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Akhilesh Yadav
Bureau | July 24, 2020 | 0 Comments

Sanjeet Yadav kidnapping and murder case in Kanpur

यूपी में संवैधानिक संकट, लगाया जाए राष्ट्रपति शासन : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में अपराधियों का खूनी खेल जारी है। सत्ता संरक्षित अवांछित समाज विरोधी तत्वों को किसी का डर नहीं है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म की घटनाओं की सूचनाएं न आती हों। प्रदेश में कानून का राज नहीं रह गया है। राज्य में संवैधानिक संकट के कारण राष्ट्रपति शासन लगना आवश्यक है।

अखिलेश ने कहा कि कानपुर में 22 जून को अपहृत युवक संजीत यादव की हत्या नहीं हुई, यह समूची कानून व्यवस्था की हत्या है। अभी तक उसकी लाश का बरामद न हो पाना पुलिस की अकर्मण्यता और घोर लापरवाही का नतीजा है। अपने इकलौते पुत्र को खोने वाले पीड़ित परिवार में संजीत की मां सुषमा को सपा की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में संजीत यादव के घर जाकर 5 लाख रुपये का चेक दिया। सपा की मांग है कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार की 50 लाख रुपये की मदद करे।

‘अपराधों की बढ़ोतरी ही भाजपा शासन की एक मात्र उपलब्धि’

सपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश में अपराधों की बढ़ोतरी ही भाजपा शासन की एक मात्र उपलब्धि रही है। माफियाओं, गुंडो की साठगांठ सत्तारूढ़ दल के नेताओं से है। पुलिस भी उनसे अपनी भागीदारी निभाती है।

अभी कानपुर नगर के बिकरू गांव में जो भयानक कांड हुआ उससे इसी तथ्य की पुष्टि होती है। संजीत यादव के अपहरण के बाद फिरौती की रकम 30 लाख रुपये भी बदमाश पुलिस के सामने से ही लेकर फरार हो गए। खाकी के लिए क्या यह शर्म की बात नहीं है?

बता दें कि कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर  किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी।

इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे पर लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया।

चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया। इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लैब असिस्टेंट की हत्या पर प्रियंका गांधी का हमला, कहा-‘यूपी में दम तोड़ चुकी है कानून व्यवस्था’

कानपुर के बर्रा के लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या के मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और अब उनकी हत्या कर दी गई। एक नया गुंडाराज आया है। 

प्रियंका गांधी ने लिखा कि यूपी में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है। घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता। विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या। 

खबरों के मुताबिक पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और अब उनकी हत्या कर दी गई। एक नया गुंडाराज आया है। इस जंगलराज में कानून-व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है।

कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर  किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे पर लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया। 

चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया।

तीन दिन बाद 29 जून की शाम को संजीत के पिता चमन सिंह यादव को फोन कर फिरौती मांगी गई। परिजनों ने पुलिस के कहने पर मकान, जेवर बादि बेचकर जैसे तैसे 30 लाख रुपयों की व्यवस्था की और 13 जुलाई को अपहर्ताओं के सौंप दिए लेकिन पुलिस अपहर्ताओं को नहीं पकड़ पाई और वे 30 लाख लेकर भाग गए थे।

संजीत को घर से डेढ़ किमी दूर दोस्तों ने बना रखा था बंधक, आधे-आधे घंटे फोन पर बात, पुलिस नहीं ढूंढ पाई लोकेशन

कानपुर के बर्रा में हुए अपहरण कांड में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। संजीत का अपहरण करने के बाद उसके दोस्तों ने घर से मात्र डेढ़ किमी की दूरी पर एक किराए का कमरा लेकर उसे बंधक बनाकर रखा था। इस दौरान अपहरणकर्ता आधे आधे घंटे तक फोन पर बात करते थे लेकिन सर्विलांस टीम उनकी लोकेशन नहीं ढूंढ सकी।

बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर  किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी।

बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया।

इसके बाद उसे बंधक बना लिया। चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया।

तीन दिन बाद 29 जून की शाम को संजीत के पिता चमन सिंह यादव को फोन कर फिरौती मांगी गई। परिजनों ने पुलिस के कहने पर मकान, जेवर बादि बेचकर जैसे तैसे 30 लाख रुपयों की व्यवस्था की और 13 जुलाई को अपहर्ताओं के सौंप दिए लेकिन पुलिस अपहर्ताओं को नहीं पकड़ पाई और वे 30 लाख लेकर भाग गए।

कानपुर अपहरण कांड: अखिलेश बोले- यूपी में जंगलराज, चेतावनी के बाद भी निष्क्रिय रही सरकार

कानपुर में संजीत यादव के अपहरण व हत्या के मामले ने प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था को एक बार फिर उजागर कर दिया है। संजीत का अपहरण किया गया उसकी हत्या कर दी गई और फिर उसके परिवार से फिरौती वसूली गई। वारदात के खुलासे से जनता में आक्रोश है। हालांकि सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा चेतावनी के बाद भी सरकार निष्क्रिय रही। सरकार को परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए।

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कानपुर से अपहृत इकलौते बेटे की मौत की खबर दुखद है। चेतावनी देने के बाद भी सरकार निष्क्रिय रही। अब सरकार 50 लाख का मुआवज़ा दे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पांच लाख रुपये का मुआवजा देगी।

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