Blog

News
Bureau | June 1, 2020 | 0 Comments

45 new cases of Covid 19 found in Faridabad Haryana

फरीदाबाद में कोरोना के 45 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमितों की संख्या हुई 416

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में सोमवार को कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के 45 नए मामलों की पुष्टि की है। जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 416 हो गई है। इसके अलावा ठीक होने वालों की संख्या 160 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सेक्टर-16, 28, 29, 31, 55, बसेलवा कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, तिगांव, गांव बहादुरपुर, जीवन नगर गौंछी, अमर नगर, संजय कॉलोनी सेक्टर-23, भूपानी, राजीव नगर, डीएलएफ और भूदत्त कॉलोनी से कोरोना के नए मामले आए हैं। सोमवार को 12 संक्रमितों में कोरोना का लक्षण नहीं पाए गए है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें होम आइसोलेशन में रखने का फैसला किया। 33 नए संक्रमितों को ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामभगत ने बताया कि फरीदाबाद जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। 915 सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। इसके अलावा आठ लोगों की मौत भी हुई है। यह सभी मरीज अन्य बीमारियों से भी जूझ रहे थे। 11815 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। इनमें से 4253 लोग 28 दिन को क्वारंटाइन पूरा किया है।

हरियाणा में गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद महामारी का ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है जहां पिछले करीब एक सप्ताह के दौरान मरीजों की संख्या दोगुनी होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढऩे लगी हैं।

फरीदाबाद का ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज कोरोना अस्पताल में तब्दील

फरीदाबाद का ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज को कोरोना अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। ईएसआइसी लाभार्थियों को नागरिक अस्पताल एवं ईएसआइसी डिस्पेंसरी में इलाज किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि जिले में लगातार कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में आंशिक रूप से आरक्षित किए गए मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह से कोविड-19 अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। यहां भर्ती मरीजों व ओपीडी जैसी सुविधाओं के लिए मौजूदा विकल्पों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन व्यवस्थाओं में जुट गया है। ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को संबंधित डिस्पेंसरी व सब शाखाओं में इलाज दिया जाएगा। गंभीर व जरूरी इलाज के लिए मरीजों को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भेजा जाएगा। इसका खर्च सरकार वहन करेगी।

ईएसआइसी मुख्यालय ने कोविड-19 की संभावनाओं को आंकते हुए आठ अप्रैल को ही आवश्यक विकल्पों का ध्यान रखने के लिए पत्र जारी कर दिया था। पत्र में अन्य इलाज रोकने व मरीजों को वैकल्पिक उपचार स्वास्थ्य केंद्रों में भेजने के बारे में लिखा गया था। मामले में फरीदाबाद स्थित ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास ने आंशिक रूप से कोविड-19 अस्पताल होने के कारण पूरी तरह से निर्देशों की पालना पर असमंजस्य की स्थिति के बारे में कहा था। कितु अब जिला कमेटी व स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह से कोविड-19 अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है।

हरियाणा में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा। हरियाणा के औद्योगिक जिले फरीदाबाद में कोरोना ने कहर मचा दिया है। हर रोज कई संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। संक्रमण से बचना है, तो घर पर रहें। लॉकडाउन में जिन्होंने मूवमेंट जारी रखी या जो कोरोना संक्रमित के संपर्क में रहे, वे ही कोरोना की चपेट में आए हैं।

Bureau
Author: Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Bureau

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published.