Water

Engineering failure, a game happening in the name of drainage

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में इंजीनियरिग फेल, पानी निकासी के नाम पर हो रहा पैसों का खेल

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के औद्योगिक स्मार्ट सिटी जिले फरीदाबाद में एक बात तो साफ है, यदि बारिश हुई तो राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर बाईपास और शहर की सड़कों पर जलभराव होना तय है। नगर निगम से मोटी तनख्वाह ले रहे इंजीनियर या तो समाधान करना नहीं चाहते या फिर इन्हें कुछ जानकारी नहीं है। कारण जो भी हो, पर शहरवासी बेहद परेशान हैं। यदि घंटे-दो घंटे जमकर बारिश हो जाए, तो ऐसा लगता है पूरा शहर डूब गया है। घर से बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिलता। रविवार तड़के शुरू हुई और करीब तीन घंटे तक हुई बारिश के बाद भी हालात कुछ ऐसे ही हो गए थे।

पॉश सेक्टरों से लेकर राजमार्ग तक का बुरा हाल

राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन कर दिया गया है, पर यहां पानी निकासी के इंतजाम नहीं किए गए हैं। रविवार तड़के हुई बारिश के बाद सोहना पुल के पास, गुडईयर चौक, वाईएमसीए, बाटा, अजरौंदा चौक, मैगपाई के सामने सर्विस रोड पर काफी पानी भर गया। इससे वाहनों को आवागमन में दिक्कत हुई। ड्रेन में कचरा जमा होने से पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई थी। इसी तरह से बाईपास पर कुछ माह पहले नई परत चढ़ाई गई है, लेकिन पानी निकासी के इंतजाम नहीं किए गए। इस कारण सेक्टर-9 बाईपास की एक लेन करीब आधा किलोमीटर तक डूब जाती है और लेन का सारा ट्रैफिक दूसरी लेन पर चलने लगता है। रविवार को भी ऐसा ही हुआ। पॉश सेक्टरों सेक्टर-15ए, 15, 16, 17 में भी पानी भरा हुआ नजर आया, जिससे स्थानीय दुकानदारों, मकान मालिकों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।

कहां जाते हैं हर साल ढाई करोड़ :

बरसाती सीजन से पहले नगर निगम द्वारा नालों को साफ करने का अच्छा-खासा बजट तैयार किया जाता है, लेकिन जैसे ही बारिश हुई, लगता है कोई इंतजाम किए ही नहीं गए हो। निगम अधिकारियों की मानें, तो नालों की सफाई के लिए हर साल ढाई करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इस बजट की मॉनिटरिग न होने की वजह से आमजन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

पानी निकासी की व्यवस्था ठीक न होने की वजह से ऐसा हाल हो रहा है। नगर निगम को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना होगा। -संजय दीक्षित, बल्लभगढ़।

बारिश के बाद जहां से भी निकलो, वहां जलभराव दिखाई देता है। रविवार को छुट्टी थी, लेकिन जो लोग अपने काम से निकले, उन्हें परेशानी हुई। – आलोक कुमार, सेक्टर-15

पिछले दिनों हुई बरसात से भी राजमार्ग पर जलभराव हो गया था। यातायात पुलिसकर्मियों ने कई जगह पानी निकासी की व्यवस्था की थी। इसके बाद नगर निगम अधिकारियों को पत्र लिखकर बताया गया कि ड्रेन के अंदर कचरे को साफ किया जाए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया। -सुभाष चंद, यातायात थाना प्रभारी।

अधिकांश नाले साफ हो चुके हैं। जहां जलभराव होता है, वहां टीम जाकर इसके कारण का पता करती है। एक साथ अधिक पानी आने की वजह से कुछ देर के लिए तो पानी भरता है, लेकिन बाद में निकल जाता है। -बीके कर्दम, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

One Reply to “Engineering failure, a game happening in the name of drainage”

  1. Most of the drains are blocked. Almost all the openings are covered with illegal ramps. The drains end nowhere. The roads have a angle towards the centre. All the green belts along the roads are now concretised

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *