श्री अखिलेश यादव

UP Chief Minister Akhilesh Yadav’s cabinet decisions

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-जनपद बुलन्दशहर की नगर पालिका परिषद सिकन्द्राबाद की सीमा विस्तार का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने जनपद बुलन्दशहर की नगर पालिका परिषद सिकन्द्राबाद की सीमा विस्तार करने का फैसला लिया है। सीमा विस्तार से जनसामान्य को नगर पालिका परिषद द्वारा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना सम्भव हो सकेगा।

जनपद महराजगंज की तहसील नौतनवां के कस्बा सोनौली को नगर पंचायत बनाए जाने का फैसला

मंत्रिपरिषद ने जनपद महराजगंज की तहसील नौतनवां के कस्बा सोनौली को नगर पंचायत बनाए जाने का फैसला लिया है। नगर पंचायत के गठन के फलस्वरूप नगर पंचायत की सीमा में शामिल होने वाले गांवों में पेयजल, सड़क, नाली आदि की सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी, जिससे क्षेत्र का उत्तरोत्तर विकास हो सकेगा।

नगर पालिका परिषद हमीरपुर की सीमा विस्तार का फैसला

मंत्रिपरिषद ने जनपद हमीरपुर की नगर पालिका परिषद हमीरपुर का सीमा विस्तार किए जाने का फैसला लिया है। जनमानस को तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जनहित में यह फैसला लिया गया है।

नगर पालिका परिषद महोबा की सीमा विस्तार का फैसला

मंत्रिपरिषद ने जनपद महोबा की नगर पालिका परिषद महोबा का सीमा विस्तार किए जाने का फैसला लिया है। विस्तार के तहत नगर पालिका परिषद में 12 गांवों-महोबा, भटीपुरा, दरीबा, फतेहपुर बजरिया, बीजानगर, मुड़हरा, मामना, रहिलिया, नथुपुरा, किड़री, शाहपहाड़ी एवं चांदों को शामिल कर प्रथम श्रेणी की नगर पालिका परिषद बनाया गया है। जनमानस को तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जनहित में यह फैसला लिया गया है।

नगर पंचायत कुशीनगर को नगर पालिका परिषद बनाने का फैसला

मंत्रिपरिषद ने जनपद कुशीनगर की नगर पंचायत कुशीनगर की सीमा विस्तार करते हुए तृतीय श्रेणी की नगर पालिका परिषद बनाने का फैसला लिया गया है। नगर पंचायत कुशीनगर के तहत व उससे लगे क्षेत्र की तेजी से बढ़ रही आबादी को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 58 गांवों को शामिल करते हुए नगर पालिका परिषद बनाए जाने का फैसला लिया गया है। जनमानस को तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जनहित में यह फैसला लिया गया है।

नगर पालिका परिषद मथुरा की सीमा विस्तार का फैसला

मंत्रिपरिषद ने जनपद मथुरा की नगर पालिका परिषद मथुरा का सीमा विस्तार किए जाने का फैसला लिया है। मथुरा एक प्रमुख धार्मिक नगरी है और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली होने के कारण देशी व विदेशी पर्यटन के क्षेत्र में मथुरा का महत्वपूर्ण स्थान है। मथुरा के आसपास के क्षेत्रों का समुचित विकास किए जाने तथा इन इलाकों के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं एवं रोजगार के अवसर मुहैया कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

नगर पालिका परिषद मैनपुरी की सीमा विस्तार का फैसला

मंत्रिपरिषद ने जनपद मैनपुरी की नगर पालिका परिषद मैनपुरी का सीमा विस्तार किए जाने का फैसला लिया है। क्षेत्र के समग्र विकास एवं नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनहित में यह निर्णय लिया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) मिशन के अंतर्गत डी0पी0आर0 एवं पी0एम0सी0 सेवाएं प्राप्त करने हेतु अतिरिक्त व्यय भार राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) मिशन के घटक लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण एवं आवास विस्तार के अंतर्गत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी0पी0आर0) तैयार करने हेतु प्रति आवास 3750 रुपए एवं प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग कंसल्टेंसी (पी0एम0सी0) की सेवाएं प्राप्त करने हेतु प्रति आवास 6875 रुपए, इस प्रकार कुल 10625 रुपए अतिरिक्त व्यय भार राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत प्राविधानित 277 करोड़ रुपए में से व्यय की जाएगी। डी0पी0आर0 एवं पी0एम0सी0 की धनराशि राज्यांश की धनराशि प्रति आवास 01 लाख रुपए से अलग होगी।

एल0पी0जी0सी0एल0 के सम्बन्ध में उ0प्र0 विद्युत नियामक आयोग के अंतरिम आदेश प्रतिबंधों के साथ लागू करने की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने ललितपुर पावर जनरेशन कम्पनी लि0 (एल0पी0जी0सी0एल0) द्वारा अंतरिम अनुबंध 04 नवम्बर, 2015 पर दाखिल याचिका पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अंतरिम आदेश दिनांक 21 सितम्बर, 2016 को प्रतिबंधों के साथ लागू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके तहत एल0पी0जी0सी0एल0 को कोयले का मूल्य नोटिफाइड दरों पर अनुमन्य होगा। कम्पनी को ट्रांसपोर्टेशन चार्ज वास्तविक किन्तु अधिकतम अम्रपाली माइन से परियोजना की कैप्टिव रेलवे साइडिंग के मध्य दूरी के आधार पर देय होगी। इस अवधि में कम्पनी को रिटर्न आॅन इक्विटी अनुमन्य नहीं होगी।

औरेया तापीय परियोजना के लिए मेसर्स यू0एम0 पावर लि0 से 50 प्रतिशत की अतिरिक्त बैंक गारण्टी लिए जाने को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने एम0ओ0यू0 रूट की 1ग250 मेगावाॅट क्षमता की औरेया तापीय परियोजना के लिए मेसर्स यू0एम0 पावर लि0 से 75 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत की अतिरिक्त बैंक गारण्टी लिए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

मेसर्स वेलस्पन इनर्जी यू0पी0 प्रा0लि0 की 74 प्रतिशत इक्विटी मेसर्स अडानी प्रा0लि0 को हस्तांतरित करने के लिए एन0ओ0सी0 निर्गत करने की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने मेसर्स वेलस्पन इनर्जी यू0पी0 प्रा0लि0 की 74 प्रतिशत इक्विटी वाया मेसर्स वेलस्पन इनर्जी छत्तीसगढ़ प्रा0लि0, मेसर्स अडानी प्रा0लि0 को हस्तांतरित करने के लिए एन0ओ0सी0 निर्गत करने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही मेसर्स वेलस्पन इनर्जी यू0पी0 प्रा0लि0 के 100 प्रतिशत शेयर मेसर्स वेलस्पन इनर्जी छत्तीसगढ़ प्रा0लि0 को हस्तांतरित किए जाने हेतु एन0ओ0सी0 निर्गत करने की भी अनुमति प्रदान कर दी है।

केन्द्रीय सार्वजनिक विद्युत उपक्रमों के देयों के भुगतान हेतु पूर्व निष्पादित त्रिपक्षीय अनुबंध की अनुमति बढ़ाए जाने को स्वीकृति

मंत्रिपरिषद ने केन्द्रीय सार्वजनिक विद्युत उपक्रमों के देयों के भुगतान हेतु पूर्व निष्पादित त्रिपक्षीय अनुबंध की अनुमति बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि अनुबंध का विस्तार मात्र एन0टी0पी0सी0, एन0एच0पी0सी0, एन0पी0सी0आई0एल0, पी0जी0सी0आई0एल0 तथा कोल इण्डिया व इसकी सहयोगी कम्पनियों एवं उनके संयुक्त उपक्रमों के देयों में 150 दिवस के ऊपर के डिफाॅल्ट के भुगतान के लिए ही 15 वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है। इन कम्पनियों एवं इनके संयुक्त उपक्रमों के देयों में 150 दिवस के ऊपर के डिफाॅल्ट के भुगतान के लिए त्रिपक्षीय अनुबंध 01 नवम्बर, 2016 से अगले 15 वर्षों के लिए विस्तारित एवं इस अनुबंध को राज्य सरकार की ओर से वित्त विभाग द्वारा हस्ताक्षरित किए जाने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त एन0टी0पी0सी0, एन0एच0पी0सी0, एन0पी0सी0आई0एल0, पी0जी0सी0आई0एल0 के मासिक देयों के भुगतान के लिए 1171 करोड़ रुपए की एल0सी0/ओ0डी0 सीमा के लिए अनुबंध की विस्तारित अवधि में प्रतिवर्ष शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराने एवं प्रत्याभूति पर गारण्टी शुल्क माफ करने की अनुमति भी दी गई है।

उ0प्र0 राजस्व न्यायालय नियम संग्रह में संशोधन को स्वीकृति

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायालय नियम संग्रह में संशोधन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के प्राविधानों के अधीन राजस्व न्यायालय नियम संग्रह के अनुसार कार्यवाही में आ रही कठिनाई को देखते हुए यह संशोधन किया गया है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के कार्यान्वयन हेतु उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायालय नियम संग्रह भाग-5 को जोड़े जाने हेतु उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायालय नियम संग्रह संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया है।

निजी अभियंत्रण संस्थाओं के अनुरोध पर संस्था को पूर्णतया बन्द करने तथा उसमें अध्ययनरत छात्रों को अन्यत्र संस्थाओं में समायोजित करने सम्बन्धी प्रस्ताव अनुमोदित

प्रदेश में स्थापित निजी अभियंत्रण संस्थाओं के अनुरोध पर संस्था को पूर्णतया बन्द करने तथा उसमें अध्ययनरत छात्रों को अन्यत्र संस्थाओं में समायोजित करने सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया है। यह फैसला विश्वविद्यालय अधिनियम, 2000 की धारा-36(क) में प्राविधानित शक्तियों के तहत लिया गया है।

इस प्रस्ताव के अनुसार संस्थान को पूर्ण रूप से बन्द करने की इच्छुक संस्था के आवेदन पर शासन एवं विश्वविद्यालय की अनापत्ति के बाद सम्बन्धित ैजंजनंतल ठवकल से पदेजंदज बसवेनतम (पूर्ण बन्दी) की अनुमति प्राप्त की जाएगी। साथ ही, किसी शैक्षिक सत्र हेतु संस्था का आवेदन पत्र पिछले वर्ष की 31 जनवरी तक प्राप्त हो जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्थापित निजी अभियंत्रण संस्थाओं को पूर्णतया बन्द करने तथा उनके अध्ययनरत छात्रों को अन्यत्र संस्थाओं में समायोजित करने के लिए कतिपय प्रस्ताव/अनुरोध शासन में प्राप्त होते हैं। वर्तमान में कोई नीति/प्रक्रिया निर्धारित न होने केे कारण ऐसे मामलों में पारदर्शिता और एकरूपता से कार्यवाही नहीं हो पाती है। मंत्रिपरिषद के इस फैसले से इन प्रकरणों में पारदर्शिता के साथ समुचित कार्यवाही सम्भव हो सकेगी।

उ0प्र0 सरकारी सेवक (चिकित्सा परिचर्या) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2016 को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (चिकित्सा परिचर्या) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2016 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की वर्तमान व्यवस्था के साथ ही अन्य लाभ भी मिलेंगे। इसके तहत लखनऊ के एस0जी0पी0जी0आई0, डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान एवं ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, इटावा तथा इन जैसे अन्य राजकीय/राजकीय धन से पोषित संस्थानों में इलाज कराने पर उनके चिकित्सा अधीक्षकों द्वारा हस्ताक्षरित/सत्यापित बिलों के 05 प्रतिशत धनराशि का भुगतान लाभार्थी द्वारा किए जाने की स्थिति में 95 प्रतिशत धनराशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

इसके लिए उक्त संस्थानों के चिकित्सा बिलों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी/अन्य अधिकारी द्वारा सत्यापित अथवा प्रतिहस्ताक्षरित कराने की आवश्यकता भी नहीं होगी।

यदि लाभार्थी उपरोक्त 05 प्रतिशत धनराशि वहन करने हेतु सहमत नहीं है, उस स्थिति में उपरोक्त संस्थानों के चिकित्सा बिल का पूर्व में लागू व्यवस्था के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सक्षम अधिकारियों द्वारा सत्यापित एवं प्रतिहस्ताक्षरित होने के बाद भुगतान किए जाने का प्राविधान किया गया है।

असाध्य व आकस्मिक/अप्रत्याशित रोग के उपचार के लिए अंतःरोगी निःशुल्क चिकित्सा उपचार राज्य सरकार के प्राधिकृत संविदाकृत चिकित्सालयों में उपलब्ध होगा।

राज्य के भीतर या बाहर तात्कालिक/आपात स्थिति में प्राधिकृत संविदाकृत चिकित्सालयों में उपचार कराए जाने पर उपचार की दर सी0जी0एच0एस0 की दरों पर प्रतिपूर्णीय होगी।

पूर्व में राज्य कर्मचारियों को प्राक्कलित धनराशि का 75 प्रतिशत अग्रिम के रूप में स्वीकृत किए जाने का प्राविधान था। वर्तमान संशोधन के द्वारा अब प्राक्कलित धनराशि का 95 प्रतिशत अग्रिम के रूप में स्वीकृत किया जा सकेगा।

असाध्य या आकस्मिक या अप्रत्याशित रोगों के उपचार सम्बन्धी मामलों में दिल्ली एन0सी0आर0 में स्थित चिकित्सालयों सहित प्राधिकृत संविदाकृत चिकित्सालयों से सी0जी0एच0एस0 दरों पर प्रक्कलित प्राप्ति का 95 प्रतिशत एक सप्ताह के भीतर चिकित्सा अग्रिम के रूप में सम्बन्धित/पेंशन भोगी को उसके बचत खाते में उपलब्ध करा दिया जाएगा।

चिकित्सा अग्रिम का समायोजन उपचार पूर्ण होने के 03 माह के भीतर कराया जाना अनिवार्य होगा तथा समायोजन की प्रक्रिया कार्यकारी आदेश से निर्धारित की जाएगी।

इसके अतिरिक्त सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उपचार लागत की प्राक्कलित धनराशि का 95 प्रतिशत चिकित्सा अग्रिम के रूप में प्राप्त होगा।

प्रदेश में नये एकल छविगृहों के निर्माण हेतु प्रोत्साहन योजना को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में नये एकल छविगृहों के निर्माण हेतु प्रोत्साहन योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश में नये मल्टीप्लेक्स छविगृहों के निर्माण हेतु वर्ष 1999 से प्रोत्साहन योजना विद्यमान है, किन्तु नये एकल छविगृहों के निर्माण हेतु वर्तमान में कोई प्रोत्साहन योजना न होने व प्रदेश में लगभग 700 से अधिक एकल छविगृहों के बंद हो जाने के दृष्टिगत नये एकल छविगृहों के निर्माण हेतु प्रोत्साहन योजना लाना जरूरी हो गया था।

इसके तहत प्रदेश में नये एकल छविगृहों के निर्माण हेतु यदि किसी व्यक्ति/कम्पनी द्वारा आधुनिक सुविधाओं से युक्त एकल छविगृह का निर्माण किया जाता है तो उसे 05 वर्ष हेतु अनुदान की सुविधा, छविगृह में जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस प्राप्त करने के उपरान्त प्रथम फिल्म के प्रदर्शन के दिनांक से अनुमन्य होगी। यह योजना शासनादेश जारी होने की तिथि से 31 मार्च, 2020 तक प्रभावी रहेगी। योजना का लाभ इस अवधि में निर्मित होने वाले ऐसे समस्त एकल छविगृहों को अनुमन्य होगा, जिन्होंने उत्तर प्रदेश चलचित्र नियमावली, 1951 में प्राविधानित नियमों के तहत लाइसेंस प्राधिकारी से निर्माण की पूर्वानुमति प्राप्त कर छविगृह का निर्माण पूर्ण करा लिया हो तथा दिनांक 31 मार्च, 2020 तक छविगृह में सिनेमा प्रदर्शन हेतु निर्धारित प्रारूपों पर एवं उनके उल्लिखित शर्तों पर लाइसेंस प्राप्त कर लिया गया हो, को अनुदान दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

मोटर/बैटरी चालित ई-रिक्शा को उ0प्र0 मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 के अन्तर्गत 04 प्रतिशत कर की दर की वस्तुओं की अनुसूची-2 में रखने की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने मोटर/बैटरी चालित ई-रिक्शा को उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 के अंतर्गत 04 प्रतिशत कर की दर की वस्तुओं की अनुसूची-2 में रखने की अनुमति प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि अभी तक ई-रिक्शा पर प्रदेश में 14.5 प्रतिशत की दर से कर देयता थी।

धुनकरों को विद्युत दर में छूट की प्रतिपूर्ति योजना को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने धुनकरों को विद्युत दर में छूट की प्रतिपूर्ति योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा धुनकरों के कार्य को प्रोत्साहित करने तथा उत्पाद की लागत कम करने हेतु उनके विद्युल बिलों में पावरलूम बुनकरों की भांति छूट दिए जाने हेतु इस योजना की शुरुआत की है। इसके तहत उन्हीं धुनकरों को लाभ मिलेगा, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम न हो और लाभार्थी धुनकर के व्यवसाय में लगा हो। इसके साथ ही उसके पास जिला उद्योग केन्द्र में पंजीकृत होने का प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसके अलावा जहां वह पंजीकृत हो, वहां विद्युत विभाग में उसके नाम विद्युत कनेक्शन भी होना जरूरी है।

जिस परिक्षेत्र/जिले में धुनकर व्यवसाय चल रहा हो, वहां धुनकर व्यवसाय में लगे धुनकरों, जो धुनकर होने की निर्धारित पात्रता को पूर्ण करते हों, को इस योजना का लाभ लेने हेतु सम्बन्धित जिले/परिक्षेत्र के सहायक आयुक्त हथकरघा के कार्यालय में घोषणा पत्र देना होगा।

जनपद सहारनपुर में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण हेतु सिंचाई विभाग की भूमि गृह विभाग को निःशुल्क अंतरित करने की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने जनपद सहारनपुर में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण हेतु ग्राम मानकमऊ तहसील सहारनपुर में स्थित सिंचाई विभाग की .779 हेक्टेयर भूमि गृह विभाग को निःशुल्क अंतरित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि गृह विभाग द्वारा प्रदेश के प्रत्येक परिक्षेत्र में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना का निर्णय लिया गया है। सीमित वित्तीय संसाधनों में बेहतर परिणाम के लिए प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था निःशुल्क रूप से रखी गयी है, जिसके क्रम में आज यह निर्णय लिया गया।

गन्ना पेराई सत्र 2015-16 हेतु चीनी मिलों को नीतिगत निर्णय के अधीन घोषित 23.30 रु0 प्रति कुन्टल की वित्तीय सहायता न देने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने गन्ना पेराई सत्र 2015-16 हेतु चीनी मिलों को नीतिगत निर्णय के अधीन घोषित 23.30 रुपए प्रति कुन्टल की वित्तीय सहायता न देने का निर्णय लिया है। साथ ही इसी पेराई सत्र में चीनी मिलों को नीति निर्णय के अधीन दी गई तात्कालिक वित्तीय सहायता में से समिति कमीशन प्रतिपूर्ति 03 रुपए प्रति कुन्टल की सुविधा को भी वापस ले लिया गया है। किन्तु छूट के रूप में दी गई वित्तीय सहायता यथा क्रय कर में छूट, चीनी के प्रवेश कर में छूट एवं समिति कमीशन में छूट (3.90 रुपए प्रति कुन्टल) की सुविधा यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पेराई सत्र 2015-16 के सम्बन्ध में शासन द्वारा लिए गए पूर्व निर्णयों को इस सीमा तक संशोधित करने की अनुमति भी प्रदान कर दी है।

जनपद कुशीनगर में खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का फैसला

जनपद कुशीनगर में खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना करने का फैसला लिया गया है। ग्रामीण इलाकों के बेरोजगार नौजवानों को स्थानीय स्तर पर ही कुटीर तथा खादी एवं ग्रामोद्योग के जरिए स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद कुशीनगर में खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। कुशीनगर मुख्यालय पर जनपद स्तरीय खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना के लिए तहसील-कसया के ग्राम-नरकटिया बुजुर्ग, तप्पा-मैनपुर, परगना सि0जो0 में निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में खादी की अहम भूमिका है। इस कार्य में परम्परागत रूप से लगे धुनकर, कत्तिन, बुनकर, रंगरेज, दर्जी आदि कमजोर वर्ग के व्यक्तियों, जिनके पास आय के अन्य साधन नहीं है, को रोजगार मिलता है।

उ0प्र0 इलेक्ट्राॅनिक्स मैनुफैक्चरिंग नीति के अंतर्गत इकाइयों को मिलने वाली वित्तीय रियायतों की अधिकतम सीमा को संशोधित करते हुए अतिरिक्त प्राविधान को भी मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश इलेक्ट्राॅनिक्स मैनुफैक्चरिंग नीति 2014 के अंतर्गत इकाइयों को मिलने वाली वित्तीय रियायतों की अधिकतम सीमा को संशोधित करते हुए अतिरिक्त प्राविधान को भी मंजूरी प्रदान कर दी है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्राॅनिक्स विनिर्माण नीति-2014’ प्रख्यापित की गई है, जिसमें इलेक्ट्राॅनिक्स विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए विभिन्न वित्तीय एवं गैर वित्तीय प्रोत्साहनों की व्यवस्था है। इस नीति के प्रस्तर 4.5 ‘वैट/केन्द्रीय बिक्रीकर की प्रतिपूर्ति’ में भूमि को छोड़कर, अन्य स्थिर पूंजी निवेश (यथा भवन, प्लाण्ट और मशीनरी, परीक्षण उपकरण इत्यादि) के अधिकतम 100 प्रतिशत की सीमा सहित, 10 वर्षों की अवधि तक वैट/सी0एस0टी0 की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्राविधान है।

उक्त नीति के प्रस्तर 4.10 के अंतर्गत नोट में यह प्रतिबंध भी निहित है कि ‘किसी भी इकाई को सभी स्रोतों से मिलने वाली वित्तीय रियायतें कम्पनी द्वारा किए गए स्थिर निवेश के 100 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे।

अन्य राज्य सरकारों द्वारा सम्भावित निवेशकों को उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा दी जा रही छूट/प्रोत्साहनों की तुलना में अधिक आकर्षक प्रोत्साहन/छूट प्रस्तावित की जा रही है। इसके अलावा मोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में दो प्रकार के निवेशक हैं- प्रथम वे जो अधिक पूंजी निवेश करते हैं तथा उन्हें निर्धारित अधिकतम वित्तीय सीमा से अधिक पूंजी उपादान, ब्याज उपादान आदि की मांग की जाती है तथा दूसरे प्रकार के वे निवेशक जो अधिकतम वैट/सी0एस0टी0 प्रतिपूर्ति चाहते हैं।

उक्त परिदृश्य में ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्राॅनिक्स मैनुफैक्चरिंग नीति 2014’ में कुछ प्राविधानों को पुनरीक्षित तथा वर्तमान प्राविधान के साथ-साथ कतिपय अतिरिक्त प्राविधान भी सम्मिलित किया गया है। नीति में संशोधन के अनुसार यमुना एक्सप्रेस-वे तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे 03 इलेक्ट्राॅनिक्स मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर्स में इलेक्ट्राॅनिक्स इकाइयों की स्थापना होगी, जिनसे निकट भविष्य में ही लगभग 02 लाख से अधिक व्यक्तियों हेतु प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

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