उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 12 जून, 2016 को जनपद अम्बेडकर नगर में नवनिर्मित ‘लोहिया भवन’ में डाॅ0 राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण किया।

Economic situation in Uttar Pradesh has improved considerably in the last four year under the leadership of the Chief Minister Akhilesh Yadav

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 12 जून, 2016 को जनपद अम्बेडकर नगर में नवनिर्मित ‘लोहिया भवन’ में डाॅ0 राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 12 जून, 2016 को जनपद अम्बेडकर नगर में नवनिर्मित ‘लोहिया भवन’ में डाॅ0 राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण किया।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पिछले 4 साल में प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधरी

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप पिछले चार साल में उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। बुनियादी सुविधाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में तेजी से बदलाव आया है।

प्रदेश की आर्थिक विकास दर एवं प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उपज, सिंचाई के साथ-साथ कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों से सम्बन्धित आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2012-13 की तुलना में ग्रामीण एवं नगरीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 में वर्ष 2012-13 की तुलना में 2.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2012-13 में प्रदेश की विकास दर जहां 3.9 फीसदी थी, वहीं 2015-16 में बढ़कर 6.6 हो गई।

एन0एस0डी0पी0 में भी प्रभावकारी प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2012-13 में प्रदेश की एन0एस0डी0पी0 3.7 फीसदी थी, जो 2015-16 में बढ़कर 6.5 हो गई है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है। इस समय प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 48,584 रुपए है, जबकि वर्ष 2012-13 में 35,358 रुपए ही थी। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं का असर अब राज्य की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है।

प्रवक्ता के अनुसार राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में प्रभावी काम किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में सीनियर बेसिक विद्यालयों में छात्र नामांकन अनुपात जहां 57.17 फीसदी था, वहीं वर्ष 2015 में इसमें तेजी से सुधार आया और यह अनुपात बढ़कर 65.95 हो गया। इस प्रकार 15 फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। जबकि बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं की दर में भी काफी सुधार आया है। वर्ष 2012 में जहां 49 फीसदी से अधिक छात्रों द्वारा बीच में पढ़ाई छोड़ दी जाती थी, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 39 फीसदी हो गई।

प्रदेश, मुख्य रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पिछले एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष को किसान वर्ष घोषित करके कृषि अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने का काम किया है। उन्होंने बताया कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए जहां सिंचाई सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की गई, वहीं अधिकांश सिंचित क्षेत्रों का सदुपयोग करते हुए बुवाई क्षेत्रफल में वृद्धि करने का काम भी किया गया है। पिछले तीन वर्षों में इसमें काफी बढ़ोत्तरी हुई।

इसके साथ ही, कृषि निवेशों की उपलब्धता सुनिश्चित करके प्रति हेक्टेयर अधिक पैदावार प्राप्त करने का प्रयास किया गया। वर्ष 2012 में जहां प्रति हेक्टेयर औसत 23.91 कुन्टल उपज प्राप्त की गई थी, वहीं वर्ष 2015 में इसमें 5.02 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज करते हुए प्रति हेक्टेयर औसत 25.11 कुन्टल पैदावार प्राप्त की गई। कुल बोये गए क्षेत्रफल में वाणिज्यिक फसलों का हिस्सा करीब 258 फीसदी बढ़ा है। इससे किसानों के रुझान एवं उनकी आमदनी में हो रही बढ़ोत्तरी का आंकलन किया जा सकता है।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय एवं प्रदेश की आर्थिक विकास दर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कई ऐसी परियोजनाएं संचालित करने का काम किया, जिससे उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल का निर्माण लखनऊ व कानपुर में अमूल द्वारा स्थापित होने वाले दुग्ध प्रसंस्करण परियोजनाओं के साथ-साथ ट्रांस गंगा परियोजना तथा सरस्वती हाइटेक सिटी की स्थापना के फलस्वरूप पूंजीगत निर्माण में भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा है।

इसी प्रकार जनपद कन्नौज में काऊ मिल्क प्लाण्ट, इण्टरनेशनल परफ्यूम म्यूजियम एवं परफ्यूम पार्क की स्थापना, समाजवादी पेंशन योजना, गर्भवती महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों के लिए फीडिंग कार्यक्रम, किसानों एवं लक्षित समूहों के लिए समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के साथ-साथ डॉ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना एवं जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना तथा लोहिया ग्रामीण आवास योजना का प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखायी पड़ने लगा है।

गांवों को स्मार्ट विलेज में तब्दील करने के लिए ‘आई स्पर्श’ योजना, सौर ऊर्जा नीति के तहत बड़े पैमाने पर सोलर पावर प्लाण्टों की स्थापना, किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा, कृषक दृर्घटना बीमा योजना के अलावा कामधेनु डेयरी योजना, कामधेनु मिनी एवं कामधेनु माइक्रो डेयरी परियोजना से नगरीय एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

The GDP of the state has increased by 2.7% as compared to 2012-13

The per capita income in the state in 2012-13 was Rs. 35,358 which has now grown to Rs. 48,584 in 2015-16

State Government has strengthened the agri-economy by declaring the present year as the ‘Year of the Farmer’

While the average produce per hectare in 2012 was 23.91 quintals, in the year 2015 the produce was 25.11 quintals

The share of commercial crops in the total sowed land increased by 258 per cent

Due to the efforts of the Samajwadi Government in the past four years, under the leadership of Chief Minister Akhilesh Yadav, economic situation in the state has improved considerably in the last four year.

Basic facilities and welfare schemes have ensured that the lifestyle of the people has become better and the economic development and per capita income has also increased. He added that the data and statistics of the education, health, agri-produce, irrigation and agriculture based activities show clearly that the rural and urban economies in the state are much better placed than they were in 2012-13.

Giving this information, a state government spokesman said that the GDP of the state has increased by 2.7% as compared to 2012-13. The development rate in the state in 2012-13 was 3.9 per cent which has increased to 6.6% in 2015-16. A considerable progress has also been recorded in NSDP – from 3.7% in 2012-13 it has increased to 6.5% in 2015-16.

The per capita income in the state in 2012-13 was Rs. 35,358 which has now grown to Rs. 48,584 in 2015-16. This amply proves that the effect of the present state government’s development projects has started reflecting on the economy of the state.

According to the spokesman, the state government has worked in all sectors. He informed that the admission ratio of students in senior basic schools in 2012 was 57.17, in 2015 it has increased to 65.95. In the same manner, it is good to note that the number of school drop outs has come down from 49% in 2012 to 39 % in 2015.

The state, the spokesman pointed out, depended on rural economy and stated that the present state government has declared the present year the ‘Year of the Farmer’ which has strengthened the rural economy. While the average produce per hectare in 2012 was 23.91 quintals, in the year 2015 the produce was 25.11 quintals Similarly, the share of commercial crops in the total sowed land increased by 258 per cent. The state government spokesman also said that the state government had rolled out many development projects to boost up the state’s economy. These include the Agra-Lucknow Expressway, Samajwadi-Poorvanchal Expressway, Lucknow Metro’s construction and dairy plants being established in Kanpur by Amul.

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Author: Musing India

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