फरीदाबाद

Gym, community center and office seal at the Summer Palms Society Greater Faridabad

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हरियाणा के फरीदाबाद में समरपाम सोसायटी में जिम, सामुदायिक केंद्र व कार्यालय सील

ग्रेटर फरीदाबाद में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और बिल्डर की लापरवाही का खामियाजा सोसायटी वासियों को भुगतना पड़ रहा है। खुले में डाले जा रहे सीवर के पानी के मामले में एनजीटी के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला नगर योजनाकार इनफोर्समेंट के अधिकारियों ने सेक्टर-86 स्थित समर पाम सोसायटी में शाम को सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई से सोसायटी वासियों में हलचल मच गई। टीम ने मौके पर सामुदायिक केंद्र, जिम और आरडब्ल्यूए के कार्यालय को सील कर दिया। मौके पर रिहायश के चलते एक भी फ्लैट को सील नहीं किया गया है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। बता दें इस सोसायटी में करीब 800 परिवार रहते हैं। इस मामले में आरटीआइ एक्टिविस्ट वरूण श्योकंद ने एनजीटी में एक याचिका दायर की थी। एनजीटी ने ऐसी सभी सोसायटी को सील करने के आदेश दिए हुए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रेटर फरीदाबाद (ग्रेफ) में सोसायटी से निकलने वाला गंदा पानी लगातार खुले में बह रहा है। यहां करीब 28 सोसायटी हैं और करीब 15 हजार परिवार बसे हुए हैं। इसके चलते न केवल भूमिगत जल प्रदूषित हो रहा है, बल्कि प्रदूषण भी फैल रहा है। इस स्थिति के लिए बिल्डर्स लॉबी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के अधिकारी जिम्मेदार हैं। नवंबर 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल 13 बिल्डरों पर जुर्माने की कार्रवाई कर चुका है। इसके बावजूद इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। बिल्डर और हुडा को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। इस कारण खुले में पानी बह रहा है। इसका इंतजाम करना अधिकारियों व बिल्डर की जिम्मेदारी है लेकिन आमजन को परेशान किया जा रहा है जो कि गलत है।

-बृज बी.शर्मा, कोषाध्यक्ष, आरडब्ल्यूए। जब यहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए नहीं थे तो जिला नगर योजनाकार की तरफ से बिल्डरों को एनओसी नहीं देनी थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसका खामियाजा अब हमें भुगतना पड़ रहा है। पहले भी हमारे एक जनरेटर को सील किया जा चुका है। बिल्डर्स ने सीवरेज पानी को फेंकने के लिए ग्रेफ में ही 10 जगह डं¨पग साइट बना ली है।

-समीर गोयल, प्रधान, आरडब्ल्यूए समरपाम। हम इस कार्रवाई का विरोध करेंगे। यह बात एनजीटी तक पहुंचाई जाएगी। यहां रहने वाले लोगों की सुविधाएं धीरे-धीरे बंद की जा रही हैं। यह सरासर अन्याय है। इसे लेकर जल्द बैठक होगी। उसमें निर्णय लिया जाएगा कि आगे क्या करना है।

-अरुण भार्गव, संपदा प्रबंधक। एनजीटी के आदेश हैं, इसलिए कार्रवाई की जा रही है। एक भी फ्लैट हो सील नहीं किया है, केवल कुछ सुविधाओं पर कार्रवाई की गई है।

-संदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड। जिला उपायुक्त के आदेश पर इस मामले को लेकर कमेटी बनी हुई है। इसमें मुझे चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए बोर्ड की टीम के साथ यहां आया हूं और कार्रवाई की है। धीरे-धीरे सभी ऐसी सोसायटी में कार्रवाई होगी।

-नरेश कुमार, जिला नगर योजनाकार इंफोर्समेंट।

Musing India
Author: Musing India

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