एलपीजी सिलेंडर

Cylinder blast in KLJ Platinum Society in Greater Faridabad

ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-77 स्थित केएलजे सोसायटी में सिलेंडर फटा, महिला के हाथ झुलसे

ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-77 स्थित केएलजे प्लेटिनम फ्लोर प्रथम तल पर गैस सिलेंडर फट गया। सिलेंडर फटने से आग लग गई और सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। आग बुझाने के प्रयास में अल्पना श्रीवास्तव नामक महिला के दोनों हाथ झुलस गए। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

पीड़ित अल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को दोपहर गैस कंपनी का डिलीवरी ब्वॉय घरेलू गैस सिलेंडर देकर गया था। उन्होंने वह सिलेंडर लगा लिया। उस समय उन्हें गैस की बदबू भी आई। उन्होंने सिलेंडर और गैस पाइप को चारों तरफ से देखा, पर कुछ नहीं मिलने पर चूल्हा चालू करके किसी काम से रसोई गैस से बाहर चली गई। थोड़ी देर बाद रसोई में लौटी, तो सिलेंडर और गैस पाइप में आग लग चुकी थी। उन्होंने आग बुझाने का भी प्रयास किया, लेकिन आग काबू से बाहर हो गई थी। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए पड़ोसियों को आवाज लगाई। अल्पना के पति विवेक श्रीवास्तव उस समय नोएडा अपनी कंपनी में और बेटा तनय स्कूल में था। घर पर काम करने वाली बाई रामवती और पड़ोसी का बच्चा मौजूद था। अल्पना के कहने पर रामवती बच्चे को लेकर फ्लैट के बाहर चली गई थी। शोपीस बने रह गए अग्निशमन उपकरण

अल्पना द्वारा मदद के लिए आवाज लगाने में पड़ोसी पहुंच गए। उस समय पूरी रसोई जल रही थी। पड़ोसियों ने सोसायटी में लगे अग्निशमन उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उनमें पानी का प्रेशर नहीं था। इसके अलावा आग बुझाने वाले सिलेंडर भी काम नहीं कर रहे थे।इसके बाद पड़ोसी को फ्लैट के बाहर ले गए और दमकल विभाग को आग लगने की सूचना दी। कुछ देर बाद ही सिलेंडर फटने का जोर से धमाका हुआ। यह गनीमत रही कि अल्पना और पड़ोसी फ्लैट से समय रहते बाहर निकल आए, जिससे किसी तरह का जान-माल का नुकसान होने से बच गया। डेढ़ घंटे बाद पहुंची दमकल की गाड़ी

अल्पना ने बताया कि सिलेंडर फटने से पूर्व पड़ोसियों ने दमकल विभाग को आग लगने की सूचना दी थी, लेकिन दमकल की गाड़ियां सिलेंडर फटने के डेढ़ घंटे बाद पहुंची, तब तक पड़ोसियों ने आग पर काबू पा लिया था। होना चाहिए ग्रेटर फरीदाबाद में उठा था मुद्दा

ग्रेटर फरीदाबाद में भी अग्निशमन के प्रबंध न होने का मुद्दा भी उठाया था। इसमें एक लाख लोगों की अग्नि से सुरक्षा के प्रबंध शून्य शीर्षक के तहत प्रकाशित खबर में आग लगने की सूरत में कोई प्रबंध न होने का उल्लेख किया था और यह भी जानकारी दी थी कि जब तक अग्निशमन की गाड़ी वहां पहुंचेगी, तब तक तो बहुत कुछ स्वाह हो चुका होता है। ताजा घटना ने इस बात की पुष्टि की।

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