मनोहर लाल खट्टर

Flyovers will be built to connect Greater Faridabad

ग्रेटर फरीदाबाद को जोड़ने के लिए बनेंगे फ्लाईओवर

मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में शनिवार को सेक्टर-12 लघु सचिवालय में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक नगरी फरीदाबाद विकास के मामले में गुरुग्राम से अभी काफी पीछे हैं। इसके लिए एफएमडीए ने विकास परियोजनाएं तैयार की है। इसके तहत ग्रेटर फरीदाबाद से फरीदाबाद की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इससे फरीदाबाद को एक अलग पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि एफएमडीए की पहली बैठक हुई है। इसमें एफएमडीए की ढांचागत व्यवस्था सभी सदस्यों संग साझा की गई है।

एफएमडीए में कुल छह गैर सरकारी सदस्य कार्य करेंगे। इसमें तीन की नियुक्ति की गई, तीन जल्द की जाएगी। नियुक्ति प्राप्त लोगों में डॉ. एसएस बंसल, बीआर भाटिया और अमित भल्ला शामिल हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि फरीदाबाद में पहले एचएसवीपी, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी जैसी कई संस्थाएं विकास कार्य की जिम्मेदारी उठा रही थी। सभी संस्थाओं में तालमेल की कमी रही। अब विकास कार्य एफएमडीए की ओर से किए जाएंगे। तालमेल बनाए रखने के लिए एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनसंख्या व क्षेत्र के मामले में फरीदाबाद जिला गुरुग्राम से बहुत बड़ा है। गुरुग्राम में 115 सेक्टर हैं, जबकि फरीदाबाद में 179 सेक्टर विकसित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ भौगोलिक कारणों से फरीदाबाद विकास में पिछड़ा है, लेकिन अब इसे हम गुरुग्राम से भी आगे लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि एफएमडीए के गठन के बाद नई व्यवस्थाएं की जाएगी और भ्रष्टाचार कम होगा। उन्होंने कहा कि अब हमें मुख्य परियोजनाओं को एफएमडीए को सौंपना है।

उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में 1700 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है जिसमें से एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी व एमसीएफ की 182 किलोमीटर सड़कें एफएमडीए में शामिल की जाएंगी। फरीदाबाद शहर को सीधा केजीपी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए एनएचएआई को एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर जल्द सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब भविष्य में नई सड़क परियोजनाओं का निर्माण भी एफएमडीए ही करेगा।

पेयजल और सीवर लाइनों की व्यवस्था संभालेगा

नगर निगम के 16 रेनीवेल व एचएसवीपी के 8 रेनीवेल सहित कुल 22 रेनीवेल अब एफएमडीए को ट्रांसफर हो जाएंगे। इसके साथ ही 396 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन को भी एफएमडीए टेकओवर करेगा। उन्होंने बताया कि 600 एमएम से ऊपर की सभी सीवरलाइनों का कार्य अब एफएमडीए देखेगा जिसकी लंबाई 202 किलोमीटर है। इसके साथ ही सभी एसटीपी व सीटीपी भी एफएमडीए ही टेकओवर करेगा। शहर में संचार व्यवस्था को लेकर भी एफएमडीए एक नया नेटवर्क तैयार करेगा।

प्रमुख इमारतें एफएमडीए को सौंपी जाएंगी

सेक्टर-16ए में स्थित एचएसवीपी के गेस्ट हाउस, सेक्टर-12 कन्वेंशन सेंटर, टाउन पार्क सेक्टर-12 व 31, सेक्टर-31 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित कई इमारतें भी एफएमडीए को सौंपी जाएंगी। उन्होंने बताया कि पहले साल में कुशल तकनीकी स्टाफ की कमी को नगर निगम व एचएसवीपी से लेकर पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एफएमडीए के संचालन के लिए शुरुआती वर्ष में 105 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी और जरूरी हुई तो सरकार और भी पैसा भी देगी।

एक-एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी मिलेगी

मुख्यमंत्री ने बताया कि अर्बन लोकल बॉडी (शहरी स्थानीय निकाय) को मिलने वाली दो प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में से एक प्रतिशत अब एफएमडीए के पास जाएगी और एक प्रतिशत नगर निगम को मिलेगी। एफएमडीए के सभी कार्य पेपरलैस होंगे। उन्होंने कहा कि अभी जीएमडीए के साथ मिलकर फरीदाबाद में सिटी बस सर्विस शुरू की गई है, जल्द ही 20 बसें गुरुग्राम से मंगवाकर और चलाई जाएंगी। मांग बढ़ने पर कुछ और बसें एफएमडीए भी खरीद सकता है। उन्होंने बताया कि एफएमडीए के कार्यालय के लिए फिलहाल आईएमटी स्थित एचएसआईआईडीसी कार्यालय का एक तल किराए पर लिया जाएगा। बैठक में एफएमडीए के कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल ने एफएमडीए का विजन डॉक्यूमेंट 2041 प्रस्तुत किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, तिगांव के विधायक राजेश नागर, बड़खल की विधायक सीमा त्रिखा, पृथला के विधायक नयनपाल रावत, एनआईटी के विधायक नीरज शर्मा, महापौर सुमन बाला, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव अजय गौड़, मीडिया सलाहकार अमित आर्य, मंडलायुक्त संजय जून, पुलिस आयुक्त ओपी सिंह, उपायुक्त यशपाल, एफएमडीए की उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गरिमा मित्तल मौजूद रही।

फरीदाबाद में निवेश करना निवेशकों पर है निर्भर

फरीदाबाद में विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री ने निवेश के मुद्दे पर चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा कि निवेश करवाना सरकार का काम नहीं है। ये बड़ी-बड़ी कंपनियों पर निर्भर करता है। वह चाहेंगी तो निवेश कर सकती है। सरकार का काम सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़का-लड़की के रिश्ते जैसा है। हम रिश्ते को तैयार हैं, लेकिन निवेशकर्ता बेहतर विकल्प तलाश रहा है। ऐसे में फरीदाबाद में विकास कर फिर से ऐसे निवेशकों से संपर्क किया जाएगा।

सिक्योरिटी चार्ज चार किस्तों में कर सकते हैं जमा

बिजली बिलो में दो गुना सिक्योरिटी चार्ज वसूलने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये व्यवस्था कई वर्षों से जारी है। बीच में बंद हो गई थी। इसे दोबारा चालू कर दिया गया, जो लोग एक साथ पूरा सिक्योरिटी चार्ज नहीं भर सकते। वह अगले साथ चार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए व्यवस्था की जाएगी।

200 करोड़ रुपये के घोटाले में ले रहे संज्ञान

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम में हुए करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले की उन्हें जानकारी मिली है। इसकी जांच करवाई जा रही है। जांच एजेंसियों जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके बाद कोई कार्रवाई की जा सकती है।
निरीक्षण में पाई खामियां

एफएमडीए से पहले मुख्यमंत्री ने सूरजकुंड क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने काम में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई और साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। एफएमडीए की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बल्लभगढ़ व सेक्टर-22, 23, 24 हार्डवेयर सोहना रोड का निरीक्षण किया। यहां भी कई खामियां सामने आईं।

गुरुग्राम की तर्ज पर फरीदाबाद बनाया जाएगा सिल्ट फ्री

फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने गुरुग्राम की तर्ज पर फरीदाबाद को सिल्ट फ्री (गाद से मुक्त) करने की योजना बनाई है। योजना के तहत शहर में बारिश के पानी निकासी के ड्रेनेज लाइन बिछाई जा रही है। इस दौरान इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि लाइन बिछाने के बाद कहीं कोई व्यक्ति इनमें सीवर का कनेक्शन न करें। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में करीब 24 लाख की आबादी निवास करती है। शहर में सीवर और बारिश के पानी निकासी की गंभीर समस्या है। सीवर लाइनें अक्सर ओवरफ्लो रहती है। गंदा पानी गलियों में जमा रहता है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम ने कुछ साल पहले सेक्टरों में बारिश के पानी निकासी के ड्रेनेज लाइन डाली थीं लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में लोगों ने सीवर की समस्या से छुटकारा पानी के लिए सीवर लाइनों को इनमें जोड़ दिया। इस कारण बारिश और सीवर का पानी दोनों मिक्स हो जाते हैं।

इसके चलते ड्रेनेज लाइन गाद से चौक हो गई है। बारिश के दौरान शहर में जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से गुरुग्राम की तर्ज पर जगह-जगह नए सिरे से ड्रेनेज लाइन (नालों) का निर्माण किया जा रहा है। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से शहर में नए सिरे से ड्रेनेज लाइन बिछाई जा रही है। ड्रेनेज लाइनों का इस तरह निर्माण किया जा रहा है कोई भी व्यक्ति आसानी से उसमें सीवर का पाइप न छोड़ सके। बड़ी सीवरों की सफाई करवाई जाएगी। इससे भविष्य में ड्रेनेज लाइन सिल्ट-फ्री यानी गाद से मुक्त रह सकेंगी।

बारिश के पानी निवासी के लिए ड्रेनेज लाइन का निर्माण कार्य जारी है। सीवरों की सफाई कराई जाएगी। जिससे कहीं भी ओवरफ्लो की समस्या न बने। इसके लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार सड़कों के साथ में बनी ग्रीन बेल्ट को एक-एक फुट गहरा किया जाए जिससे बारिश का पानी सड़क पर न भरें। – डॉ. गरिमा मित्तल, अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी, एफएमडीए

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Author: Musing India

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