उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 8 मार्च, 2016 को विधान सभा को सम्बोधित करते हुए।

Power supply system in the state will witness drastic improvement from October: Chief Minister Akhilesh Yadav

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 8 मार्च, 2016 को विधान सभा को सम्बोधित करते हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 8 मार्च, 2016 को विधान सभा को सम्बोधित करते हुए।

माह अक्टूबर से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में प्रभावशाली बदलाव आएगा: मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि माह अक्टूबर, 2016 से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में प्रभावशाली बदलाव आएगा। इससे जहां प्रदेश में उद्योग-धन्धों एवं कृषि कार्य को पर्याप्त बिजली मिलेगी, वहीं राज्य के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र रौशन होंगे। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापरक विद्युत आपूर्ति के लिए विभाग की संचालित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई परियोजनाओं पर भी काम किया जाएगा।

यह जानकारी देते हुए शासन के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि माह अक्टूबर, 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 16 घण्टे, तहसील मुख्यालयों को 20 घण्टे, जनपद मुख्यालयों को 22 घण्टे तथा महानगरों को 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने लगेगी। इसके लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विकास कर रही है।

इस वर्ष पारेषण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 32 विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण कराया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि माह जनवरी एवं फरवरी, 2016 में 06 पारेषण विद्युत उपकेन्द्रों को चालू किया गया। इनमें जनपद प्रतापगढ़ में 220 के0वी0, जनपद सीतापुर के नेरी, जनपद हरदोई के बघौली, जनपद चंदौली के चकिया, जनपद महोबा के पनवाड़ी तथा जनपद कानपुर देहात के रसूलाबाद में क्रमशः 132 के0वी0 के उपकेन्द्र स्थापित किए गए हैं। इससे इन जनपदों के विभिन्न क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन आएगा। उदाहरण स्वरूप 220 के0वी0 प्रतापगढ़ का उपकेन्द्र बन जाने के फलस्वरूप फूलपुर एवं सुल्तानपुर के 220 के0वी0 के उपकेन्द्रों की अतिभारिता में कमी आएगी तथा जनपद में लो-वोल्टेज की समस्या से निदान मिलेगा।

पूर्व में जनपद प्रतापगढ़, फूलपुर और सुल्तानपुर के इन उपकेेन्द्रों से पोषित होता था। इसी प्रकार नेरी में नये उपकेन्द्र की स्थापना से उपकेन्द्र सीतापुर पर भार की कमी आएगी और महोली क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा। जनपद हरदोई के बघौली में उपकेन्द्र की स्थापना से बघौली, कढ़ाई, माधवगंज आदि क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था में सुधार आएगा और जनपद में पहले से स्थापित हरदोई और सण्डीला उपकेन्द्रों में भार की कमी होगी। इसी प्रकार चकिया, पारेषण उपकेन्द्र के ऊर्जीकृत हो जाने से पिछड़े क्षेत्र चंदौली में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

पनवाड़ी उपकेन्द्र के शुरू हो जाने से बुन्देलखण्ड क्षेत्र के महोबा जनपद के सूखा प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति सुदृढ़ होगी तथा कम वोल्टेज से भी निजात मिलेगी। 132 के0वी0 रसूलाबाद पारेषण उपकेन्द्र के ऊर्जीकरण से कन्नौज लोक सभा क्षेत्र के रसूलाबाद, झींझक और कंजीहरी क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बेहतर होगी तथा 132 के0वी0 डिबियापुर उपकेन्द्र की ओवरलोडिंग में कमी आएगी। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार विद्युत विभाग की बुनियादी सुविधाओं से सम्बन्धित परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए कटिबद्ध है।

* ग्रामीण क्षेत्रों में 16, तहसील मुख्यालयों को 20, जनपद मुख्यालयों को 22 तथा महानगरों को 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने लगेगी
* इस वित्तीय वर्ष में 32 पारेषण विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण कराया गया
* जनवरी-फरवरी, 2016 में 6 पारेषण उपकेन्द्र ऊर्जीकृत किए गए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव अपने सरकारी आवास पर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव अपने सरकारी आवास पर।

32 transmission power sub-stations constructed this year

6 transmission power sub-stations energised in January-February 2016

Uttar Pradesh Chief Minister Mr Akhilesh Yadav has said that the state will witness a sea change in power supply from the month of October this year. By this, while industries and business establishments, agriculture works will get adequate power supply, even rural and urban areas of the state would be illuminated.

He also sought early completion of projects undertaken by the power department for quality power supply and also work on new projects, keeping in mind the future requirements and demand of power.

Providing this information, a state government spokesman said that from October 2016, 16 hours power supply in rural areas, 20 hours in Tehsil HQs, 22 hours in district headquarters and 24 power supply in metro cities will be ensured.

For this, he pointed out, the state government was working extensively to upgrade and expand the basic power infrastructure. This year 32 power transmission sub-stations have been constructed and in the month of JanuaryFebruary alone, six of them have been energised.

The spokesman further informed that these included 220 kv sub-station, in Pratapgarh and 132 kv power sub-stations in Neri (Sitapur), Baghauli (Hardoi), Chakia (Chandauli), Panwadi (Mahoba) and Rasoolabad in Kanpur Dehat. These are set to ring in a drastic improvement in power supply to different parts of these districts.

For example, 220 kv power sub-station in Pratapgarh would lead to reduction of load on the 220kv power sub-stations in Phoolpur and Sultanpur and low-voltage problems would be done away with. In the past, Pratapgarh, Phoolpur and Sultanpur were fed by this sub-station. Similarly, after establishing a new power sub-station in Neri, Sitapur sub-station would be less loaded and power supply will improve in the Maholi area.

By setting up of the Baghauli power sub-station in Hardoi, power scenario will improve in Baghauli, Kadhai and Madhavganj and load would be taken off the existing sub-stations in Hardoi and Sandila.

In the same way, after energising of the Chakia transmission sub-station, low voltage problem would be greatly reduced in the backward area of Chandauli. By energising the Rasoolabad power sub-station, Rasoolabad, Jheenjhak and Kanjihari areas of the Kannauj Lok Sabha constituency will get improved power supply and overloading on the 132 kv Dibiapur sub-station would be checked. The spokesman also informed that the state government was fully committed to timely completion of the basic infrastructure related projects of the power department.

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Author: Musing India

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