उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 मई, 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करते हुए।

Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav announced shops, residential schools for labourers

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 मई, 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करते हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 मई, 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करते हुए।

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav with his wife and Lok Sabha MP Dimple Yadav has announced major sops for labourers and their families on the occasion of Labourer Day.

Yadav has also announced setting up of residential schools and free midday meals for the children of labourers in the unorganised sector.

Samajwadis have always worked for the interests and welfare of the labourers and we are also providing low cost houses through the Lohia Houses scheme. Labourers are an important part of the growth and development of a state. My government understands this and is constantly working for the labour class. Yadav said.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने सेवा योजना वेबसाइट लांच करने के साथ श्रमिक दिवस पर कई सौगातें

मजदूरों के बच्चों को आवासीय स्कूल

अखिलेश यादव ने कहा कि जिन जिलों में मजदूरों की संख्या ज्यादा है, वहां उनके बच्चों के लिए 24 आवासीय स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग 24 आवासीय स्कूलों का शिलान्यास भी किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 मई, 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर साइकिल वितरण योजना के अन्तर्गत लाभार्थी को साइकिल प्रदान करते हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 मई, 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर साइकिल वितरण योजना के अन्तर्गत लाभार्थी को साइकिल प्रदान करते हुए।

महिला ने मुख्यमंत्री को चौंकाया

श्रम विभाग का लाभ लेने पहुंची एक महिला से अखिलेश यादव ने विनम्रता से सवाल किया कि आप मुझे पहचानती हैं, उसने इन्कार में सिर हिला दिया। मुख्यमंत्री ने चेक सौंपने के बाद हाथ जोड़कर उन्हें विदा किया।

लाभ पाकर खुश मजदूर

मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग की प्रत्येक योजना के लिए एक मजदूर को बतौर लाभार्थी सम्मानित किया। संतोष प्रजापति को सोलर लाइट सौंपी। कमलेश कुमार को साइकिल दी। आवासीय सहायता के लिए खान मोहम्मद को 50 हजार रुपए और दिनेश कुमार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपए एफडी दी। कुतबुननिशां को अंत्येष्टि सहायता राशि और शिवकुमार को दुर्घटना सहायता योजना का पांच लाख रुपये का चेक दिया गया।

मोदी और राज्यपाल को दी बधाई

अखिलेश यादव ने कहा कि आज के ही दिन महाराष्ट्र और गुजरात की स्थापना हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब उत्तर प्रदेश से सांसद हैं इसलिए उनको बधाई और राज्यपाल राम नाईक को भी बधाई।

श्रम विभाग को तोहफा

श्रम मंत्री शाहिद मंजूर ने कर्मचारियों को सीयूजी फोन, बीमा अस्पतालों के डॉक्टरों को सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर केबराबर वेतनमान और श्रम विभाग की रिक्तियां भरने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सीयूजी जारी करने का आदेश दिया। अन्य मांगों पर शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया। बीमा अस्पतालों में 490 डॉक्टरों का काडर है लेकिन मौजूदा समय में 85 ही कार्यरत हैं।

47 रुपए की थाली मिलेगी 10 में

श्रम मंत्री ने बताया कि मजदूरों के भोजन की एक थाली की कीमत 47 रुपए आ रही है, लेकिन मजदूरों को सिर्फ 10 रुपये ही देना होगा।

सेवायोजन की बेवसाइट भी लांच

मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के आधीन चलने वाली सेवा योजन इकाई के लिए वेबसाइट का शुभारम्भ किया। अब सभी महकमों की रिक्तियां इस वेबसाइट पर डाली जाएंगी।

श्रम विभाग की योजनाएं

शिशु हित लाभ : इसमें पंजीकृत मजदूर के घर बेटी के जन्म पर 12 हजार और बेटे के जन्म पर 10 हजार रुपए सालाना पौष्टिक आहार भत्ता दिया जाएगा।
मातृत्व हित लाभ : पंजीकृत महिला मजदूर श्रमिकों के प्रसव पर 12 हजार रुपए दिए जाएंगे, यह धनराशि दो किश्तों में मिलेगी और दो बच्चों तक दी जाएगी।
बालिका मदद योजना : पंजीकृत मजदूर के घर बेटी के जन्म पर एकमुश्त 20 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके लिए बेटी के जन्म होने के एक साल के अंदर आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीयन अनिवार्य है।
अक्षमता पेंशन योजना: पंजीकृत मजदूर के कार्य के दौरान विकलांग होने पर एक हजार रुपये मासिक पेंशन जीवन पर्यन्त
दुर्घटना सहायता : पंजीकृत मजदूर की मृत्यु पर पांच लाख रुपए, स्थायी विकलांगता पर तीन लाख और स्थायी आंशिक विकलांगता पर दो लाख रुपये की मदद।
अन्य योजनाएं : पुत्री विवाह अनुदान योजना, मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता, आवास सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, मेधावी छात्र योजना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 मई, 2015 को अपने सरकारी आवास पर अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक लाभार्थियों के साथ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 मई, 2015 को अपने सरकारी आवास पर अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक लाभार्थियों के साथ।

उत्तर प्रदेश की तीन नदियों पर बनेंगे रबड़-स्टील के डैम –

ताजमहल के करीब आगरा में यमुना, गाजियाबाद में ङ्क्षहडन और लखनऊ में गोमती नदी पर स्टील व रबड़ के जरिये डैम बनाया जाएगा। एक डैम की लागत सौ करोड़ रुपये होगी और इसकी आयु 40 साल होगी। इससे सरकार को कई सौ करोड़ रुपये की बचत होगी। सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने बताया कि मलेशिया व सिंगापुर में इस तकनीक का प्रयोग कर चुकी कंपनी के साथ जल्द अनुबंध किया जाएगा।

शिवपाल यादव मलेशिया व सिंगापुर दौरे से लौटने के बाद शुक्रवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।उन्होंने बताया कि इन दोनों देशों की यात्रा के दौरान वहां मंत्रियों, राजनायिक और कई कंपनियों के नुमाइंदों से नदियों की सफाई, सिंचाई और डैमों के निर्माण पर चर्चा हुई। सिंगापुर के रिवर फ्रंटों को दुनिया के सबसे सुंदररिवर फ्रन्टों में शुमार कराने वाली कंपनी ‘एईकॉमÓ स्टील व रबड़ को मिलाकर डैम बना रही है। अब उत्तर प्रदेश में ताजमहल के अप एण्ड डाउन स्ट्रीम में इसी तकनीक से दो डैम बनाए जाएंगे। लखनऊ और गाजियाबाद में भी इस तरह का डैम बनाया जाना है। प्रत्येक डैम पर 70 से 100 करोड़ रुपये का ही खर्च आएगा जबकि पहले गोमती नदी पर डैम बनाने की प्रस्तावित योजना पर 356 करोड़ रुपये खर्च आने का प्राक्कलन बना था। इस तकनीक पर अमल से सरकार को सीधे ढाई सौ करोड़ रुपये की बचत होगी। शिवपाल यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्र के किनारों को बाढ़ से बचाने के लिए आटोमैटिक दीवार की कार्ययोजना तैयार करने के लिये विदेशी कंपनियों से बात चल रही है। उन्होंने बताया कि टर्की की एक संस्था ने नये डैम के विस्थापितों के लिए छह माह में घर, सरकारी भवन, गेस्ट हाउस, तहसील, अस्पताल बनाने की तकनीक का प्रदर्शन किया था, जिसे यहां पर लागू करने की कार्य योजना तैयार की जाएगी।

सिंचाई मंत्री ने बताया कि लखनऊ में तीस किलोमीटर क्षेत्र में बहने वाली गोमती नदी में गिरने वाले 34 गंदे नालों को बंद कराया जायेगा। गंदे नाले को 20 किलोमीटर दूर ले जाकर ट्रीट कर उसके पानी को कम से कम नहाने लायक बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि गोमती नदी पर बनने वाले डायफ्राम वाल का डिजायन तैयार हो दया है। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने भी सिंचाई विभाग की योजनाओं का उल्लेख किया।

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Author: Musing India

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