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Akhilesh Yadav
Bureau | April 12, 2020 | 0 Comments

Akhilesh Yadav expressed concern about trapped laborers due to lockdown

Coronavirus : अखिलेश यादव ने कहा- पीड़ितों और जरूरतमंदों की मदद कर रही समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी कोरोना के प्रतिरोध में लागू लॉकडाउन का पूरी तरह पालन कर रही है। सरकारी और चिकित्सीय एडवायजरी का पालन करते हुए पीड़ितों और जरूरतमंदो की सहायता कर रही है। सपा संकट के इस हालात में लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती है। हमारे सुझाव व शिकायतें टीम इलेवन के काम को अधिक सुसंगत बनाने के लिए होती हैं।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि सत्ता के दुरुपयोग का प्रमाण यह है कि भाजपा के तथाकथित बुद्धिजीवियों का गैंग समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व की छवि खराब करने की नीयत से अनर्गल आरोप लगाता रहता है। लोकतंत्र में इसे स्वस्थ परंपरा नहीं कहा जा सकता है। समाजवादी पार्टी सदैव सकारात्मक और रचनात्मक आलोचना की पक्षधर रही है। सरकार से क्या यह नहीं पूछना चाहिए कि किसानों, बेरोजगारों, महिलाओं, नौजवानों और प्रभावित वर्ग के लिए क्या राहत कार्य किए जा रहे हैं? इन हालातों से गुजर रहे कमजोर वर्ग के लिए बोलना क्या गुनाह है?

अखिलेश यादव ने गुजरात के सूरत में लॉकडाउन में फंसे सैकड़ों मजदूरों द्वारा मालिकों से अपना वेतन व प्रशासन से घर जाने की व्यवस्था की मांग पर गिरफ्तार किया जाना संवेदनशील विषय है। सरकार तत्काल इन मजदूरों को आर्थिक व आवासीय सहायता दे।

इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि कोरोना का राजनीतिकरण दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे मूल मुद्दों से ध्यान हटता है। सरकार से पूछे जाने वाले मूल प्रश्न पीछे छूट जाते हैं। सरकार याद रखे ‘भूख’ का आइसोलेशन नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में टीम-11 की बैठकों में अभी तक किसानों और दुग्ध उत्पादकों के बारे में कोई निश्चित और प्रभावी निर्णय नहीं लिए गए हैं। इससे कृषि क्षेत्र में अव्यवस्था फैली हुई है। छोटे किसान पशुपालन का भी धंधा करते हैं। लॉकडाउन के चलते दुग्ध संग्रह केंद्र बंद हो चुके हैं। पशु आहार महंगा हो गया है। पशुओं के रोगों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है।

ज्योतिबा फुले को किया याद

अखिलेश यादव ने शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि महात्मा फुले भारतीय समाज में फैली अनेक कुरीतियों को दूर कर समाज में समरसता लाने का प्रयास किया।

जिनके घरों में खाना नहीं, क्या उनके बारे में बोलना गुनाह है : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का शत-प्रतिशत पालन कर रही है। एडवाइजरी का पालन करते हुए हमारे कार्यकर्ता पीड़ितों, जरूरतमंदों की सहायता में जुटे हुए हैं।
संकट काल में भी सपा लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती है। उन्होंने सवाल किया कि जिनके पेट में दाना नहीं, घर में खाना नहीं, ऐसे गरीबों के बारे में बोलना क्या गुनाह है?

अखिलेश ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि सपा सदैव सकारात्मक और रचनात्मक आलोचना की पक्षधर रही है। सरकार से क्या यह नहीं पूछना चाहिए कि किसानों, बेरोजगारों, महिलाओं, नौजवानों और प्रभावित वर्ग के लिए क्या राहत कार्य किए जा रहे हैं ?

लॉकडाउन की लंबी अवधि से घरों में कैद बच्चों और बुजुर्गों की क्या हालत है? जनता को कहां, किन स्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे सुझाव-शिकायतें टीम इलेवन के काम को अधिक सुसंगत बनाने के लिए होती हैं।

अवध विवि के कुलपति की टिप्पणी पर एतराज

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। सत्ता के दुरुपयोग का प्रमाण यह है कि भाजपा के तथाकथित बुद्धिजीवियों का गैंग सपा और उसके नेतृत्व की छवि खराब करने की नीयत से अनर्गल आरोप लगाता रहा है। लोकतंत्र में इसे स्वस्थ परंपरा नहीं कहा जा सकता है।

लॉकडाउन के चलते फंसे मजदूरों को लेकर अखिलेश यादव ने जताई चिंता, बोले-सूरत में फंसे मजदूरों की मदद करे सरकार

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि गुजरात के सूरत में लॉकडाउन में फंसे सैकड़ों अन्य स्थानों के भूखे मजदूर श्रमिकों द्वारा मालिकों से अपना वेतन व प्रशासन से घर जाने की व्यवस्था की मांग पर गिरफ्तार किया जाना संवेदनशील विषय है। सरकार तत्काल इन मजदूर लोगों को आर्थिक व आवासीय सहायता देकर उनमें विश्वास जगाए और शांति स्थापित कराए।

उन्होंने शनिवार को जारी एक बयान में कहा है कि लॉकडाउन का उनकी पार्टी शत प्रतिशत पालन कर रही है। सरकारी और चिकित्सीय एडवायजरी का पालन करते हुए पीड़ितों और जरूरतमंदों के सहायतार्थ हमारे नेता कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। समाजवादी पार्टी संकट के इन हालात को समझते हुए भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती है कि जनता को कहां किन स्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। हमारे सुझाव-शिकायतें टीम इलेवन के काम को अधिक सुसंगत बनाने के लिए होती हैं।

उन्होंने डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या के कुलपति की टिप्पणी को अनर्गल आरोप बताया है। सरकार से क्या यह नहीं पूछना चाहिए कि प्रभावित वर्गों के लिए क्या राहत कार्य किए जा रहे हैं? इन हालातों से गुजर रहे कमजोर वर्ग के लिए बोलना क्या गुनाह है? उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि फुले जी भारतीय समाज में फैली अनेक कुरीतियों को दूर कर हिंदू समाज में समरसता लाने का प्रयास किया।

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