उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 19 दिसम्बर, 2015 को लखनऊ में ‘डायल 100’ परियोजना भवन का शिलान्यास करते हुए।

State-level Police Emergency Management System (PEMS) ‘Dial-100’ Project approved

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 19 दिसम्बर, 2015 को लखनऊ में ‘डायल 100’ परियोजना भवन का शिलान्यास करते हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 19 दिसम्बर, 2015 को लखनऊ में ‘डायल 100’ परियोजना भवन का शिलान्यास करते हुए।

* डायल-100 परियोजना से घटनाओं में पुलिस का रिस्पाॅन्स टाइम कम होगा: मुख्यमंत्री
* परियोजना के संचालित होने से सुरक्षा को लेकर जनता का भरोसा बढ़ेगा
* देश के लिए यह परियोजना एक उदाहरण बनेगी
* पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त किया गया
* डायल-100 परियोजना सभी तरह की आपातकालीन स्थितियों से निपटने में सहायक होगी

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस राज्यव्यापी डायल-100 परियोजना घटनाओं में पुलिस के रिस्पाॅन्स टाइम को कम करने के लिए शुरू की जा रही है। दुनिया में कई अन्य जगहों पर ऐसी व्यवस्था है, लेकिन कहीं भी यह व्यवस्था इतने बड़े पैमाने पर नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश में यह परियोजना एक उदाहरण के तौर पर देखी जाएगी।
मुख्यमंत्री आज यहां गोमती नगर विस्तार में उत्तर प्रदेश पुलिस राज्यव्यापी डायल-100 परियोजना भवन का शिलान्यास करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डायल-100 परियोजना को लागू करने के लिए देश-विदेश में संचालित ऐसी परियोजनाओं के अनुभवों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डायल-100 परियोजना संचालित होने से प्रदेश की जनता में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ेगा।
श्री यादव ने कहा कि पुलिस पर बड़ी जिम्मेदारी है। साथ ही, चुनौतियां भी बड़ी हैं। क्योंकि आधुनिक तकनीक और संचार साधनों के चलते अपराध के तरीके भी बदल गए हैं। इसका मुकाबला अत्याधुनिक तकनीक और संसाधनों को अपनाकर ही किया जा सकता है। समाज में सभी लोग चाहते हैं कि अपराध और बुरा काम करने वाले लोग जेल जाएं, इसके लिए पुलिस को उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं पर ध्यान देना होगा।
समाजवादी सरकार ने राज्य में पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गम्भीर प्रयास किए हैं। पुलिस को अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त किया गया है। पुलिस कर्मियों की बड़े पैमाने पर प्रोन्नतियां की गई हैं। आवश्यकतानुरूप और शीघ्रता से पुलिस बल की भर्ती के लिए पहले की जटिल भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब पुलिस की भर्ती 10वीं और 12वीं के अंकों और फिजिकल परीक्षा के आधार पर होगी। उन्होंने कहा कि मुश्किल भर्ती प्रक्रिया के बजाय पुलिस को अच्छी ट्रेनिंग दिए जाने की जरूरत है। क्योंकि अच्छी ट्रेनिंग से ही अच्छा काम करने की क्षमता पैदा होती है।
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने प्रदेश की तरक्की और खुशहाली के लिए कई नयी योजनाएं और परियोजनाएं शुरू की हैं। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काफी काम किया गया है। निवेशक अब राज्य में निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं। राज्य की जी0डी0पी0 में भी वृद्धि हुई है। विभिन्न मंचों पर प्रदेश सरकार को सराहा भी गया है।
प्रदेश की खुशहाली और विकास के लिए समाजवादी सरकार लगातार बेहतर प्रयास कर रही है। कामधेनु डेयरी योजना, ‘108’ समाजवादी स्वास्थ्य सेवा, ‘102’ नेशनल एम्बुलेंस सर्विस, समाजवादी पेंशन योजना, अक्षयपात्र संस्था के माध्यम से स्कूलों में भोजन की उपलब्धता, डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना, जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना जैसी अनेक योजनाएं इस उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।
देश का सबसे लम्बा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे राज्य सरकार अपने संसाधनों से बनवा रही है। कोई भी अन्य सरकार अपने संसाधनों से इतनी बड़ी सड़क नहीं बनवा रही है। एक्सप्रेस-वे पर मण्डियां बनायी जाएंगी। मण्डियों के माध्यम से किसान की उपज तेजी से बाजार में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सुविधा मिलेगी, तभी महंगाई कम होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना सहित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, ट्रिपल आई0टी0, आई0टी0 सिटी, कैंसर इंस्टीट्यूट जैसी अनेक परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। आज दुनिया भर में पर्यावरण की शुद्धता को लेकर चर्चा है। लोहिया पार्क और जनेश्वर मिश्र जैसे हरे-भरे पार्क समाजवादी सरकार द्वारा विकसित किए गए हैं, जो आॅक्सीजन लेने के लिए अच्छे स्थान हैं। जनता की सेहत और पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा साइकिल ट्रैक का निर्माण तथा साइकिल चालन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने कहा कि डायल-100 परियोजना सभी तरह की आपातकालीन स्थितियों से निपटने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि संचालित होने के बाद डायल-100 परियोजना भी ‘108’ समाजवादी स्वास्थ्य सेवा की भांति जनता के लिए फायदेमंद साबित होगी।
गृह विभाग के सलाहकर श्री वेंकट चंगावली ने इस अवसर पर कहा कि डायल-100 एक बड़ी परियोजना है। पूरे राज्य में काम करने वाला इस तरह का नेटवर्क पहली बार उत्तर प्रदेश में बन रहा है। उन्होंने कहा कि 10-15 मिनट में घटना स्थल पर पुलिस का पहुंचना किसी भी अच्छे राज्य की पहचान है।
प्रमुख सचिव गृह श्री देवाशीष पण्डा ने अपने सम्बोधन में प्रदेश के पुलिस बल को आधुनिक, उन्नत और उत्कृष्ट बनाने के राज्य सरकार के प्रयासों का ब्यौरा दिया। पुलिस महानिदेशक श्री जगमोहन यादव ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए डायल-100 परियोजना की विशेषताओं से परिचित कराया। कार्यक्रम को कारागार मंत्री श्री बलवंत सिंह रामूवालिया, बेसिक शिक्षा मंत्री श्री अहमद हसन ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान सी0एम0एस0 गोमतीनगर द्वितीय कैम्पस की छात्राओं तथा भारतेन्दु नाट्य अकादमी के रंगमण्डल के कलाकारों ने डायल-100 परियोजना की विशेषताओं को नृत्य एवं नाटिका के माध्यम से दर्शाया।
इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री श्री राजेन्द्र चैधरी, महिला कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती सैयदा शादाब फातिमा, कारागार राज्य मंत्री श्री रामपाल राजवंशी, प्रमुख सचिव सूचना श्री नवनीत सहगल सहित शासन-प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में ‘डायल 100’ बेहद महत्वपूर्ण कोशिश है। इसकी मदद से राज्य में कहीं भी, किसी भी समय, सभी नागरिकों को सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए कम से कम समय में आपातकालीन सेवा मुहैया करायी जा सकेगी। ‘डायल 100’ के जरिए घटना स्थल पर पुलिस बल के रिस्पाॅन्स टाइम को कम से कम करने की कोशिश की गयी है। ‘100’ नम्बर डायल करने पर शहरी क्षेत्रों में दो पहिया वाहन के पुलिस बल के लिए रिस्पाॅन्स टाइम 10 मिनट तथा चार पहिया वाहन के पुलिस बल के लिए 15 मिनट के रिस्पाॅन्स टाइम का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार ग्रामीण इलाकों में चार पहिया पुलिस बल के लिए रिस्पाॅन्स टाइम का लक्ष्य 20 मिनट रखा गया है। ये पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचकर पीडि़त को आकस्मिक सहायता उपलब्ध कराएंगे तथा स्थानीय पुलिस के पहुंचने पर मामला उसे सौंप देंगे।
कुल 2325.33 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के तहत लखनऊ में राज्यस्तरीय केन्द्रीय मास्टर कोआॅर्डिनेटर सेण्टर के रूप में एक काफी बड़े ‘काॅन्टैक्ट सेण्टर’ की स्थापना की जाएगी। राज्य के किसी भी क्षेत्र से 100 नम्बर डायल करने पर टेलीफोन सीधे इस केन्द्र को प्राप्त होगा। प्रदेश के किसी भी क्षेत्र से कोई भी व्यक्ति अपनी समस्याएं इस सेण्टर में न केवल टेलीफोन के माध्यम से, बल्कि एस0एम0एस0, ई-मेल, सोशल मीडिया जैसे अन्य अन्य संचार माध्यमों से भी भेज सकेंगे। इस परियोजना के जरिए पूरे प्रदेश में तत्काल पुलिस सहायता पहुंचाने के लिए 4 हजार 800 वाहनों की व्यवस्था की गयी है। इनमें से 1600 दो पहिया पैट्रोल वाहन और 3200 चार पहिया वाहन हैं। सभी वाहनों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। प्रत्येक वाहन पर दो पुलिसकर्मियों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगायी जाएगी। ये सभी वाहन आबादी, शहरी और ग्रामीण इलाके, भौगोलिक क्षेत्रफल आदि के आधार पर प्रदेश के सभी जिलों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार अपने लिये निर्धारित मार्ग पर पेट्रोलिंग करेंगे तथा प्रत्येक वाहन की वास्तविक भौगोलिक स्थिति की जानकारी वाहन में लगाये गये जी0पी0एस0 उपकरण के माध्यम से मुख्य केन्द्र को प्राप्त होती रहेगी। किसी भी आकस्मिकता की सूचना प्राप्त होने पर ‘डायल 100’ सेण्टर से घटना स्थल के सबसे करीबी पैट्रोल वाहनों को तत्काल सहायता के लिए घटना स्थल पर भेजा जाएगा।
जनता की बेहतर सुरक्षा के लिए फायर सर्विस, राजमार्ग पुलिस, एकीकृत यातायात प्रबन्ध, स्मार्ट सिटी सर्विलान्स, महिला पावर लाइन जैसी अन्य योजनाओं को भी इस परियोजना के केन्द्र से जोड़ा जाएगा। ‘डायल 100’ लगातार चैबीसों घण्टे कार्य करेगा। ‘डायल 100’ पर हिन्दी, अंग्रेजी के साथ-साथ राज्य में बोली जाने वाली सभी आंचलिक भाषाओं तथा चिन्हित भाषाओं में बातचीत की जा सकेगी। साथ ही, विकलांग जन के लिए भी ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि वे इस केन्द्र में अपनी समस्या को सहज रूप से दर्ज करा सकें। ‘डायल 100’ पर फोन करने वाले व्यक्ति से मदद के बाद उसका फीडबैक भी लिया जाएगा। पीडि़त के सन्तुष्ट होने के बाद ही सेण्टर द्वारा मामले को बन्द किया जाएगा।
लखनऊ में बनाये जा रहे मुख्य केन्द्र की तरह जनपद आगरा तथा वाराणसी में भी 2 उपकेन्द्र बनाये जाएंगे। लखनऊ केन्द्र की सेवाओं में किसी तरह की दिक्कत होने पर या क्षमता से अधिक टेलीफोन काॅल आने की स्थिति में ये उपकेन्द्र अपने-आप काम करेंगे। मुख्य केन्द्र की तरह ये उपकेन्द्र भी चैबीसों घण्टे लगातार कार्य करते रहेंगे। ‘डायल 100’ परियोजना के तहत काम करने वाले सभी कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी ‘डायल 100’ परियोजना के तहत स्थापित केन्द्र में की जाएगी। नागरिकों को लगातार बेहतर और उच्च कोटि की सेवाएं मुहैया कराने के लिए केन्द्र पर इकट्ठा होने वाले आकड़ों के विश्लेषण और अनुसंधान के लिए भी एक सेण्टर बनाया जाएगा।
* 4,800 वाहन जी0पी0आर0एस0 के माध्यम से कन्ट्रोल रूम से सीधे जुड़े रहेंगे
* डायल 100 पर काॅल आने पर सबसे नजदीकी वाहन काॅल करने वाले के पास 10-15 मिनट के अन्दर पहुंच जाएगा
* यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक नेटवर्क होगा

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवनिर्मित होने वाले पुलिस विभाग के राज्य स्तरीय डायल 100 परियोजना भवन का शिलान्यास 19 दिसम्बर, 2015 को मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा किया जायेगा। इस परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में कहीं भी किसी भी समय सभी व्यक्तियों जिसमें विकलांगजन भी शामिल हैं, की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिये त्वरित एकीकृत आपातकालीन सेवाएं प्रदान किया जाना है। इसके अन्तर्गत 4,800 वाहन जी0पी0आर0एस0 के माध्यम से कन्ट्रोल रूम से सीधे जुड़े रहेंगे और डायल 100 पर काॅल आने पर सबसे नजदीकी वाहन काॅल करने वाले के पास 10-15 मिनट के अन्दर पहुंच जाएगा। यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक नेटवर्क होगा।
परियोजना के लिये लखनऊ विकास प्राधिकरण से शहीद पथ के निकट गोमतीनगर विस्तार (प्लाट संख्या 7/13) में शासन द्वारा 8 एकड़ भूमि क्रय की गयी है। इस भूखण्ड पर प्रदेश स्तरीय केन्द्रीय मास्टर कोआर्डिनेशन सेंटर के नाम से एक वृहद अत्याधुनिक केन्द्र की स्थापना की जायेगी।
पूरे प्रदेश में किसी भी क्षेत्र से 100 नम्बर डायल करने पर टेलीफोन काॅल सीधे इस केन्द्र को प्राप्त होगी और उसके माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण व नगरीय जनता को त्वरित पुलिस सहायता सहित जानमाल की सुरक्षा हेतु आपातकालीन सेवााएं अल्प समय में उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा। प्रदेश के किसी भी क्षेत्र से नागरिक अपनी समस्याएं न सिर्फ टेलीफोन के माध्यम से बल्कि किसी भी अन्य संचार माध्यम जैसे एसएमएस, ईमेल, सोशल मीडिया आदि से भी इस केन्द्र को दे सकेंगे। इस केन्द्र में पीडि़त व्यक्तियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने की व्यवस्था भी रखी गई है तथा उसके सन्तुष्ट होने के उपरान्त ही प्रकरण को बन्द किया जाएगा।

* डायल ‘100’ की विस्तृत परियोजना आख्या तथा लागत को भी मंजूरी
* परियोजना की कुल लागत 2325.33 करोड़ रु०
* लखनऊ में केन्द्रीय मास्टर को-आॅर्डिनेशन सेण्टर स्थापित होगा
* जनपद आगरा तथा वाराणसी में दो उपकेन्द्र स्थापित किए जाएंगे
* शहरी क्षेत्रों में दो पहिया वाहन का रिस्पाॅन्स टाइम लगभग 10 मिनट और चार पहिया वाहन का रिस्पाॅन्स टाइम लगभग 15 मिनट होगा
* ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चार पहिया वाहन का रिस्पाॅन्स टाइम लगभग 20 मिनट निर्धारित
* परियोजना के तहत कुल 4800 पुलिस पैट्रोल वाहन सक्रिय होंगे

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 19 दिसम्बर, 2015 को लखनऊ में ‘डायल 100’ परियोजना भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 19 दिसम्बर, 2015 को लखनऊ में ‘डायल 100’ परियोजना भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश स्तरीय पुलिस इमरजेन्सी प्रबन्धन प्रणाली (पी0ई0एम0एस0) डायल ‘100’ परियोजना को अनुमोदित किया गया। इस परियोजना की विस्तृत परियोजना आख्या (डी0पी0आर0) तथा परियोजना हेतु व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत को भी मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान कर दी है। परियोजना की कुल लागत 2325.33 करोड़ रुपए होगी। इस परियोजना में भविष्य में किसी वांछित संशोधन के लिए मुख्यमंत्री अधिकृत होंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के जनपदों लखनऊ, कानपुर नगर, इलाहाबाद एवं गाजियाबाद में स्थापित आधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष द्वारा आकस्मिकता की स्थिति में नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं के उत्साहजनक परिणाम को देखते हुए पूरे प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को उन्नत स्तर की पुलिस सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से प्रदेश स्तरीय पुलिस इमरजेन्सी प्रबन्धन प्रणाली (पी0ई0एम0एस0) डायल ‘100’ परियोजना लागू की जा रही है। इस परियोजना के लिए लखनऊ में एक केन्द्रीय मास्टर को-आॅर्डिनेशन सेण्टर स्थापित किया जाएगा।
जनपद लखनऊ में स्थापित किए जा रहे मुख्य डायल 100 केन्द्र की तरह जनपद आगरा तथा वाराणसी में दो उपकेन्द्र स्थापित किए जाएंगे। यह उपकेन्द्र, मुख्य केन्द्र के वैकल्पिक प्रतिबिम्ब केन्द्र रूप में कार्य करेंगे। लखनऊ के मुख्य केन्द्र में की जाने वाली समस्त कार्यवाही इन केन्द्रों से भी स्वतंत्र रूप से की जा सकेगी। प्रत्येक केन्द्र की क्षमता मुख्य केन्द्र की क्षमता की 15 प्रतिशत होगी। लखनऊ केन्द्र की सेवाओं में किसी तरह के व्यवधान होने की स्थिति में अथवा लखनऊ केन्द्र में क्षमता से अधिक टेलीफोन काॅल होने की स्थिति में ये केन्द्र स्वतः कार्य करेंगे। ये केन्द्र भी मुख्य केन्द्र की भांति लगातार 24 घण्टे कार्यरत होंगे।
इस परियोजना के अन्तर्गत आकस्मिक स्थिति में प्रदेश के किसी भी स्थान से टेलीफोन, एस0एम0एस0 अथवा किसी अन्य संचार माध्यम से राज्य व्यापी डायल ‘100’ परियोजना के केन्द्र से सम्पर्क करने वाले नागरिकों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह केन्द्र 24 घण्टे कार्य करेगा। इस केन्द्र में प्राप्त होने वाले सभी टेलीफोन वार्तालापों की रिकाॅडिंग की जाएगी। पीडि़त व्यक्ति की मदद के पश्चात् काॅल सेण्टर द्वारा पीडि़त व्यक्ति से प्रतिक्रिया प्राप्त कर उसके संतुष्ट होने की स्थिति में ही प्रकरण को बन्द किया जाएगा।
डायल ‘100’ परियोजना के अन्तर्गत स्थल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 4800 वाहन पुलिस पैट्रोल वाहनों के रूप में सक्रिय किए जाएंगे। इनमें 3200 चार पहिया वाहन एवं 1600 दो पहिया वाहन होंगे। ये सभी वाहन अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होंगे। प्रत्येक वाहन की वास्तविक भौगोलिक स्थिति की जानकारी, वाहन में लगाए गए जी0पी0एस0 उपकरण के माध्यम से मुख्य केन्द्र को प्राप्त होती रहेगी। किसी आकस्मिकता की सूचना प्राप्त होने पर केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष द्वारा सबसे निकट उपलब्ध वाहन, घटना स्थल पर भेजे जाएंगे। ये वाहन तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर नागरिकों को आकस्मिक सहायता उपलब्ध कराएंगे तथा स्थानीय पुलिस के आगमन पर प्रकरण स्थानीय पुलिस को हस्तगत करेंगे।
इस परियोजना के तहत शहरी क्षेत्रों के लिए दो पहिया वाहन का रिस्पाॅन्स टाइम लगभग 10 मिनट निर्धारित किया गया है। चार पहिया वाहन का रिस्पाॅन्स टाइम शहरी क्षेत्रों के लिए लगभग 15 मिनट होगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चार पहिया वाहन का रिस्पाॅन्स टाइम लगभग 20 मिनट होगा।
लखनऊ मंे स्थापित किए जाने वाले प्रदेश स्तरीय केन्द्रीय मास्टर को-आॅर्डिनेशन सेण्टर में एक वृहद कौशल विकास एवं प्रक्रिया प्रशिक्षण केन्द्र भी होगा, जो सभी श्रेणी के कर्मियों के प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था करेगा। इस वृहद काॅल सेण्टर पर संकलित होने वाले बड़ी संख्या में आकड़ों के विश्लेषण तथा अनुसंधान के लिए एक विशिष्ट विश्लेषण एवं अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की जाएगी। परियोजना के बड़े स्वरूप एवं उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए इसके लिए समर्पित डाटा सेण्टर भी रखा जाएगा।

Detailed project report and expenditure also approved

Total cost of the project is Rs 2325.33 crore

Central Master Coordination Centre to be established in Lucknow

Two sub-centres will be established in Agra and Varanasi districts

In urban areas, the response time of two-wheelers would be about 10-minutes and four-wheelers 15 minutes

Four rural areas, response time of four-wheelers fixed at 20 minutes

A total of 4800 police patrol vehicles will be active under the project

The state cabinet meeting chaired by the Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav today approved the state-level Police Emergency Management System (PEMS) ‘Dial-100’ project. The detailed project report and the approved cost of the project was also approved by the state cabinet. The total cost of the project is Rs 2325.33 crore. The Chief Minister has been authorized to make any desired amendment in future.

It is important to point out here that after modern control rooms established in Lucknow, Kanpur city, Allahabad and Ghaziabad showed heartening results in cases of emergency, the ‘Dial-100’ project is being implemented across the state for provided immediate services by the police in emergency situations in both rural and urban areas. The centralized master coordination centre would be established in Lucknow.

Two sub-centres are also being established in Agra and Varanasi districts. These sub-centres would be acting as alternate mirror centres of the central hub in Lucknow. All activities conducted at the central hub in Lucknow would also be independently done from these sub-centres, which will work to 15 per cent capacity of the central hub.

In case of any interruption in the services being provided by the central hub or the Lucknow centre getting more calls than the capacity, these centres would automatically work and will like the central hub work 24×7. Under this project, under emergency circumstances, people contacting the centre, through telephone, SMS or by any other telecommunications medium, anywhere from the state, would immediately get police help.

All the calls to this centre would be recorded and the complaint would only be disposed off after the complainant is satisfied. In all, under the project, 4800 vehicles would be activated in the 75 districts and this will include 3200 four-wheelers, 1600 two-wheelers. All these vehicles would be equipped with modern gadgets and equipment and their actual positions would be mapped by the central hub through GPS.

In case of any emergency, the central control room would send the nearest located available vehicle to the crime scene. The policemen reaching the scene will provide immediate help to the citizens and inform the local police on their arrival.

Under this project in urban areas, the response time of two-wheelers would be about 10-minutes and four-wheelers 15 minutes and for rural areas, the response time of four-wheelers has been fixed at 20 minutes. A huge skill development and training centre would also be established at the state-level central master coordination centre in which all rank policemen would be trained.

A special analysis and research wing would also be established at the central hub for collecting and analysis of data received. Keeping in mind the magnitude and utility of the project, a dedicated data centre would also be established.

Musing India
Author: Musing India

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *