Blog

Manjhawali Bridge
Bureau | December 20, 2021 | 0 Comments

Manjhawali bridge could not be built even 700 meters in seven years

सात साल में 700 मीटर भी नहीं बन पाया मंझावली पुल, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए किया जा रहा है तैयार

ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनाए जा रहे मंझावली पुल का निर्माण कार्य सात साल में 700 मीटर भी पूरा नहीं हो सका है। सभी लोग पुल के जल्द आवागमन के लिए चालू होने की उम्मीद कर रहे हैं। धरातल पर स्थिति काफी अलग है। संवाददाता ने पुल की पड़ताल की। इस दौरान देखा कि यमुना में पिलर बनाने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। अब तक मात्र 50 मीटर पर ही गार्टर रखे जा सकें। पुल को गांव से बाहर निकालने के लिए बनाए जाने वाले बाईपास रोड के लिए अभी तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। यही स्थिति नोएडा क्षेत्र की बनी हुई है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अधिकारियों के अप्रैल 2022 तक निमार्ण कार्य पूरा करने के दावे कितने सटीक साबित होंगे। यह देखने योग्य होगा।

मंझावली में पुल निर्माण की आधारशिला 15 अगस्त 2014 को रखी गई थी। पुल निर्माण पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे एक साल में बनकर तैयार होना था। लेकिन सात साल से पुल का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। यमुना में कुल 11 पिलर बनाए जाने हैं। अब तक नौ बने हैं। इनमें से तीन के ऊपर बी सेप पिलर्स रखने का काम पूरा किया गया है। कारपेट, गाइडबंद, फिनिशिंग के अलावा यमुना के दोनों तरफ पुल को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाली सड़क का काम अधूरा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंझावली और नोएडा क्षेत्र में अभी जमीन अधिग्रहण का काम शुरू नहीं हुआ है। वर्षों से केवल पुल बन रहा है। हालांकि मौके पर काम जरूर चल रहा था लेकिन वह बेहद धीमी गति से किया जा रहा है।

47 गांवों की जमीन करनी है अधिग्रहण

मंझावली पुल को शहर से जोड़ने के लिए गांव के बाहर से बाईपास बनाना है। इसके लिए मंझावली गांव सहित आसपास के कई गांवों की करीब 47 एकड़ जमीन अधिग्रहण करनी है। पुल को शहर से जोड़ने के लिए खरीदी जाने वाली जमीन का 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। इस वजह से सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू नहीं किया जा सका है। यह पुल केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मंझावली पुल ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद को आपस में जोड़ने का काम करेगा। निर्माण पूरा करने के लिए अप्रैल 2022 की अवधि निर्धारित की गई है। पुल की पड़ताल के बाद संवाददाता ने नोएडा क्षेत्र में पहुंचे। यहां अभी सड़क का काम भी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। नोएडा से फरीदाबाद आवाजाही करने वाले लोगों ने बताया कि पुल बनाने के लिए यमुना पर अस्थायी पुल बनाया गया है। इससे जरूरी थोड़ी राहत मिली है।

Bureau
Author: Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published.