किसान

Mother and son died in shock due to crop loss in Banda, Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के योगी राज में फसल बर्बाद होने से परिवार को लगा सदमा, मां की मौत के 24 घंटे बाद बेटे ने भी दम तोड़ा

बांदा के अतर्रा में मिलजुलकर खेती कर रहे मां-बेटे की 24 घंटे के अंदर मौत हो गई। पहले बूढ़ी मां की मौत हुई और इसके ठीक 24 घंटे बाद बेटे की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि खेत में बोई फसल सुअर और अन्ना जानवर खा गए। इसी सदमे में दोनों को दिल का दौरा पड़ा।

एसडीएम ने भी मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया है। एक ही परिवार में दोहरी मौतों की यह घटना अतर्रा तहसील क्षेत्र के खम्हौरा गांव की है। शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे विधवा डेबरी (70) पत्नी कलुवा की अचानक हालत बिगड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

मां के अंतिम संस्कार के कुछ घंटे बाद ही उसके 36 वर्षीय पुत्र रामलाल की हालत बिगड़ गई। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे उसकी भी मौत हो गई। एक ही घर में दोहरी मौतों से परिवार और पड़ोस में शोक छा गया।

मृतक रामलाल की पत्नी गुड्डो और गांव के पूर्व प्रधान लक्ष्मीकांत यादव उर्फ कल्लू ने बताया कि गांव में अन्ना गाय और सुअर काफी हैं। बताया कि विधवा डेबरी और उसके तीन पुत्रों के बीच मात्र दो बीघा जमीन है।

इसके अलावा अन्य किसानों के खेतों में मजदूरी कर लेते हैं। रामलाल भाइयों में सबसे छोटा था। अन्ना पशुओं के फसल चर लेने से बूढ़ी मां और पुत्र रामलाल को सदमा लगा था। रामलाल अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चे छोड़ गया है।

उधर, एसडीएम सौरभ शुक्ला ने बताया कि मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। परिजनों ने सूचना नहीं दी। न ही शवों का पोस्टमार्टम कराया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जो भी संभव होगा वो सरकारी सहायता मृतक के परिजनों को दी जाएगी। अन्ना गायों के सवाल पर एसडीएम ने कहा कि अस्थायी गोशाला की जिम्मेदारी प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव की है। इसकी भी जांच कराई जाएगी।

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