Blog

किसान क्रांति
Bureau | October 4, 2021 | 0 Comments

Lakhimpur Kheri Violence: Union Minister Ajay Kumar Mishra’s son’s car trampled farmers struggled eight died

लखीमपुर खीरी आंखों देखी – कुचलती चली गईं मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ियां, चीखें निकलीं तो मौत का मंजर सामने आया

चंद मिनटों में मौत का ऐसा मंजर सामने आया जिसे बयां करते-करते किसानों की आंख में आक्रोश भरे आंसू आ जाते हैं। पीलीभीत जिले के पूरनपुर के तमाम किसान लखीमपुर जिले में घटनास्थल पर मौजूद थे। किसानों ने बताया कि गाड़ियां किसानों को कुचलते हुए आगे बढ़ रही थीं। चीखे निकलीं तो मौत का मंजर सामने आ गया।

रविवार का दिन था। उस वक्त तीन से साढ़े तीन बजे का समय रहा होगा। मैं पूरनपुर क्षेत्र के किसानों के संग करीब था। तिकुनिया के अग्रसेन क्रीडा स्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता थे। तमाम किसान सड़क के किनारे मंत्री का विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकत्र थे। कई किसान हाथों में काले झंडे लिए हुए थे। वे रुक-रुक कर नारेबाजी कर रहे मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी और पुलिसकर्मी हमसे कह रहे थे कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर लेना लेकिन अचानक तेज रफ्तार के साथ दो तीन गाड़ियां आईं। सड़क के किनारे खड़े किसानों को कुचलती हुईं चली गईं। इसमें दो गाड़ियां किसानों को कुचलने के बाद अपना संतुलन खो बैठीं और पलट गईं। गोलियां चलने की आवाज भी आईं। मौके पर भगदड़ मच गई। घायल किसानों को उठाया और पुलिस और प्रशासन की गाड़ियों से अस्पताल भेजा गया। कुलवंत सिंह, भाकियू के तहसील स्तरीय पदाधिकारीमौत के मंजर से मचा था कोहराम

मैंने अपनी आंखों से पूरा मंजर देेखा है। किसानों की सभा समापन की ओर थी और किसान अपने-अपने घरों की ओर जाने वाले थे। प्रशासन ने भी विरोध-प्रदर्शन के चलते मंत्री के काफिले का रूट डायवर्ट कर दिया था लेकिन अचानक तीन लग्जरी गाड़ियां आईं। इन गाड़ियों ने सड़क के किनारे खड़े किसानों को कुचला तो लोग जान बचाने के लिए खेतों की और दौड़ पड़े। कई लोग नाले में गिर गए। ऐसा लगता कि मंत्री किसानों को सबक सिखाने के लिए जो बयान दिया था, उसी बयान को उनके बेटे ने सच कर दिखाया। जब किसानों को कुचला गया तब मैं करीब 100 मीटर की दूरी पर था मैंने देखा कि सड़क पर भगदड़ है। मैं गया तो देखा कि किसान शहीद हो गए है और कुचलने वालों की भी गाड़ी पलट गई दिलबाग सिंह, किसान, पूरनपुर

काले झंडे दिखाने की वजह से कुचला गया किसानों को

जहां किसानों को कुचला गया मैं उसके करीब ही सभा स्थल पर अपने आठ-दस कार्यकर्ताओं के संग में था। कार्यकर्ता काले झंडे दिखाने के लिए खड़े थे। तभी मैंने देखा कि खुली गाड़ी में शस्त्र लहराते हुए कुछ लोग निकल रहे हैं। जब किसानों ने काले झंडे दिखाकर नारेबाजी की तो उन्हें कुचल दिया गया। कुचले जाने से भगदड़ मची और इसके बाद वे गाड़ियां भी पलट गईं जिन्होंने किसानों को कुचला था। ऐसा लगता है किसानों को जानबूझकर मारा गया है। देवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू महाशक्ति

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसानों को कुचला गया

किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। कोई किसान सड़क पर नहीं था। सभी किसान सड़क के किनारे चल रहे थे। घरों को जाने की तैयारी थी क्योंकि किसानों की सभा खत्म हो गई थी। अचानक आई गाड़ियों के काफिले उन्हें कुचला है। अफरातफरी मची। जो कुचल गए थे। उन्हें उठाने के साथ घायलों को भी उठाया। लेकिन भगदड़ के माहौल में कई किसान खेतों और नाले में भी गिरे। ऐसा मौत का मंजर देखा कि दिल सिहर उठता है। पूरा मंजर पुलिस और प्रशासन ने भी देखा है। गुरप्रीत सिंह, पूरनपुर

किसानों को मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र, की गाड़ी ने रौंदा, संघर्ष, आठ मरे

  • डिप्टी सीएम के कार्यक्रम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे किसान
  • बोले- केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र ने चढ़ाई कार

मरने वालों में चार किसान, मंत्री के बेटे आशीष मिश्र, का चालक और तीन भाजपा कार्यकर्ता

  • केंद्रीय मंत्री ने कहा- कार में नहीं था बेटा चालक को पत्थर लगने से हुआ हादसा
  • कृषि कानून के विरोध में उपमुख्यमंत्री का कार्यक्रम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे किसान

कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को हिंसक टकराव हो गया। तिकुनिया कस्बे में हुए बवाल के दौरान मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए गुस्साए किसानों ने मंत्री के बेटे की गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। मंत्री के बेटे ने खेतों में भागकर जान बचाई, लेकिन इस दौरान हुई पिटाई से चालक सहित चार अन्य की भी मौत हो गई। दस से ज्यादा घायल किसानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसान तेजिंदर सिंह विर्क की हालत गंभीर बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने मंत्री के बेटे के काफिले को रोका तो नारे लगाते हुए उन पर गाड़ी चढ़ा दी गई। बवाल के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत के दिल्ली से कूच करने की सूचना के बाद किसानों ने कस्बे के इंटर कॉलेज में मृत किसानों के शव रखकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए। शासन ने लखनऊ से पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर भेज दिए। किसान नेताओं ने कहा कि मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी होने तक वे वहीं डटे रहेंगे। एसपी विजय ढुल ने घटना को हादसा बताते हुए आठ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की।

देर शाम जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का कहना है कि हंगामे के दौरान चालक को पत्थर लगने से गाड़ी अनियंत्रित होकर किसानों पर चढ़ने से हादसा हुआ। उनके बेटे आशीष मिश्र का कहना है कि वह खुद गाड़ी में नहीं थे। उनके कार्यकर्ता तीन वाहनों से उपमुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जा रहे थे।

दरअसल, कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले एक सप्ताह से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का भी विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन को लेकर गलत टिप्पणी की थी। इसी वजह से किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए खीरी के पास के ही कस्बे तिकुनिया में हेलीपैड के पास इकट्ठे हुए थे। विरोध की आशंका को देखते हुए उपमुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से न आकर सड़क मार्ग से खीरी पहुंचे। उन्होंने दोपहर करीब 12 बजे विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव बनवीरपुर में एक दंगल का उद्घाटन करने जाना था। रास्ते में तिकुनिया में ही लखीमपुर और आसपास के जिलों के किसान विरोध करने के लिए भारी संख्या इकट्ठा हो गए।

बयान से शुरु हुआ विवादः केंद्रीय मंत्री ने कहा था, सुधर जाओ वरना सुधार देंगे

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र को 26 सितंबर को लखीमपुर जाते समय किसानों ने काले झंडे दिखाए थे। मिश्र इससे खफा हो गए। उन्होंने जनसभा मंें कहा- अगर हम कार से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। कृषि कानून के खिलाफ केवल 10-15 लोग शोर मचा रहे हैं। सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे दो मिनट लगेंगे। किसान एक सप्ताह से टिप्पणी का विरोध कर रहे हैं।  

मौर्य न जा पाएं… इसलिए पहले हेलीपैड कब्जाया, फिर सड़क पर जमा हुए किसान

उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य रविवार को मिश्र के गांव बनवीरपुर में विकास योजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे थे। उनका हेलिकॉप्टर न उतरे इसलिए किसानों ने हेलीपैड कब्जा लिया। इस कारण मौर्य सड़क मार्ग से खीरी पहुंचे। दोपहर 12 बजे शिलान्यास हुआ। इसके बाद मिश्र को दंगल का उद्घाटन करना था। रास्ते में तिकुनिया में किसान बड़ी संख्या जमा थे, तो मौर्य का रूट बदल दिया गया। यहीं पर मंत्री के बेटे और किसानों में विवाद शुरू हुआ।

किसानों ने दी मंत्री के बेटे के खिलाफ तहरीर

चार मृत किसानों के शव रखकर किसान तिकुनिया के अग्रसेन इंटर कॉलेज के मैदान में किसान देर रात तक डटे रहे। आईजी लक्ष्मी सिंह ने पोस्टमार्टम के लिए शव मांगे तो किसानों ने केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। बहराइच जिले के मृत किसान के परिजन ने आशीष मिश्र और 15 से 20 अज्ञात के खिलाफ तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि असलहों से लैस लोगों ने उनके ऊपर तेज रफ्तार कार चढ़ा दी। 

केंद्रीय मंत्री और बेटे की सफाई

हंगामे के दौरान चालक को पत्थर लगने से गाड़ी अनियंत्रित होकर किसानों पर चढ़ने से यह हादसा हुआ।- अजय मिश्र टेनी, केंद्रीय राज्यमंत्री

मैं खुद गाड़ी में नहीं था। मेरे कार्यकर्ता तीन वाहनों से उपमुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जा रहे थे। –  आशीष मिश्र, केंद्रीय मंत्री के बेटे

रात दस बजे एसपी ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की

लखीमपुर खीरी। बवाल के मामले में पुलिस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश को भी ताक पर रख दिया। मुख्यमंत्री लगातार घटनाएं छिपाने की बात कहते हैं लेकिन पुलिस ने इस आदेश को ताक पर रख दिया। कार से कुचलने और बवाल के दौरान अपराह्न करीब तीन बजे तक आठ किसानों की मौत हुई। मगर पुलिस अफसर पूरे दिन इस आंकड़े को दबाए रहे। संख्या की पुष्टि न हो, इसके चलते सभी शव भी जिला अस्पताल नहीं भेजे गए। दिन भर मौतों की संख्या को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। शुरुआत में दो किसानों की मौत की बात सामने आई, फिर यह संख्या चार, छह और उसके बाद आठ हो गई। मगर अफसर पूरे दिन आंकड़े को दबाए रहे। न तो कोई बयान जारी किया और न ही मीडिया से बात की। रात करीब दस बजे एसपी विजय ढुल ने आठ लोगों की मौत पुष्टि की।

डिप्टी सीएम की अगवानी में लगे रहे अफसर, इसलिए बेकाबू हुए हालात

खुफिया इकाइयों के इनपुट के बाद अफसरों ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद के वहां पहुंचने का रास्ता बदल दिया था। हवाई मार्ग के बजाय वह सड़क मार्ग से लखीमपुर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस का अमला पूरी तरह से उनकी सुरक्षा में लगा था। वहीं, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की कार से कुचलकर किसान की मौत होने से माहौल उग्र हो गया। किसानों के आक्रोश को देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बन गए। निघासन और पलिया पुलिस थाना छोड़कर भाग गई।

किसानों के विरोध के चलते खुफिया इकाइयों को बवाल की आशंका थी। इस वजह से सारे अफसर किसानों की निगरानी के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को छोड़कर डिप्टी सीएम की सुरक्षा में लग गए। डीएम अरविंद चौरसिया समेत सभी प्रमुख अफसर सुबह से ही डिप्टी सीएम के साथ लगे थे। किसान उनका विरोध करने की योजना बना रहे थे लेकिन डिप्टी सीएम का रूट बदलने से उनकी योजना फेल हो गई। 

Bureau
Author: Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published.