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नीरव मोदी
Bureau | February 16, 2018 | 0 Comments

PNB fraud scam accused Nirav Modi has high connections

नीरव मोदी
नीरव मोदी

‘मनमोहन के कार्यकाल से शुरू हुआ था PNB घोटाला, मोदी सरकार में 50 गुना बढ़ा’

इलाहाबाद बैंक के पूर्व डायरेक्टर दिनेश दुबे ने सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे बड़े बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) फ्रॉड मामले में कई खुलासे किए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में दुबे ने कहा ‘मैंने 2013 में ही यूपीए सरकार और आरबीआई को गीतांजलि जेम्स पर डिसेन्ट नोट दिया था। लेकिन इस सब के बावजूद भी कोई सचेत नहीं हुआ। लोन का विरोध करने पर मुझपर दबाव था इसलिए मैंने बाद में इस्तीफा दे दिया। जिसका नतीजा यह निकला कि यूपीए सरकार से चला आ रहा कांड आज एनडीए सरकार में 10 से 50 गुना बढ़ गया।

गीतांजलि जेम्स को गलत तरीके से दिए जा रहे लोन पर आवाज उठाने वाले दुबे ने बताया कि ‘पीएनबी घोटाले की नींव 2013 में इलाहाबाद बैंक की निदेशक मंडल की बैठक में ही रख दी गई थी। मैं भी सरकार की तरफ से उस बैठक में शामिल हुआ था। जिसमें गीतांजलि ज्वेलर्स के मालिक मेहुल चोसकी भी मौजूद थे। जिसमें उन्हें 550 करोड़ देने की मंजूरी दी गई थी। हालांकि इसका विरोध करने पर मुझे बाद में काफी धमकाया और डराया भी गया।’

घोटाला पकड़े जाने से पहले ही फरार

पीएनबी में घोटाला उजागर होने से पहले ही कारोबारी नीरव मोदी 1 जनवरी को देश छोड़कर चला गया। बैंक ने उसके खिलाफ सीबीआई में 29 जनवरी को 280 करोड़ रुपये के घोटाले की शिकायत दर्ज करवाई थी। बाद में बैंक की जांच में यह घोटाला 114 अरब रुपये का निकला, जिसके संबंध में बैंक ने सीबीआई में दो शिकायतें दर्ज करवाई हैं।

सीबीआई के अनुसार नीरव का भाई निशाल भी उसके साथ ही विदेश भाग गया, जबकि उसकी पत्नी एमी और पार्टनर मेहुल चोकसी 6 जनवरी को फरार हुए। सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने के बाद इन चारों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया बाद में इंटरपोल की मदद से डिफ्यूजन नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के बाद देश के किसी भी एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नीरव भारतीय नागरिक है लेकिन उसकी पत्नी और भाई क्रमश: बेल्जियम और अमेरिका के नागरिक हैं।

PNB घोटाले का कॉकटेल और कैसे खुली पोल, ऊंची पहुंच रखने वाले डायमंड किंग नीरव मोदी की पूरी कहानी

पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंक को बड़ा चूना लगाने वाले डायमंड किंग नीरव मोदी काफी ऊंची पहुंच रखते हैं। वह देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के रिश्तेदार हैं। स्व. धीरुभाई अंबानी की बेटी दीप्ति सलगांवकर की बेटी इशिता सलगांवकर का विवाह नीरव मोदी के परिवार में उनके छोटे भाई से हुआ है। मुंबई से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इशिता की शादी को लेकर मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी बहुत उत्साहित थे। इशिता का विवाह 04 दिसंबर 2016 को गोवा में हुआ था। इशिता दत्ताराज सलगांवकर और दीप्ति सलगांवकर की बेटी हैं। नीरव मोदी की पत्नी एमी हैं।

एमी अमेरिका की नागरिक हैं। बताते हैं इस रसूख ने नीरव मोदी के परिवार के व्यापार को आगे बढ़ाने में काफी मदद पहुंचाई है। कहा तो यहां तक जाता है कि इशिता की मंगनी मुकेश अंबानी के मुंबई में बने आलीशान एंटिला बंगले में हुई थी।

इस मंगनी में जानी मानी हस्तियां शरीक हुई थी। वहीं मेहुल चीनूभाई चौकसी के बारे में कहा जाता है कि वह नीरव मोदी के रिश्ते में चाचा हैं। हालांकि नीरव मोदी के परिवार के बारे में कहा जाता है कि वह हीरे के कारोबार से काफी पहले से जुड़े है।

क्या है घोटाले का कॉकटेल

नीरव मोदी और अन्य ने अपने कद, प्रभाव और पैसे का इस्तेमाल करके पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों से एलओआई (लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग) हासिल कर लिया था।

यह एक वह पत्र होता है जो बैंक ग्राहक का गारंटर बनकर देता है। अर्थात बैंक के इस पत्र के आधार पर उस बैंक की किसी भी शाखा से आसानी से ऋण लिया जा सकता है। इतना ही नहीं दूसरे बैंक भी पत्र का सम्मान करते हैं और आसानी से ऋण दे देते हैं।

एक शीर्ष बैंक के प्रबंधक के अनुसार बैंक उद्योगपतियों, कारोबारियों के कामकाज को सुचारु रूप चलाने में आसानी के लिए ऐसा करता है। यह एक तरह से अच्छे समय पर ऋण चुकाने वाले कारोबार में आर्थिक रुप से सक्षम उपभोक्ताओं की पहचान कराता है।

माना जा रहा है कि नीरव मोदी एंड कंपनी ने इसके जरिए विदेशों में और दूसरी बैंकों से भी लोन का लेन-देन शुरू किया। वह समय पर इसे चुकाते भी रहे।

समझा जा रहा है कि कुछ समय पहले बैंक के अधिकारियों ने इस तरह का पत्र आगे जारी करने से मना कर दिया। इसके पीछे बैंक से जुड़े लोग दो तरह का अनुमान लगा रहे हैं।

पहला तो यह कि अधिकारियों ने एलओआई जारी करने के लिए रिश्वत की राशि बढ़ा दी होगी और कारोबारियों के साथ सहमति नहीं बन पाई होगी और दूसरा यह कि कोई बैंक का बड़ा अफसर ईमानदार आ गया होगा। इस तरह से यह प्रक्रिया टूट गई। नीरव मोदी और उनसे जुड़ी कंपनियों ने लोन का भुगतान भी रोक लिया होगा।

कैसे खुली पीएनबी घोटाले की पोल?

कैसे खुली पोल

कांग्रेस पार्टी भी दावा कर रही है कि प्रधानमंत्री कार्यालय को नीरव मोदी धोखाधड़ी प्रकरण के शुरुआत की जानकारी 26 जुलाई 2016 से थी। हालांकि तब नीरव मोदी और मुकेश अंबानी की रिश्तेदारी नहीं बनी थी।
नीरव मोदी की कंपनी के आऊटलेट दिल्ली, मुंबई, लंदन, न्यूयार्क, हांगकांग, मास्को आदि विश्वस्तरीय शहरों में थे। समझा जा रहा है कि पंजाब नेशनल बैंक की क्रेडिट लाइन के सहारे नीरव मोदी एंड कंपनी ने वहां भी ऋण लिए होंगे। उसका समय पर भुगतान नहीं किया होगा।

समय सीमा पार होने के बाद और नया एलओआई न देने पाने के बाद इस बारे में देश के बाहर की बैंको की तरफ शिकायत आई। यह शिकायत भारतीय रिजर्व बैंक को भी आई। इस बीच पिछले कुछ सालों से एनपीए को लेकर संवेदनशील हो रही सरकार और रिजर्व बैंक के रवैये के कारण पंजाब नेशनल बैंक को अपना तरीका ठीक करना पड़ा और भांडा फूट गया।

क्या होगा आगे

शेयर बाजार में बैंकिंग क्षेत्र के शेयर गोता लगा रहे हैं। पंजाब नेशनल बैंक के शेयर 10 प्रतिशत से अधिक का गोता लगा चुके हैं। इसके अलावा एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक के कारोबार को भी नुकसान पहुंचा सकता है। शेयर बाजार में इस तरह का ट्रेंड भी देखने में आ रहा है। हालांकि केन्द्र सरकार ने इस बारे में बैंकिंग सचिव राजीव कुमार से सफाई दिलवाई है। राजीव कुमार कहा है कि इसका असर अन्य बैंको के कारोबार पर नहीं पड़ेगा। लेकिन वहीं वित्त मंत्रालय तथा बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारी कुछ और ही चुगली कर रहे हैं। वहीं केन्द्र सरकार इस घोटाले को लेकर फिलहाल उच्च स्तर की सतर्कता और सख्ती करती प्रतीत हो रही है।

इन लोगों पर है जांच एजेंसी की नजर
नीरव मोदी और उनकी पत्नी एमी
निशाल मोदी और उनकी पत्नी इशिता
मेहुल चीनूभाई चौकसी
इनसे जुड़ी हीरे, जवाहरात और गहने की कंपनियां
पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी

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Author: Bureau

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