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Bureau | February 6, 2020 | 0 Comments

Issue of SRS Royal Hills Society

मुद्दा एसआरएस रॉयल हिल्स सोसायटी का – चाहिए 10 हजार किलोवॉट बिजली, मिलती है कुल 2 हजार

सोसायटी में कुल टॉवर: 12

फ्लैट की संख्या: लगभग 1500

पजेशन वाले फ्लैट: लगभग 90 प्रतिशत

निवासी: लगभग 5 हजार

एसआरएस ग्रुप की तरफ से नहर पार कई सोसायटियां बनाई गई थीं, लेकिन बिल्डर ने लोगों कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा। निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में ग्रुप के चेयरमैन जेल में हैं और दूसरी तरफ उनकी तरफ से बनाई गई सोसायटियों में रहने वाले लोग अभी तक समस्याओं से उभर नहीं पा रहे हैं। सेक्टर-87 स्थित एसआरएस रॉयल हिल्स सोसायटी के लोग पहले बिल्डर की तरफ से परेशान थे। अब बिल्डर ने जो लोन बैंक से लिया था, वह निवासियों की परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं, यहां के लोग बिजली विभाग से भी परेशान हैं।

सोसायटी की आरडब्ल्यूए के प्रधान सचिन ने बताया कि उनकी सोसायटी के लिए 10 हजार किलोवॉट के लोड की जरूरत है, लेकिन यहां पर केवल 2 हजार किलोवॉट ही बिजली दी जा रही है। गर्मी के दिनों में लोगों के फ्लैटों में एसी भी नहीं चल पाते हैं। सोसायटी का मीटर सब स्टेशन में लगा हुआ है और वहीं से डेडीकेटिड लाइन सोसायटी तक आ रही है। कई जगहों पर लोगों ने सोसायटी की बिजली लाइन में अवैध रूप से तार जोड़े हुए हैं। वह लोग फ्री में बिजली चला रहे हैं और बिल हम लोगों को भरना पड़ रहा है। सोसायटी के पास एक स्कूल है, वहां भी सोसायटी की लाइन से ही कनेक्शन दिया गया है, जो गलत है। इस बारे में भी बिजली विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इसके अलावा सोसायटी में रजिस्ट्री का मुद्दा भी लंबे समय से लटका हुआ है। अब यह मामला कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने बताया कि बिल्डर ने साल 2014 में यहां लोगों को पजेशन देना शुरू किया था। बिल्डर की तरफ से लगभग 180 लोगों के फ्लैटों की रजिस्ट्री की गई थीं और बाकी फ्लैटों की रजिस्ट्रियां नहीं हुई। 2 साल पहले बैंक की तरफ से सोसायटी के गेट पर नोटिस लगा दिया गया कि इन फ्लैटों पर बैंक का अधिकार है। क्योंकि बिल्डर ने बैंक के लगभग 104 करोड़ के लोन का भुगतान नहीं किया है। इसके बाद 1200 से अधिक फ्लैटों की रजिस्ट्री पूरी तरह से रूक गई है। इसके अलावा सोसायटी के रास्ते व सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी परेशानी की सबब है। बिल्डर ने बिल्डिंग को ठीक से मेंटेन कर आरडब्ल्यूए को नहीं सौंपा था।

क्या कहते हैं लोग

हम लोगों ने फ्लैट तो खरीद लिए लेकिन बैंक के लोन की किश्त अब भी भर रहे हैं। वहीं, फ्लैट की रजिस्ट्री न होने से हम लोग अभी तक अपने फ्लैटों के पूरे मालिक नहीं बन पाए हैं। – प्रदीप सिवाच

सोसायटी में आ रहा बिजली का बिल हम लोग भर रहे हैं, लेकिन हमारी लाइन से बिजली चोरी की जा रही है। उसका बोझ भी हम पर पड़ रहा है। शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ।- अनिल यादव

बिल्डर ने हमारे पीछे बनी सोसायटी के लिए अलग रास्ता नहीं बनाया। उस सोसायटी के लोग भी इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। न ही सोसायटी के चारों तरफ बाउंड्री की गई। – देवेंद्र गोयल

सोसायटी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट हमें हैंड ओवर नहीं किया गया है, जिसके चलते ठीक से कुछ मेंटेन नहीं हो पाता। अब बिल्डर जेल में है और उसकी लापरवाही हम लोग भुगत रहे हैं। – बलवीर

क्या कहते हैं अधिकारी

बिजली निगम एसई प्रदीप कुमार चौहान ने कहा कि उनकी जानकारी में फिलहाल यह मामला नहीं है। इस विषय में वह संबंधित क्षेत्र के एक्सईएन से बात कर जानकारी लेंगे। कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान कर लोगों को राहत मिले।

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Author: Bureau

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