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अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ
Musing India | May 19, 2020 | 0 Comments

Crime Rate High In Uttar Pradesh in Yogiraj

योगी राज में समाजवादी पार्टी नेता और उनके बेटे की दिनहदाड़े गोली मारकर हत्या

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में चंदौसी से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी छोटेलाल दिवाकर व उनके बेटे की मंगलवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया की बहजोई थाना क्षेत्र के शमशोई गांव में मनरेगा के तहत सड़क बन रही थी। इसी को लेकर छोटेलाल और सविंदर के बीच विवाद हो गया।

बहजोई थाना क्षेत्र के शमशोई गांव में मंगलवार सुबह छोटेलाल अपने बेटे सुनील कुमार (28) के साथ खेत में घूमने के लिए निकले थे। गांव में मनरेगा के तहत सड़क बन रही थी और उसे ले कर छोटे लाल दिवाकर और सविंदर के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बीच मामला इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने दोनों को घेरकर गोली मार दी। जिसमें छोटे लाल दिवाकर (50) और उनके बेटे सुनील कुमार (28) की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं।

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव ने घटना पर दुख व्यक्त किया

वहीं पूर्व समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेन्द्र यादव ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि छोटे लाल दिवाकर हमारी पार्टी के कर्मठ नेता थे, उन्हें पार्टी ने 2017 में चंदौसी विधानसभा से टिकट दिया था, लेकिन यह सीट गठबंधन में कांग्रेस के पास चली गई थी।
 
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संभल में हमारे नेता की हत्या से यह बात साफ है की पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है और प्रदेश में विपक्षी पार्टी के लोग खासकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की खुले आम हत्या की जा रही है।

बाइक छोड़कर बदमाश फरार

घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एसपी मौके पर पहुंचे। एसपी के पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया।

योगी राज में क्राइम कैपिटल बना उत्तर प्रदेश, सबसे ज्यादा बढ़ी आपराधिक गतिविधियां

बेखौफ होते बदमाश और कानून की उड़ती धज्जियाँ बदमाशों के बुलंद होते हौसले को दर्शाती है। बदमाशों का यही हौसला देश की लचर कानून व्यवस्था को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश पूरे देश में आपराधिक गतिविधियों के लिए पहले स्थान पर है।

छोटे लाल दिवाकर समाजवादी पार्टी नेता थे और वर्ष 2017 में चंदौसी विधानसभा से समाजवादी पार्टी ने इन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन कांग्रेस से गठबंधन के चलते बाद में यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई थी और फिर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी यहां से उतारा था। सीओ अशोक कुमार ने बताया कि 2 लोगों की हत्या हुई है। हत्या करने वाले गांव के ही हैं । पहले से ही रंजिश चली आ रही थी आरोपितों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस गांव में 1973 में एक ही दिन में ग्यारह लोगों की हत्या हो गई थी। अब तक लगभग बीस लोगों की हत्या हो चुकी है।

प्रधान पति के चचेरे भाई और उसके बेटे को भी गोली मारने का किया प्रयास

प्रधान व उसके बेटे की हत्या करने के बाद भी हमलावर यहीं नहीं रुके। उन्होंने प्रधान पति के चचेरे भाई और उसके बेटे को गोली मारने के लिए रायफल तान दी गनीमत रही की उस समय फायर नहीं हुआ नहीं तो दो और जान जा सकती थी।विवाद की सूचना पर प्रधान पति छोटे लाल दिवाकर का चचेरा भाई मुकेश अपने पुत्र सुमित के साथ मौके पर पहुंच गया।

दोनों पिता-पुत्र हमलावरों को समझाते रहे लेकिन वह किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे दोनों की हत्या करने के बाद उन्होंने मुकेश और उसके बेटे सुमित पर रायफल तान दी। दोनों की हत्या करने के इरादे से ट्रिगर दबाया, लेकिन उस समय फायर नहीं हुआ। इसी बीच जब मजदूर मौके से भागे तो दोनों पिता-पुत्र ने मजदूरों के बीच भागकर अपनी जान बचाई। मौके पर मौजूद लोगों की माने तो हमलावरों ने उन दोनों का पीछा भी किया लेकिन मजदूर इतने थे कि वह बाद में उन पर गोली नहीं चला सके।

विवाद से एक घंटे पहले दे दी थी सूचना, फिर भी नहीं पहुंची पुलिस

अगर प्रधान पति के फोन को पुलिस ने गंभीरता से लिया होता तो शायद पिता पुत्र की हत्या न होती। क्योंकि प्रधान पति को पहले से ही विवाद होने का अंदेशा हो गया था और उन्होंने पुलिस को फोन कर फोर्स भेजने की मांग की थी। इसके बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। दोनों की हत्या सुबह 8 बजे कर दी गई, लेकिन पुलिस ने घटना के बाद भी 10 किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटा लगा दिया।लॉकडाउन के बीच मजदूरों को रोजगार मिले इसके लिए प्रधान कमलेश गांव से सैदपुर को जाने वाले कच्चे मार्ग पर मिट्टी मनरेगा के मजदूरों के माध्यम से गिरवा रही थी। सड़क के दोनों ओर खेतों से मजदूर मिट्टी खोद रहे थे और सड़क को चौड़ी कर रहे थे। जिस जगह से मंगलवार को काम शुरू हुआ उससे कुछ ही दूरी पर गांव के ही जितेंद्र का खेत था। इसके खेत में से भी मिट्टी उठाई जानी थी।

प्रधान पति छोटेलाल दिवाकर को यह अंदेशा था कि कार्य के दौरान जितेंद्र विवाद कर सकता है। इसलिए उन्होंने सुबह 7 बजे बहजोई पुलिस को फोन कर मौके पर फोर्स भेजने की मांग की थी। प्रधान पति को यह उम्मीद थी कि पुलिस मौके पर पहुंच जाएगी और कोई विवाद नहीं होगा। इसी के चलते उन्होंने काम शुरू करा दिया लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और वह मौके पर नहीं पहुंची। इसी बीच जितेंद्र अपनी लाइसेंसी रायफल और अपने बेटे सर्वेंद्र के साथ मौके पर पहुंच गए। सर्वेंद्र पर परिजनों की लाइसेंसी रायफल थी। 10 मिनट की नोकझोंक के बाद पहले प्रधान के बेटे सुनील को गोली मारी उसके बाद प्रधान पति को भी गोली मार दी।

आरोपित दो बाईकों से पहुंचे थे और घटना को अंजाम देने के बाद आगे खड़ी कार में सवार होकर फरार हो गए। पिता पुत्र की सुबह 8 बजे गोली मारकर हत्या कर दी थी लेकिन पुलिस ने 10 किलोमीटर का सफर तय करने में भी लगभग एक घंटा लगा दिया। अगर सुबह से ही पुलिस ने गंभीरता भर्ती होती तो शायद दोनों की जान बच जाती। अब पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि सर्वेंद्र के पास जो रायफल थी वह किसकी थी। विरोध के बीच पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पहले पुत्र को फिर पिता को हमलावरों ने मारी गोली

पूरी घटना की मौके पर खड़े कुछ लोगों ने वीडियो बनाई है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पहले हमलावर नोकझोंक के बाद जाने लगे थे, लेकिन बाद में हमलावर वापस लौटे और दोनों को गोली मार दी। इस बीच कुछ लोगों ने उन्हेंं समझाने का भी प्रयास किया।

प्रधान व उसके बेटे की हत्या करने की साजिश सुबह से ही रची जा रही थी। क्योंकि जिस समय हमलावर रायफल लेकर पहुंचे उससे पहले कोई विवाद नहीं हुआ था। नोकझोंक के बीच कई बार प्रधान पति व उसके बेटे पर राइफल तानी गई लेकिन मौके पर मौजूद मनरेगा के मजदूर उन्हेंं समझा-बुझाकर वापस भेजने के प्रयास में लगे हुए थे, लेकिन हमलावर ने दोनों की हत्या करने की ठान रखी थी।

एक बार तो हत्यारे मौके से कुछ कदम दूर वापस चले गए थे लेकिन इसी बीच वह दोबारा वापस आए और लगभग 5 फीट की दूरी से प्रधान पुत्र सुनील को गोली मार दी। इसी बीच दूसरे हमलावर ने प्रधान पति को गोली मार दी। प्लानिंग के तहत मौके से फरार होने के लिए पहले से ही एक कार मौजूद थी जिसमें सवार होकर वह फरार हो गए।

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Author: Musing India

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