AAM Aadmi Party

Former journalist Ashutosh and Ashish Khetan left AAM Aadmi Party

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आशुतोष के बाद अब आशीष खेतान ने भी दिया आम आदमी पार्टी से इस्तीफा

आशुतोष के बाद एक और पत्रकार आशीष खेतान ने भी आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा दे दिया है। खेतान ने पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को 15 अगस्त को ई-मेल से निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा भेजा है। हालांकि केजरीवाल अभी उन्हें मनाने की कोशिशों में जुटे हैं।

सूत्रों का कहना है कि दिल्ली डायलॉग कमीशन के उपाध्यक्ष रहे खेतान नई दिल्ली लोकसभा सीट से दोबारा चुनाव लड़ना चाहते हैं, जबकि पार्टी किसी नए चेहरे को उतारना चाहती है। इसी कारण खेतान ने इस्तीफा दिया है। लेकिन खेतान के करीबी लोगों का दावा है कि वे कानून की उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं और इसी कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है। वकालत करने के लिए ही उन्होंने दिल्ली डायलॉग कमीशन से इस्तीफा दिया था। केजरीवाल चाहते हैं कि पढ़ाई करने के लिए वे पार्टी से छुट्टी ले लें और पढ़ाई पूरी होने के बाद वापस पार्टी के काम में जुट जाएं।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि आप ने दिल्ली सरकार के वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा को खेतान के स्थान पर नई दिल्ली लोकसभा सीट से उतरने की पेशकश की गई थी। मेहरा ने अमर उजाला से इसकी पुष्टि की, लेकिन उन्होंने निजी कारणों से चुनाव नहीं लड़ने की बात बताई है। मेहरा से पहले आप के प्रवक्ता राघव चड्ढा को यहां से लड़ने की तैयारी करने को कहा गया था लेकिन उन्होंने भी नई दिल्ली के बजाए दक्षिण दिल्ली से लड़ना पसंद किया।

पिछले चुनाव में नई दिल्ली सीट पर खेतान को 2.9 लाख वोट मिले थे, लेकिन वे भाजपा की मीनाक्षी लेखी से 1.6 लाख वोट से हार गए थे। कांग्रेस के अजय माकन 1.82 लाख वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।

पंजाबियों की नाराजगी का डर

दरअसल, चांदनी चौक सीट पर केंद्रीय साइंस और टेक्नोलॉजी मंत्री डा. हर्ष वर्धन के खिलाफ आशुतोष की जगह पंकज गुप्ता को लड़ाने की तैयारी है। ऐसे में बगल की नई दिल्ली सीट पर एक और बनिए आशीष खेतान, को टिकट देने से दिल्ली के पंजाबी मतदाता आम आदमी पार्टी से नाराज हो सकते हैं। इसीलिए नई दिल्ली से राहुल मेहरा के इंकार के बाद भी पार्टी खेतान की जगह किसी अन्य पंजाबी उम्मीदवार की तलाश कर रही है।

ये हो सकते हैं अन्य उम्मीदवार

पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर आप में शामिल हुए गुग्गन सिंह उत्तर पश्चिम (सुरक्षित) सीट पर आप के उम्मीदवार हो सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम कर दिखाने वाली आतिशी मारलेना के पूर्वी दिल्ली से लड़ने के आसार हैं तो उत्तर-पूर्व दिल्ली से दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप पांडे लड़ेंगे। ऐसे में पार्टी को पश्चिमी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवार ढूंढना सरदर्द साबित हो रहा है।

पूर्व पत्रकार आशुतोष ने भी छोड़ी आम आदमी पार्टी, राजनीति से भी ले सकते हैं संन्यास

स्वतंत्रता दिवस के बाद वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष भी राजनीति से आजादी पा लेंगे। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा दे दिया है। इसकी घोषणा जल्द ही किए जाने की संभावना है।

हालांकि आशुतोष ने पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को कुछ महीने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन इसे अभी तक मंजूर नहीं किया गया है। इसलिए अब वह सार्वजनिक तौर पर पार्टी छोड़ने की घोषणा करेंगे।

उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी छोड़ने की वजह नितांत निजी बताई है। आशुतोष के करीबी आप के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बनी पार्टी में जिस मकसद से वह आए थे, उससे उन्हें पार्टी में भटकाव महसूस हो रहा है।

लिहाजा वह आप ही नहीं, राजनीति से भी संन्यास ले रहे हैं। आशुतोष के पत्रकारिता में दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। आम चुनाव से महज आठ महीने पहले आशुतोष जैसे कद्दावर नेता का पार्टी से जाना आप के लिए बड़ा झटका है।

यूं उभरे मतभेद

2014 के चुनाव के दौरान मोदी लहर में वह चांदनी चौक से तीन लाख से अधिक वोट पाकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री डा. हर्षवर्धन से एक लाख वोटों से हार गए थे। फिर भी वह कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से सवा लाख वोटों से आगे रहे।

पार्टी नेतृत्व के साथ आशुतोष के मतभेद पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान उभरे, जब केजरीवाल ने सुशील गुप्ता जैसे उद्योगपति को टिकट दिया था। साथ ही वह आशुतोष और संजय सिंह को राज्यसभा भेजना चाहते थे।

लेकिन आशुतोष ने स्पष्ट कहा कि उनका जमीर उन्हें सुशील गुप्ता के साथ राज्यसभा जाने की इजाजत नहीं देता है। चाहें उन्हें टिकट मिले या न मिले, सुशील गुप्ता को राज्यसभा नहीं भेजा जाना चाहिए।

ये भी छोड़ गए

तब केजरीवाल ने उनकी जगह चार्टर्ड अकाउंटेंट एनडी गुप्ता का नामांकन करा दिया। हालांकि एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता दोनों ही आप के सदस्य नहीं थे। इसके बाद से ही आशुतोष राजनीति में निष्क्रिय हो गए थे।

किरण बेदी, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, मयंक गांधी, शाजिया इल्मी और कुमार विश्वास के साथ आशुतोष भी आप के संस्थापक सदस्यों में से थे। कुमार के अलावा इन सभी ने एक-एक कर आप छोड़ दी है।

कुमार विश्वास फिलहाल पार्टी में हैं, लेकिन पूरी तरह निष्क्रिय हैं। अपने लेखों और कविताओं में जरूर वह आप के नेतृत्व पर तंज कसते रहते हैं।

Musing India
Author: Musing India

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