Blog

Girls
Bureau | April 12, 2020 | 0 Comments

Coronavirus case in India

चिंताजनक: भारत में साढ़े 7 हजार मरीज, पर मौतों की संख्या में चीन-अमेरिका और जर्मनी से आगे

कोरोना वायरस से इटली, स्पेन, अमेरिका और ब्रिटेन में भले ही मौतों से हाहाकार मचा हुआ है। लेकिन आंकड़ों के विश्लेषण से यह तथ्य भी निकल कर सामने आया है कि वायरस भारत में भी तेजी से हावी हो रहा है। मरीजों की संख्या सात हजार के पार पहुंचने की रफ्तार में भारत ने चीन, अमेरिका और जर्मनी जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित नौ देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।

वायरस समय के साथ आक्रामक हो रहा है और जांच के दायरे में ज्यादा आबादी को लाए जाने के साथ ही मरीजों की संख्या और मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की दुनियाभर के देशों की स्थिति (सिचुएशन) रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका, जर्मनी, चीन में जब संख्या औसतन भारत के बराबर यानी सात और आठ हजार के बीच था, तब मौतों की संख्या भारत की तुलना में बेहद कम थी।

अमेरिका, चीन और जर्मनी में मौत की दर भारत में कोरोना से हुई मौतों की दर से भी कम थी। रिपोर्ट के अनुसार भारत में 1.71 लाख लोगों की जांच के बाद 7447 मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई है और 239 लोगों की मौत हो चुकी थी। वहीं अमेरिका में जब 7087 मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई तब वहां 100 लोगों की मौत हुई थी।

जर्मनी दुनिया का एकमात्र देश है जहां 7,156 मरीजों में वायरस की पुष्टि पर सिर्फ 13 लोगों की मौत हुई। इसी तरह कोरोना का केंद्र रहे चीन में भी 7,736 मरीजों पर केवल 170 लोगों की मौत हुई थी। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में दूसरे देशों की तुलना में हालात खराब हैं।

कोरोना से मृत्यु दर में भी भारत कई देशों से आगे.. जानिए कैसे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुल 7447 मरीजों में वायरस की पुष्टि के बाद कुल 239 लोगों की मौत दर्ज हुई है। इस आधार पर यहां मृत्यु दर 3.21 है। वहीं अमेरिका में 7087 मरीजों पर केवल 100 रोगियों की मौत हुई थी और मृत्यु दर 1.41 फीसदी थी। जर्मनी में 7,156 रोगियों में केवल तेरह की मौत हुई और यहां मृत्यु दर 0.18 फीसदी थी। चीन में जब 7,736 मरीज वायरस से ग्रसित थे उस वक्त 170 रोगियों की मौत हुई और उस वक्त मृत्यु दर 2.2 थी।

दस हजार का आंकड़ा पार तो बिगड़े हालात

कोरोना से बुरी तरह प्रभावित सभी देशों में स्थिति तब खराब हुई जब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 10 हजार के पार पहुंचा। इसमें अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, इटली और स्पेन शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दस हजार का आंकड़ा पार होने के बाद वायरस यहां और आक्रामक दिखा और रोजाना औसतन 450 से 500 मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई जबकि रोजाना होने वाली मौतों का आंकड़ा भी इससे अधिक था। इसी का नतीजा है कि अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, स्पेन और इटली में वायरस हाहाकार मचा रहा है जिसके आगे सब बेबस और लाचार हैं।

ब्रिटेन, स्पेन, इटली व बेल्जियम में बद्दतर हालात

डब्ल्यूएचओ की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार जब दुनिया के नौ देशों में मरीजों का आंकड़ा सात से आठ हजार के बीच था तब ब्रिटेन, स्पेन, इटली और बेल्जियम में हालात भारत से भी बदतर थे। ब्रिटेन में तब तक 409, बेल्जियम में 289, इटली में 366 और स्पेन में 288 लोगों की मौत हो चुकी थी।

9 देशों की सूची में भारत 5वें पायदान पर

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के नौ देश जहां सबसे पहले सात हजार मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई और मौतों का ग्राफ बढ़ा, उसमें भारत पांचवें पायदान पर है। इस सूची में सबसे कम मौतों के आंकड़े के साथ जर्मनी पहले, अमेरिका दूसरे, चीन तीसरे और फ्रांस चौथे नंबर पर था।

Bureau
Author: Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published.