Blog

पंडित विकास दुबे
Bureau | July 11, 2020 | 0 Comments

Minister who gave Vikas Dubey a guarantee of not having an encounter

Kanpur Encounter: बड़ा खुलासा- मंत्री का हाथ, कारोबारी का साथ और वकील का दिमाग…विकास ने उगले थे कई सच

दहशतगर्द विकास दुबे को एक मंत्री ने शरण दी। कारोबारी का भी उसे साथ मिला और वो वकील के दिमाग से चलता रहा। उससे पूछताछ करने में शामिल कानपुर पुलिस के एक अधिकारी ने इसका खुलासा किया। योजना बनाकर उसे महाकाल मंदिर भेजकर उसकी गिरफ्तारी कराई गई।

नेताओं को ढाल बनाकर ही वो इतने दिनों तक फरार घूमता रहा। विकास दुबे से पूछताछ में राजनीतिक संरक्षण की पुष्टि हुई है। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक विकास के यूपी, मध्य प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों के नेताओं से संबंध थे जिसका उसने हमेशा अपराधों में उनका इस्तेमाल किया। उनकी शह पर वारदातों को अंजाम दिया और बचता रहा। इस बार भी वही हुआ।

वारदात की जानकारी कुछ ही घंटे में उसके हर एक करीबी हो गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम में विकास का साथ दिया है। मंत्री ने उसको भरोसा दिया था कि उसे वो बचा लेंगे। इसी भरोसे में वो एक वकील के इशारों पर इधर से उधर भागता रहा। शहर और मध्य प्रदेश के एक बड़े शराब कारोबारी ने उसका साथ दिया।
 
एनकाउंटर न होने की थी गारंटी 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंत्री ने विकास से कहा था कि उसे एनकाउंटर से बचा लेंगे। बस या तो वो कोर्ट में सरेंडर कर दे या फिर सार्वजनिक तौर पर गिरफ्तार हो जाए, जो मीडिया में वायरल हो जाए। विकास कोर्ट में सरेंडर करने से खौफ खा रहा था। इसलिए मंत्री, वकील और कारोबारी ने उसको आइडिया दिया कि यूपी के अलावा किसी दूसरे राज्य में सार्वजनिक गिरफ्तारी दे दे। इसके लिए मध्य प्रदेश को चुना। मंत्री जी का मध्य प्रदेश में दबदबा भी है। तय योजना के तहत सब हुआ भी। विकास ने सीसीटीवी से लैस महाकाल मंदिर में गिरफ्तारी दी और शोर मचाकर अपना नाम भी बताया।

उज्जैन के जिस थाना क्षेत्र में विकास दुबे गिरफ्तार हुआ वहां के थानेदार और सर्किल ऑफिसर को एक दिन पहले ही शाम को हटाया गया था। इससे बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आशंका है कि साजिश के तहत गिरफ्तारी कराने के लिए खास थानेदार व सीओ को पोस्ट किया गया। उसके बाद गिरफ्तारी हुई। ऐसे कई सवाल हैं जो अनसुलझे हैं।

विकास की लाश देख चीख उठी रिचा, बोली मैं चलाऊंगी बंदूक…जिसने मरवाया, जिसने मारा अब सब मरेंगे

मेरे पति को मार कर तुम सबने ठीक नहीं किया। अब मैं खुद चलाऊंगी बंदूक…पति को जिसने मरवाया है, जिसने मारा है…सब मरेंगे। ये शब्द शुक्रवार को भैरवघाट में विकास दुबे के अंतिम संस्कार में पहुंची पत्नी रिचा के हैं। पति की मौत के बाद उसका गुस्सा पुलिस, प्रशासन और मीडिया पर साफ तौर से देखने को मिला। 

अंतिम संस्कार के लिए जाते वक्त मीडिया ने उससे अपना पक्ष रखने को कहा। इस बात से वो आक्रोशित हो गई और धमकी दी। वहीं, पुलिस के कहने पर भी विकास के अंतिम संस्कार में उसके माता-पिता ने शामिल होने से इंकार कर दिया। विकास के शव का पोस्टमार्टम कराने के काफी देर बाद तक पुलिस को शव का कोई दावेदार नहीं मिला।

शाम को शिवली से विकास के बहनोई दिनेश तिवारी पोस्टमार्टम वाली जगह पहुंचे और अपनी सुपुर्दगी में शव लिया। यहां से शव को सीधे भैरवघाट स्थित विद्युत शवदाह गृह ले जाया गया। लखनऊ से विकास की पत्नी रिचा, बेटा, मामी व बिकरू से रिश्तेदारी की तीन अन्य महिलाएं पहुंचीं। मीडिया ने रिचा से बिकरू में आठ पुलिस की हत्या के संबंध में सवाल किए तो वह भड़क उठी।

जोर-जोर से चिल्ला कर कहा कि तुम सबने मिलकर मेरे पति को मरवा दिया। जिसने जैसा किया है, उसको वैसा ही परिणाम भुगतने तक की धमकी दी। एसपी पूर्वी राजकुमार ने पुलिसकर्मियों को उसे वहां से ले जाने के निर्देश दिए। करीब आधे घंटे में शव का अंतिम संस्कार कराने के बाद रिचा, बेटे व मामी के साथ तीन कारों से लखनऊ रवाना हो गई, जबकि तीन अन्य महिलाएं भी गांव के लिए निकल गईं।

बता दें कि शुक्रवार सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास को एसटीएफ ने मुठभेड़ ने मार गिराया। एसटीएफ ने बताया कि अचानक रास्ते में गाय भैंस का झुंड आने की वजह से गाड़ी पलट गई जिसका फायदा विकास ने उठाया और एसओ की पिस्टल छीन कर भागा। पुलिस ने रोका तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी हमले में उसे मार गिराया गया।

मुठभेड़ में पहले ही मारे जा चुके विकास दुबे के मामा प्रेमप्रकाश पांडेय की बहू मनु ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए राजनीतिक गंदगी को जिम्मेदार ठहराया है। विकास के मारे जाने के बाद शुक्रवार को उन्होंने कहा कि नेता लोग सब बच गए, लेकिन उनके लिए काम करने वाले मारे जा रहे हैं।

ढाल बने रहे हर दल के नेता

90 के दशक में अपराध जगत में सक्रिय होने के साथ ही विकास को सबसे पहले कांग्रेस, फिर भाजपा और फिर बसपा से जुड़े एक नेता (भाजपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष भी रहे) की सियासी सरपरस्ती मिली। इसके बाद भाजपा से सांसद रहे एक व्यापारी नेता, कल्याण सिंह सरकार में मंत्री रहीं एक नेत्री, कांग्रेस से विधायक रहे शहर के एक नेता विकास की ढाल बने रहे। सभी का मकसद सिर्फ विकास के प्रभाव वाले क्षेत्र में ब्राह्मण वोट बैंक को अपने पाले में करना रहा।

मध्यप्रदेश भाजपा तक रहा कनेक्शन

वर्ष-2017 में सूबे में भाजपा की सरकार बनी तो पार्टी के कई विधायकों और मंत्रियों से उसने नजदीकी बना ली। इस फेहरिस्त में पार्टी के नेता भी शामिल हैं। इस दौरान भाजपा में एंट्री दिलाने के लिए इन नेताओं ने विकास की पैरवी भी की। बिकरू कांड के बाद उज्जैन में गिरफ्तारी के पीछे भी मध्यप्रदेश के एक कद्दावर नेता की भूमिका चर्चा में रही। भाजपा के दो विधायक उसके बेहद करीबी हैं। वहीं सांसद भी उसके रुतबे के कायल थे। चुनाव हो या किसी अन्य मामले में समर्थन की जरूरत पड़े तो ये सभी जनप्रतिनिधि विकास का दरवाजा जरूर खटखटाते थे। विधायक, सांसद, प्रदेश अध्यक्ष या अन्य किसी पद पर बैठे पार्टी के लोग विकास दुबे के करीबी रहे हैं। विकास जो कहता था वो ये करते थे। पार्टी में फंड भी देता था।

Bureau
Author: Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published.