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Bureau | June 30, 2022 | 0 Comments

Dog bite cases increased in Faridabad District

फरीदाबाद जिले में बढ़े कुत्ते से काटने के मामले

फरीदाबाद जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं। हाल ही में पानीपत की घटना ने लोगों को झंझोड़ दिया है, अस्पताल से नवजात को कुत्ता उठा ले गया और मार डाला। जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ते द्वारा काटने के मामले सामने आ रहे हैं। नगर निगम के स्तर से कुत्तों को पकड़ने और इस समस्या से निजात दिलाने के कोई प्रबंध नहीं है। प्रतिदिन कुत्ते से काटने के आठ से 10 नए मामले आ रहे हैं, जबकि एक दिन में 60 से 70 लोगों को एंटी रेबीज के टीके लगाए जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां पर आवारा कुत्ते परेशानी का सबब न बने हों। ओल्ड फरीदाबाद, एनआइटी, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद की बनी विभिन्न सोसायटी में आवारा कुत्तों को जमावड़ा देखा जा सकता है। कई सोसायटी में तो लोग अपने बच्चों अकेले बाहर खेलने के लिए भी नहीं जाने देते हैं। रात में एक तरह से सड़कों पर कुत्तों का राज हो जाता है। बाइक सवार के पीछे दौड़ पड़ते हैं। राह चलते लोगों को भी काटने के लिए दौड़ते हैं। आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन न तो इन्हें पकड़ने का कोई इंतजाम है और न ही नसबंदी करने का।

700 डोज हैं उपलब्ध

जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 लोग एंटी रेबीज टीके लगवाने के लिए आते हैं और एक व्यक्ति को तीन टीके लगाए जाते हैं। नागरिक अस्पताल प्रबंधन के पास के फिलहाल एक सप्ताह के लिए पर्याप्त डोज उपलब्ध है। नागरिक अस्पताल के स्टोर में 700 एंटी रेबीज की डोज रखी हुई हैं। बता दें कि नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज की एक डोज लगाई जाती है, जबकि बीपीएल कार्ड धारकों के बिल्कुल निश्शुल्क टीका लगता है।

इन दिनों बढ़ जाते हैं कुत्ते द्वारा काटे के मामले

उमस भरी गर्मी से सिर्फ मानव नहीं बल्कि पशु भी परेशान हैं। गर्मी से कुत्ते चिड़चिड़े हो जाते हैं। इसके चलते कुत्तों के काटने के मामलों में बढ़ जाते है।

गैर सरकारी संगठन से समझौता कर चल रहा है अभियान

नगर निगम निरीक्षक राजेंद्र दहिया ने बताया कि हमने कुत्तों को पकड़ने एवं उनकी नसबंदी के लिए पीएफए पार्ट-2 से समझौता किया है। यदि हमारे पास भी कोई शिकायत आती है, तो उन्हीं को भेजी जाती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नसबंदी के बाद दोबारा से उसी जगह छोड़ जाता है, जहां से कुत्ता पकड़ा था।

हमारे पास पर्याप्त एंटी रेबीज के टीके उपलब्ध हैं और टीके लिए वेयर हाउस गुरुग्राम मांग भेजी हुई है। यह बहुत सीमित संख्या में उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन किसी को भी वापस नहीं लौटाया जाता। -डा.सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी

Bureau
Author: Bureau

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