उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को 26 अप्रैल, 2015 को उनके सरकारी आवास पर के.जी.एम.यू. के कुलपति प्रो. रवि कांत बुके भेंट करते हुए।

Janata Darshan held by Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav in Lucknow

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को 26 अप्रैल, 2015 को उनके सरकारी आवास पर के.जी.एम.यू. के कुलपति प्रो. रवि कांत बुके भेंट करते हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को 26 अप्रैल, 2015 को उनके सरकारी आवास पर के.जी.एम.यू. के कुलपति प्रो. रवि कांत बुके भेंट करते हुए।

मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचीं लेखपालों-अधिकारियों की शिकायतें

कन्नौज के ग्राम हरमंतपुर निवासी प्रवीण कुमार ने बीस बीघा खेत में जो कुछ बोया था, मौसम की मार से सब बर्बाद हो गया। लेखपाल रिपोर्ट लगाने के लिए तीन सौ रुपये बीघा मांग रहा है। बुधवार को प्रवीण अपना दर्द लेकर मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचे, पर बदकिस्मती से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी और एक अधिकारी को शिकायती पत्र देकर चले गए। प्रवीण बताते हैं कि लेखपाल एक स्थान पर ही रिपोर्ट तैयार कर रहा है और बिना पैसे के कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनकी शिकायत पर जिले के अधिकारियों ने भी कुछ नहीं किया।

जौनपुर के मुड़ेला गांव से आए बुजुर्ग पन्ना लाल और बसंती की फसल भी बर्बाद हो गई। वे उचित मुआवजे के साथ चाहते हैं कि लोहिया ग्राम योजना का लाभ भी उन्हें मिले क्योंकि उनका गांव लोहिया ग्राम में आ चुका है, लेकिन अधिकारी मनमाने तरह से लोगों को चयनित कर रहे हैं।

दारोगा का बेटा भी दर्द लेकर पहुंचा

महोबा में तैनात रहे नागरिक पुलिस के उप निरीक्षक मन्नी लाल वर्मा की आठ अक्टूबर 1998 को वीआइपी ड्यूटी के दौरान चित्रकूट में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। तब उनका बेटा दिग्विजय वर्मा सात वर्ष का था। मृतक दारोगा की पत्नी छिदाना देवी सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और तमाम बीमारियों ने उन्हें घेर लिया। बालिग होने पर बेटे ने मृतक आश्रित में नौकरी मांगी तो पुलिस महकमा अपने दारोगा के परिजनों के प्रति संवेदनहीन हो गया। तीस सितंबर 2010 को दिग्विजय सिंह ने नौकरी के लिए आवेदन किया था लेकिन आज भी उन्हें नियुक्ति पत्र का इंतजार है। मुख्यमंत्री को दिए आवेदन पत्र में उसने समायोजन किए जाने में समय सीमा की छूट मांगी है। इसके लिए उसने कुछ उदाहरण भी दिए। उधर, जांच में आरोपी न पाए जाने के बाद भी नौकरी पर न लिये जाने की शिकायत लेकर गाजीपुर निवासी पुलिस सिपाही कैलाश सिंह ने अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

दुबई में बंद भाई के लिए मांगी मदद

दुबई में फंसे पति रसूल अहमद की वापसी कराने की गुहार लेकर सायरा बानो का पत्र भी मुख्यमंत्री दरबार पहुंचा। रसूल के भाई यह पत्र लेकर पहुंचे और बताया कि उनका भाई लखीमपुर खीरी कस्बा इकरामनगर का रहने वाला था और वीजा से दुबई गया था। वह वहां पकड़ लिया गया। पता चला कि उसके भाई को फर्जी वीजा से भेजा गया था। यह वीजा भी पलिया के एक निवासी ने 65 हजार रुपये में दिलाया था। अब वह व्यक्ति कोई मदद नहीं कर रहा है।

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Author: Musing India

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