Blog

फरीदाबाद
Bureau | March 1, 2022 | 0 Comments

Residents of SRS Royal Hills Greater Faridabad demonstrated after getting ED Notice to vacate the flat

एसआरएस रायल हिल्स सोसायटी के फ्लैट खाली करने का नोटिस मिलने पर सोसाइटी वासियों ने किया प्रदर्शन

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद की एसआरएस रॉयल हिल्स सोसाइटी में रह रहे करीब 1400 फ्लैट धारकों की नींद उड़ गई है। सभी में परिवार रह रहे हैं। उन्हें अपना घर छिनने का डर सता रहा है। शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने सोसायटी में नोटिस चस्पा किए हैं। सोसायटी के निवासियों को फ्लैट खाली करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। इन नोटिस को चस्पा किए जाने से सोसायटी में हड़कंप मच गया है। ऐसे में लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।

लिहाजा सोमवार को लोगों ने सेक्टर-16 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों से पूछा कि हम लोगों के फ्लैट्स के मालिक कौन हैं, कैनरा बैंक, एसबीआई, ईडी या फिर वे खुद। लोगों का आरोप है कि इसमें लाखों खर्च कर दिए, अधिकांश अभी तक किस्त भी भर रहे हैं, फिर भी बिल्डर की लापरवाही की सजा उन्हें मिल रही है। इससे निजात दिलाई जाए। नौकरी करना मुश्किल हो गया है, रातों की नींद उड़ गई है।

प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों ने कहा कि उन्होंने सात-आठ साल पहले फ्लैट खरीदे थे। अधिकांश: फ्लैट्स की कीमत 40 लाख रुपये या इसके आसपास है। बैंक से ऋण लेने के साथ जैसे तैसे पैसे जुटाकर अपना घर का सपना पूरा किया। ऋण की किस्त भी समय पर भर रहे हैं लेकिन अब ईडी के नोटिस ने परेशानी बढ़ा दी है। घर में बच्चे-बुजुर्ग समेत सभी सदस्य चिंतित हैं। घर खोने के डर से वह न तो सही से खा पा रहे हैं और न ही सो पा रहे हैं। बिल्डर, बैंक आदि की लापरवाही ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।

बिल्डर की लापरवाही की सजा फ्लैटधारकों को उठानी पड़ रही है इसलिए सोमवार को एसबीआई पहुंचे। बैंक अधिकारी से मुलाकात कर समस्या के निस्तारण की मांग की है। बैंक अधिकारी ने आश्वासन दिया है। पारस भारद्वाज, स्थानीय निवासी

हमें पता नहीं कि हमारे फ्लैट्स के मालिक कौन हैं। पहले बैंक ने नोटिस दिया, अब ईडी दे रहा है। परेशानी बढ़ गई है। रात की नींद उड़ गई है। – ललित कुमार, स्थानीय निवासी

हम कह नहीं सकते कि यह हमारा घर है। पहले केनरा बैंक वालों ने नोटिस चस्पाया। अब ईडी दबाव बना रहा है। लोगों ने एसबीआई से लोन लिया है। कागजों को जांच करने पर ही लोन दिया गया है। ऐसे में बिल्डर पर दबाव नहीं बनाकर फ्लैट धारकों पर दबाव बनाया जा रहा है। – कुणाल गांगुली, स्थानीय निवासी

हम लोग प्रताड़ित हैं। पहले बिल्डर ने परेशान किया। अब बैंक और ईडी परेशान कर रहे हैं। बिल्डर व अधिकारियों की लापरवाही की सजा हम लोग भुगत रहे हैं। हमें न्याय मिलना चाहिए। – मनीष, स्थानीय निवासी

Bureau
Author: Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published.