिष्ठ नेता इंद्रजीत सरोज जी का स्वागत ।
सैकड़ों समर्थकों एवम् नेताओं के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए वरिष्ठ नेता इंद्रजीत सरोज जी का स्वागत ।

बीएसपी छोड़ इंद्रजीत सरोज ने 280 समर्थकों समेत समाजवादी पार्टी में शामिल हुए

चार बार विधायक रह चुके पूर्व बीएसपी नेता ने कहा कि हम समाजवादी पार्टी के सभी नेताओं को आश्वस्त करते हैं कि हम इतनी मेहनत करेंगे कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में फिर से अखिलेश की सरकार बने.

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज गुरुवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और दूसरे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सरोज, समाजवादी पार्टी में शामिल हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राज में देश में अघोषित आपातकाल है, वैसा ही हाल मायावती की कमान में बीएसपी के अंदर है.

पूर्व मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी में बोलने, उठने, बैठने की आजादी है. वह बिना किसी शर्त के समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे हैं. वह दलितों और दबे-कुचलों के संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे और हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर बीजेपी की पोल खोलेंगे.

प्रदेश की बीजेपी सरकार ने अपने शुरुआती छह महीने में कोई काम नहीं किया: इंद्रजीत सरोज

चार बार विधायक रह चुके पूर्व बीएसपी नेता ने कहा ‘‘हम समाजवादी पार्टी के सभी नेताओं को आश्वस्त करते हैं कि हम इतनी मेहनत करेंगे कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में फिर से अखिलेश की सरकार बने. वैसे, उससे पहले हम 2019 में इसका ट्रेलर दिखाएंगे. प्रदेश की बीजेपी सरकार ने अपने शुरुआती छह महीने में कोई काम नहीं किया. वह दूसरों के विषय में ही बात कर रही है. वे जनता को आगे भी ठगना चाहेंगे.’’

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मौके पर कहा कि वह सदन में गरीबों, दलितों, पिछड़ों और मजलूमों की आवाज को पहुंचाने और लगातार जमीनी स्तर पर काम करने वाले सरोज और उनके तमाम साथियों का पार्टी में स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में आज शामिल हुए लोग इस पार्टी को अपना घर समझें. यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था है और यहां वे अपनी बात रख सकते हैं. वे जिन मूल्यों के लिये संघर्ष करते रहे, इस पार्टी में भी वे उनके लिये जद्दोजहद करके लोगों को न्याय दिला सकते हैं.

बीसएपी से बगावत करने वाले नेताओं की लिस्ट

बीएसपी में बगावत करने वाले नेताओं की लंबी सूची है. इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, ब्रजेश पाठक और आर के चौधरी जैसे मायावती के करीबी लोगों ने बीएसपी छोड दी. मौर्य और पाठक विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे और इस समय वे योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं. चौधरी और सिद्दीकी अब तक किसी दूसरे दल में शामिल नहीं हुए हैं.

हमारे नए साथी देश में नया उदाहरण पेश करेंगे: अखिलेश यादव

अखिलेश ने कहा कि आने वाले समय में जब कभी कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होगा तो सही मायने में देखा जाएगा कि उत्तर प्रदेश की जनता किस तरफ जा रही है. हमें भरोसा है कि हमारे नए साथी देश में नया उदाहरण पेश करेंगे. वे गरीबों दलितों को न्याय दिलाने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आखिर में लड़ाई तो समाजवादियों को ही लड़नी है. इतना काम होना बाकी है. मुकाबला ऐसे लोगों से हैं जिनके पास भ्रामक मुद्दे हैं. पता नहीं चुनाव आते आते कौन सा मुद्दा निकाल दें.

इंद्रजीत सरोज, बीएसपी के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल रहे हैं और वह पासी उपजाति के हैं, जिनकी संख्या उत्तर प्रदेश की दलित आबादी में 15 फीसदी है. बीएसपी के एक नेता ने हालांकि सरोज को अवसरवादी करार दिया और कहा कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती की वजह से सरोज जैसे लोग नेता बने पाए थे.

सरोज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।

सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि वह सदन में गरीबों, दलितों, पिछड़ों और मजलूमों की आवाज को पहुंचाने और लगातार जमीनी काम करने वाले सरोज और उनके तमाम साथियों का पार्टी में स्वागत करते हैं।

उन्होंने कहा कि सपा में आज शामिल हुए लोग इस पार्टी को अपना घर समझों। यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था है और यहां वे अपनी बात रख सकते हैं। वे जिन मूल्यों के लिये संघर्ष करते रहे हैं, इस पार्टी में भी वे उनके लिये जद्दोजहद करके लोगों को न्याय दिला सकते हैं।

अखिलेश ने कहा कि आने वाले समय में जब कभी कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होगा तो सही मायने में देखा जाएगा कि उार प्रदेश की जनता किस तरफ जा रही है। हमें भरोसा है कि हमारे नये साथी देश में नया उदाहरण पेश करेंगे। वे गरीबों दलितों को न्याय दिलाने का काम करेंगे।

भाजपा पर प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उार प्रदेश में आखिर में लड़ाई तो समाजवादियों को ही लड़नी है। इतना काम होना बाकी है। मुकाबला ऐसे लोगों से है जिनके पास भ्रामक मुद्दे हैं। पता नहीं चुनाव आते आते कौन सा मुद्दा निकाल दें।

उन्होंने कहा भाजपा हमें जवाहर बाग की याद दिलाती है लेकिन अपने राम रहीम के बारे में बात नहीं करते हैं। मुझो तो लगता है कि उस मुद्दे को दबाने के लिये कोई और मुद्दा पेश किया है। जनता को बहकाने से रोकने में सरोज और उनके साथी मदद करेंगे।

इंद्रजीत सरोज समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे

– अखिलेश यादव ने कहा- ”हमारे साथ बहुत ही पुराने नेता आए हैं। दलित और गरीबों की आवाज को सदन में पहुंचाने वाले नेता इंद्रजीत सरोज का पार्टी में स्वागत है। जो सहयोगी उनके साथ आए हैं वह भी सीनियर हैं। इन लोगों ने जमीन पर काम किया है। इनका स्वागत है।”

– ”मैं भरोसा दिलाता हूं इस पार्टी को अपना घर समझना। आप यहां अपनी बात रख सकते हैं। यहां लोकतंत्र है। देश तभी बढ़ेगा जब प्रदेश बढ़ेगा। अगर प्रदेश के आंकड़े अच्छे होंगे तो देश का आंकड़ा भी अच्छा होगा। यूपी आबादी के हिसाब से सबसे बड़ा प्रदेश है। हमने कई पीएम दिए हैं इसलिए राजनैतिक रूप से जरूरी हैं।”

– ”इंद्रजीत सरोज समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। डिमांड आपकी बहुत थी, क्योंकि आप जमीनी नेता हैं। यूपी की लड़ाई आखिरी में सपा से होनी है। ऐसे लोगों से मुकाबला है जिनके पास अफीम है। चुनाव आते-आते पता नहीं कौन सा अफीम निकाल दें।”

– ”हमें तो मथुरा याद दिलाते हैं, लेकिन राम रहीम की बात नहीं करते। पता चला हनीप्रीत यूपी के रास्ते से निकल गई। हो सकता है इस मुद्दे को दबाने के लिए कोई और मुद्दा खड़ा कर दें। अब दरवाजे खुल गए हैं अब हमसे मत पूछना किसको ले रहे हैं। किसको नहीं ले रहे हैं।”
हम ताकत बनाकर जीतने वाला काम करेंगे

– अखिलेश ने कहा- ”हम लोग आने वाले समय में ताकत बनाकर जीतने वाला काम करेंगे। जो लोग हमें छोड़ कर गए हैं वह बता दें कि उन्हें क्या प्रसाद मिला है, तो वापसी हो सकती है।”

– ”किसानों को सरकार ने धोखा दिया है। यूपी का विकास इस सरकार ने रोकने का काम किया है।”
अखिलेश प्रगतिशील विचारों के व्यक्ति

– इंद्रजीत सरोज ने आगे कहा- ”बसपा में उसी तरह अघोषित इमरजेंसी है। जैसे मोदी की सरकार में है। मुझ पर बीजेपी और कांग्रेस में जाने का प्रेशर था। लेकिन मैं स्टूडेंट लाइफ से बसपा से जुड़ा था। राष्ट्रीय महासचिव तक था। मैं बीजेपी झूठों की पार्टी में जाने को तैयार नहीं था।”

– ”मैं 5 साल अपने विधानसभा में था मैंने देखा अखिलेश प्रगतिशील विचारों के व्यक्ति हैं। योगी ने छह महीने की उपलब्धि में कुछ नहीं किया। न दिखा पाए।”

As many as 280 rebel Bahujan Samaj Party (BSP) leaders, led by senior politician Indrajeet Saroj, joined the Samajwadi Party (SP) on Thursday.

Calling SP chief and former Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav a “leader with a progressive mind”, he said he and his supporters will now work for the SP and ensure its comeback to power.

Akhilesh Yadav, who was present at the induction ceremony at the party headquarters here, welcomed them into the party fold, saying he had opened the doors of his party for all like-minded people.

“All the leaders are senior and have worked at the grassroots level for the betterment and welfare of Dalits and the weaker sections of the society and the SP will get strengthened by their entry,” he said.

He added that he would strengthen the party and ensure that Yadav became CM after the 2022 state election.

“We will ensure that Akhilesh becomes CM again in 2022, but before that, in 2019, we will show the trailer by winning the maximum seats in the Lok Sabha elections,” he said.

He also took a dig at the Bharatiya Janata Party government in the state, saying that its six months have been a big disappointment for the people of the state as the Yogi Adityanath regime has no achievements to show.

Former Bahujan Samaj Party (BSP) leader and minister Indrajeet Saroj today joined the Samajwadi Party (SP) here in the presence of its chief Akhilesh Yadav.

Speaking at the event Akhilesh Yadav called Saroj a “ground level worker” and said that such political events gives an indication of where the people of the state are going.

Saroj, who was welcomed to the party by the former chief minister, said the SP gave him the freedom to act and speak, unlike his former party BSP.

“As there is an undeclared emergency in the country under the Narendra Modi regime, the same thing is there in the BSP,” Saroj, erstwhile minister in Mayawati’s cabinet told reporters here.

 

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Author: Bureau

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