सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव

UP Budget session 2018 started with up governor budget speech and opposition protest

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव

…ऐसे नहीं चलने देंगे हम प्रदेश का निज़ाम- अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार की वादा खिलाफी से टूटे किसान,बेरोज़गारी से जूझते नौजवान,बढ़ती मंहगाई व ध्वस्त कानून व्यवस्था से प्रताड़ित आम इंसान। अखिलेश ने यह ट्वीट गुरूवार को यूपी विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त अधिवेशन के दौरान पार्टी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद किया है।

सरकार की वादा खिलाफी से टूटे किसान,बेरोज़गारी से जूझते नौजवान,बढ़ती मंहगाई व ध्वस्त कानून व्यवस्था से प्रताड़ित आम इंसान।ऐसे नहीं चलने देंगे हम प्रदेश का निज़ाम।अन्याय के खिलाफ संघर्ष करके हर हाल में उनका हक दिलाएंगे।कमज़ोर की ताकत बन कुर्सी पर सोती सरकार जगाएंगे। – अखिलेश यादव

सरकार पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि ” सरकार की वादा खिलाफी से टूटे किसान,बेरोज़गारी से जूझते नौजवान,बढ़ती मंहगाई व ध्वस्त कानून व्यवस्था से प्रताड़ित आम इंसान। ऐसे नहीं चलने देंगे हम प्रदेश का निज़ाम।अन्याय के खिलाफ संघर्ष करके हर हाल में उनका हक दिलाएंगे।कमज़ोर की ताकत बन कुर्सी पर सोती सरकार जगाएंगे।”

यूपी बजट सत्र: गुब्बारे और आलू की माला के साथ ‘हमारे माननीयों’ का प्रदर्शन

गुरुवार से शुरू हुए यूपी विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सपा नेताओं ने प्रदेश की अलग-अलग समस्याओं को लेकर जमकर प्रदर्शन किया।

कोई सदन में गुब्बारे फुलाता और उन्हें उड़ाता नजर आया, तो कोई गले में आलू की माला पहने आलू किसानों की समस्याओं के लिए खड़ा नजर आया। वहीं ज्यादातर विपक्ष हाथों में तख्ती लिए सदन में नारेबाजी करता रहा।

संजय लाठर ने आलू किसानों का मुद्दा उठाया और कहा ‘महंगी मिट्टी महंगा बालू, किसान फेंक रहे अपना आलू’ इसी तरह अलग अलग नारों से सदस्यों ने विधान परिषद की कार्यवाही में अवरोध पैदा करने की कोशिश की।

विरोध प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। कुछ सदस्यों ने राज्यपाल की ओर कागज के गोले भी उछाले। अभिभाषण खत्म होने के बाद राज्यपाल ने इसका जवाब भी दिया। बोले कि ‘आप लोग सभ्य समाज के व्यक्ति हैं यह प्रदर्शित करने का प्रयास करें’

हालांकि इस दौरान सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश सहकारी समिति संशोधन अध्यादेश 2018, उत्तर प्रदेश नगर निगम अध्यादेश 2018, प्रदेश नगर पालिका संशोधन अध्यादेश 2018, उत्तर प्रदेश आबकारी संशोधन अध्यादेश 2018 और पंचायत और जिला पंचायत संशोधन अध्यादेश 2018 को सदन के पटल पर रखा गया।

सपाइयों के हंगामे पर बेबस दिखे सीएम योगी, मीडिया के सामने निकला गुस्सा

यूपी विधानसभा में बृहस्पतिवार को बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल पर कागज के गोलों की बौछार की और सदन में गुब्बारे उड़ाए। शोर-शराबे के बीच सदन में सीटियां भी सुनाई पड़ीं। इस दौरान सदन में सपाइयों के हंगामे पर बेबस नजर आ रहे सीएम योगी आदित्यनाथ का गुस्सा मीडिया के सामने नजर आया।

उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों का दस्तावेज होता है। विपक्ष ने सदन में जिस तरह का अमर्यादित आचरण किया है, वह निंदनीय है। इससे संसदीय मर्यादा तार-तार हुई है। सपा व अन्य विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके, गुब्बारे उछाले, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। यह सब निंदनीय है। इससे साबित होता है कि सपा अपने अराजकतापूर्ण आचरण से विधानसभा को भी मुक्त नहीं रहने देना चाहती। इनका आचरण लोकतंत्र को कमजोर करने तथा गरीबों, दलितों व वंचितों की आवाज दबाने का कुत्सित प्रयास है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, उनसे मेरा आग्रह है कि आचरण ठीक कर लें वरना कहीं लाल टोपी वालों से जनता ही निपटना न शुरू कर दे।

विधान परिषद के सभापति रमेश यादव व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के साथ राज्यपाल सुबह 11.05 बजे विधानसभा में पहुंचे। उनके आते ही विपक्षी सदस्यों ने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ का नारा लगाया। इस बीच राष्ट्रगान की धुन बजने लगी तो सदस्य शांत हो गए। राष्ट्रगान खत्म होने पर जैसे ही राज्यपाल ने अभिभाषण शुरू किया, सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद के सदस्यों ने नारे लिखे बैनर व पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। सपा सदस्य लाल, बसपा सदस्य नीली तथा कांग्रेस सदस्य सफेद टोपी लगाकर सदन में आए थे। सपा एमएलसी संजय लाठर समेत कई सदस्य आलू की माला पहनकर सदन में बैठे नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सदन में मौजूदगी के चलते सपा सदस्य सरकार के प्रति कुछ ज्यादा ही आक्रामक नजर आ रहे थे।

अभिभाषण के दौरान पहले एक-दो बार गुब्बारे फुलाकर हवा में छोड़े गए। थोड़ी देर बाद राज्यपाल के ऊपर कागज के गोले व टुकड़े फेंकने का सिलसिला शुरू हुआ जो अभिभाषण के खत्म होने तक जारी रहा। बीच-बीच में गुब्बारे भी उड़ाए जाते रहे। राज्यपाल को कागज के गोलों से बचाने के लिए मार्शल व सुरक्षाकर्मियों ने घेरा बना लिया और दफ्ती से गोलों को रोकने का प्रयास करते रहे। इसके बावजूद कई गोले राज्यपाल के पास तक पहुंच गए। विपक्षी सदस्यों के रवैये से नाराज राज्यपाल बार-बार सवालिया नजरों से उन्हें देखते भी रहे।

राज्यपाल ने दो बार हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि सदन में सभ्य आचरण प्रदर्शित करें। सपा के सदस्यों ने राज्यपाल के आसन की तरफ भी बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। सदन में विपक्षी सदस्यों व सुरक्षाकर्मियों के बीच कई बार धक्का-मुक्की भी हुई। जबर्दस्त हंगामे व शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने करीब एक घंटा 20 मिनट में अभिभाषण पूरा किया। इसके बाद वे लौटकर जाने लगे तो भी सपा के कई सदस्यों ने पीठ की तरफ कागज के गोले उछाले। विधानसभा अध्यक्ष ने जबर्दस्त हंगामे के बाद भी पूरा अभिभाषण पढ़ने के लिए राज्यपाल को धन्यवाद दिया।

काफी देर तक हंगामा होता रहा। सीएम योगी आदित्यनाथ चुपचाप बैठे रहे लेकिन सदन के बाहर उन्होंने अपनी नाराजगी दिखाई।

सपा की लाल टोपी पर सीएम योगी का वार, सुधर जाएं वरना…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामे पर सपा को आड़े हाथ लिया। उन्होंने चेताया कि वह अपना आचरण ठीक कर ले वरना कहीं जनता ही लाल टोपी वालों से निपटना न शुरू कर दे।

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों का दस्तावेज होता है। राज्यपाल का आगमन विधानमंडल के लिए उपलब्धि है।

विपक्ष ने सदन में जिस तरह का अमर्यादित आचरण किया है वह निंदनीय है। इससे संसदीय मर्यादा तार-तार हुई है। सपा व अन्य विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके, गुब्बारे उछाले, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। यह सब निंदनीय है।

इससे साबित होता है कि सपा अपने अराजकतापूर्ण आचरण से विधानसभा को भी मुक्त नहीं रहने देना चाहती है।

योगी ने कहा कि आज उनके आचरण को सबने देखा। इनका आचरण लोकतंत्र को कमजोर करने तथा गरीबों, दलितों व वंचितों की आवाज दबाने का कुत्सित प्रयास है।

इसी के चलते कागज के गोले बनाकर राज्यपाल को निशाना बनाया गया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनसे मेरा आग्रह है कि आचरण ठीक कर लें वरना कहीं लाल टोपी वालों से जनता ही निपटना न शुरू कर दे।

यूपी विधानसभा सत्र: राज्यपाल पर फेंके गए कागज के गोले, हंगामे के बाद सदन स्थगित

उम्मीदों के मुताबिक यूपी विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। कासगंज हिंसा, प्रदेश की कानून व्यवस्‍था, बढ़ते अपराधों और किसानों की बदहाली के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की।

इसी हंगामे के बीच राज्यपाल राम नाईक ने बजट अभिभाषण पूरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर काम कर रही है। विकास अब जमीन पर दिखने लगा है।

संगठित रूप से अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ यूपीकोका जैसा सख्त कानून लाया गया है। प्रदेश में बड़े स्तर पर भूमाफियाओं को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।

योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस दौरान विपक्ष हाथों में तख्ती लेकर ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाता रहा। सत्र की कार्यवाही स्‍थगित न होती देख विपक्ष के नेताओं ने राज्यपाल पर कागज के गोले फेंकने और सदन में गुब्बारे उड़ाने शुरू कर दिए।

Musing India
Author: Musing India

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *