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The first bicycle highway of India inaugurated at Lion Safari
Bureau | May 3, 2020 | 0 Comments

Demand for use of bicycle is increasing in World

बहुत सारे देशों में साइकिल के इस्तेमाल की बढ़ रही है मांग, लॉकडाउन के बाद कुछ ऐसी होगी जिंदगी

कोरोनोवायरस क्या है?

कोरोनावायरस एक संक्रामक रोग है, जो इंसानों और जानवरों में हो सकता है। इसका संबंध विषाणुओं के एक ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से सामान्य सर्दी-जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

COVID-19 क्या है?

COVID-19 कोरोनावायरस का आधिकारिक नाम है। यह नाम विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दिया है। 

COVID-19 के लक्षण क्या हैं? 

COVID-19 के सबसे आम लक्षण बुखार, थकान और सूखी खांसी हैं। कुछ रोगियों में नाक बहना, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। 

COVID-19 कैसे फैलता है?

COVID-19 पीड़ित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। अगर कोई COVID-19 पीड़ित व्यक्ति खांसता है या सांस छोड़ता है तो उसके नाक या मुंह से निकली छोटी बूंदें आसपास की वस्तुओं और सतहों पर उतरती हैं। जब लोग इन वस्तुओं या सतहों को छूते हैं और उसके बाद अपने आंख, नाक या मुंह को छू लेते हैं तो यह सक्रमण उनमें भी फैल सकता है। 

कोरोना वायरस से हुई तबाही के बाद अब कई देशों में जीवन वापस से पटरी पर लौटने लगा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सब कुछ पहले की तरह हो पाएगा। दरअसल पश्चिमी देशों में प्रशासन को डर है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद लोग सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने से डरेंगे। ऐसे में पश्चिमी देशों में ट्रेन और बसों में यात्रा करने के बजाय लोगों को साइकिल पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

इसी कड़ी में जर्मनी से लेकर पेरु तक के सामाजिक कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर अलग से साइकिल लेन बनाने या पहले से मौजूद लेन को चौड़ा करने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि भले ही इसे छोटे अंतराल के लिए ही सही लेकिन यह किया जाना चाहिए।

यूरोपीय साइकिल संघ के सह अध्यक्ष मॉर्टन काबेल का कहना है कि अगर शहरों को सुचारु रूप से चलाना है तो साइकिल के लिए अनुकूल वातावरण बनाना होगा। उन्होंने कहा, “बहुत से लोग सार्वजनिक परिवहन में चलने से डरेंगे लेकिन कभी न कभी तो इन्हें काम पर जाना ही होगा। ऐसे में बहुत कम ही शहर ऐसे हैं जो सड़कों पर कारों की अधिक मात्रा को बर्दाश्त कर पाएंगे।”

काबेल का कहना है कि सड़कों पर साइकिल के लिए अलग लेन बने और इलेक्ट्रिक साइकिल के दाम पर छूट दी जाए। इससे लंबी या ऊंचाई वाली यात्रा करने वालों को साइकिल से चलने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में लोग रोजाना यात्रा के लिए भारी संख्या में साइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, नीदरलैंड में भी साइकिल लेन का विस्तृत जाल बिछा हुआ है।

दुनियाभर के तमाम देश अब साइकिल के महत्व को धीरे-धीरे समझ रहे हैं। इस कड़ी में फ्रांस की सरकार ने साइकिल के इस्तेमाल की वकालत करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पियरे सर्न से कहा है कि वे 11 मई को समाप्त होने वाले लॉकडाउन से पहले योजना बनाकर दें।

वहीं, बर्लिन में कुछ सड़कों पर पीली रेखा बनाकर कार और साइकिल के लिए अलग लेन बनाई गई है। इसी तरह की पहल पेरु के लिमा शहर, स्पेन के बार्सिलोना और इटली के मिलान में भी की जा रही है। 

Bureau
Author: Bureau

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