बिट्टू टिक्की वाला

Success story of BTW owner Satiram Yadav from cart to retail chain

BTW बिट्टू टिक्की वाला के चेयरमैन सतीराम यादव : ठेले से रिटेल चेन का सफ़र

उत्तर प्रदेश के हमेशा चर्चा में रहने वाले अयोध्या जिले के छोटे से क़स्बे से आकर खाने-पीने के शौक़ीन दिल्ली वालों को अपने खास व्यंजनों से सम्मोहित करके उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट्स देकर आज अपनी खास पहचान बना चुके है । समोसा, कचोरी , दही-भल्ला एवं टिक्की की एक छोटी सी रेहड़ी या ठेला लगाने से शुरुआत करके आज रिटेल रेस्त्रां चैन खड़ी कर दी । आज उनके कई खाद्य पदार्थ भी मार्केट में धूम मचा रहे है जिनमे नमकीन, कूकीज, गिफ्ट पैक्स मुख्य है । एक छोटे से गांव से बिना MBA या मैनेजमेंट की डिग्री हासिल किये इस व्यक्ति ने अपनी व्यापरिक कुशलता एवं दूरदर्शिता से एक ठेले से शुरुआत करके

पढाई में शुरू से ही तेज सतिराम ने अपने गांव और क़स्बे से पढाई करने के बाद गरीब बच्चों को मुफ्त में ट्यूशन देना शुरू कर दिया जिससे वो जल्द ही पुरे गांव में मास्टरजी के नाम से प्रसिद्ध हो गए । एक किसान परिवार से आने वाले सतीराम ने गांव में कई रोजगार करने की ठानी लेकिन आशातीत सफलता नहीं मिली । उनका एकमात्र उद्देश्य यह था कि वो कमाने की उम्र में परिवार वालों पर बोझ नहीं बनना चाहते थे । उत्तर-प्रदेश से कई लोग अपने गनव एवं क़स्बे छोड़कर नजदीकी शहरों में रोजगार की तलाश में जाते है तथा वहां मजदूरी के साथ ही चाय एवं नाश्ते के ठेले भी लगाते है ।

सतीराम यादव : एक ठेले से शुरुआत करके करोड़ो का बिज़नेस साम्राज्य खड़ा करने वाली शख़्सियत

सतीराम भी रोजगार की तलाश में अपने गांव के ही एक साथी के कहने पर नयी दिल्ली का रूख किया और वहां कुछ समय बिताने के बाद उन्हें एक रेहड़ी लगाने का निश्चय किया जिसमे नाश्ते में खाने-जाने वाले व्यंजन परोसने की योजना बनाई । अपने काम में हाथ बटाने के लिए उन्होंने अपने गांव से भतीजे RK यादव को भी बुला लिया । सतीराम जिन्हे कचोरी एवं समोसा बनाना आता था और RK ने टिक्की और गोलगप्पे बनाने का काम बखूबी संभाला ।

दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में उन्होंने एक ठेले से शुरुआत की और अपने सौम्य व्यवहार के साथ ही स्वादिष्ट सामानों को ग्राहकों को परोसना शुरू किया । उच्च गुणवत्ता के साथ ही लजीज समोसा एवं टिक्की ग्राहकों की पहली पसंद बन गयी और उनके ठेले पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गयी । धीरे-धीरे उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में नए ठेले लगाना शुरू किया और अपने गांव के आसपास के लोगों को रोजगार देने की ईमानदार कोशिश की ।

सतीराम यादव का व्यापार तेजी से बढ़ रहा था और उन्होंने अब बिज़नेस में एक बड़ा कदम उठाने के बारे में योजना बनाई । अपनी सारी जमा-पूंजी जोड़कर उन्होंने बिट्टू टिक्की वाला के नाम से एक दुकान खोलने का निर्णय लिया । ग्राहकों के भरोसे एवं अपनी मेहनत के दम पर उनकी दुकान का आईडिया चल निकला तथा अब नाश्ते के साथ ही अन्य व्यंजन भी देना शुरू किया जिससे उनकी लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ और लोग उनकी दुकान पर सप्ताहांत पर स्वादिष्ट खाना खाने के लिए आने लगे ।

एक दुकान के सफल होने पर उन्होंने दूसरे रेस्त्रां खोलने के लिए काम करना शुरू किया लेकिन उन्हें हमेशा से ही एक ब्रांड बनाने को लेकर ज्यादा दिलचस्पी थी । इसीलिए उन्होंने बिट्टू टिक्की वाला के संक्षिप्त अंग्रेजी नाम BTW के नाम से अपनी कंपनी रजिस्टर करवाई और इसी के नाम से उन्होंने अपने सारे रेस्त्रां खोले । लाजवाब स्वाद, बढ़िया क्वालिटी और ग्राहकों से बढिया व्यवहार की वजह से जल्द ही बिट्टू टिक्की वाला का नाम प्रसिद्ध होने लगा और लोग दूर दूर से उनकी दुकान पर आने लगे।

इसके बाद वो अपने ब्रांड के नाम से रेस्टोरेंट फ्रैंचाइज़ी देने लगे । सन 1991 में उनका पहला रेस्टोरेंट दिल्ली के रानीबाग मार्किट में खुला। आज BTW के रिटेल चेन में 14 से अधिक रेस्टोरेंट है तथा 1200 से अधिक लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पा रहे हैं। इसके बाद भी सतीराम ने अपने बिज़नेस के विस्तार के लिए नयी योजनाए बनाना शुरू कर दिया और अपने ब्रांड नाम से ही नमकीन, चिप्स , पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का उत्पादन एवं विपणन करना शुरू कर दिया ।

आज BTW ब्रांड के नाम से दिल्ली एवं राजधानी क्षेत्र में कई रेस्टोरेंट के साथ ही 20 से अधिक खाद्य पदार्थ का निर्माण कर रहा है । एक ठेले से शुरू हुआ BTW का आज खुद का नवीनतम तकनीक से सुसज्जित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है तथा मार्केटिंग एवं सेल्स के लिए अलग से ऑफिस है ।

अयोध्या के छोटे से गांव से आने वाले सतिराम ने बिना कोई मैनेजमेंट की डिग्री के एक सफल व्यापार खड़ा कर दिया । आज उनकी टीम में कई प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़े-लिखे युवा काम कर रहे है और उनके मार्गदर्शन में BTW सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है । अपनी मेहनत और लगन के साथ ही व्यापरिक दूरदर्शिता और जोखिम उठाने की क्षमता से

सतीराम यादव आज कई युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके है ।

दिल्ली के पीतमपुरा में चाट, टिकिया के एक ठेले से शुरुआत करके बिट्टू टिक्की वाला अब BTW नाम का ब्रांड बन चुका है. आज दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में BTW के 14 से अधिक रेस्टोरेंट्स और स्टोर हैं. उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में एक ट्यूटर सतीराम यादव कैसे इस बिज़नस में आये और इस मुकाम पर पहुंचे, आइये जानते हैं.

– अयोध्या शहर में गरीब बच्चों को ट्यूशन देने वाले सतीराम यादव ‘मास्टरजी’ के नाम से प्रसिद्ध थे और लोग उनका सम्मान करते थे. अपना बिज़नस शुरू करने और कुछ बड़ा करने की उम्मीद लेकर सतीराम दिल्ली आये. सतीराम किसी बिज़नस फैमिली से नहीं थे, पर वो आत्मविश्वास और हिम्मत से भरपूर थे.

– सतीराम के मन में उत्तर भारतीय स्ट्रीट फ़ूड चाट, टिकिया, दही-भल्ले आदि की दुकान खोलने आईडिया था. सतीराम यादव के सगे भांजे आर. के. यादव को टिक्की बनाने का तरीका आता था. सो सतीराम ने चाट, समोसे आदि का बिट्टू टिक्की वाला नाम से ठेला लगाना शुरू किया. लाजवाब स्वाद, बढ़िया क्वालिटी और ग्राहकों से बढिया व्यवहार की वजह से जल्द ही बिट्टू टिक्की वाला का नाम प्रसिद्ध होने लगा और लोग दूर दूर से उनकी दुकान पर आने लगे.

– अपनी बढ़ती लोकप्रियता को देखकर दूरदर्शी सतीराम यादव ने BTW (Bittu Tikki Wala) ब्रांड नाम रजिस्टर्ड करवा लिया और वो रेस्टोरेंट फ्रैंचाइज़ी देने लगे. सन 1991 में उनका पहला रेस्टोरेंट दिल्ली के रानीबाग मार्किट में खुला. आज BTW के रिटेल चेन में 1200 से अधिक लोग रोजगार पा रहे हैं.

– पिछले 3 साल से BTW पैकेज्ड फ़ूड और कैटरिंग सेगमेंट में भी आ चुके हैं. BTW के नमकीन, रेडी टू ईट आइटम, मिठाइयाँ, मिनरल वाटर, गिफ्ट पैक, कुकीज़ के निर्माण के लिए सतीराम ने 50,000 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल की एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाई है.

– दिल्ली के सुभाषनगर में BTW का शानदार मार्केटिंग ऑफिस सतीराम की सफलता का प्रतीक है. आज बिट्टू टिक्की वाला के सफलता की कहानी MBA कॉलेजों में केस-स्टडी में पढाई जाती है. सतीराम यादव युवा कारोबारियों के लिए एक प्रेरणास्रोत और मिसाल हैं. सतीराम यादव के सफलता की यह यात्रा कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन की कहानी है.

The history of BTW popularly known as “BittooTikkiWala” is very interesting and inspiring. In his early days at a small town of Ayodhya, Sh S R Yadav was respected as a tutor who used to give tuitions to poor students and popularly addressed as Masterji. As the turn of events, his mentors, well-wishers advised him to start something on his own and prove his mettle rather than depend on someone for his living. Having no business acumen, but only faith & confidence in himself, he set on a glorious journey. The concept and thought of doing own business took shape in the form of crispy Tikki and other ready to eat snacks.

The transformation of Mr S R Yadav from Rehri to Retail and then to a corporate world is one of the highly acclaimed success stories in the media & institutions today. He has become a living legend, whose success stories are not only a point of debate in the curriculum of schools and universities but also in Bureaucrats. His success story has inspired many young entrepreneurs even though they are from reputed institutes. Today he is a reputed and well known personality in the social and business world.

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Author: Musing India

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