मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का मुजफ्फरनगर दौरा।

Chief Minister Akhilesh Yadav’s cabinet key decision

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का मुजफ्फरनगर दौरा।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का मुजफ्फरनगर दौरा।

मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

* प्रदेश में पी0पी0पी0 मोड पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए निर्धारित नीति मंजूर

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पी0पी0पी0 मोड पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए निर्धारित नीति में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए इस सम्बन्ध में दिनांक 07 अगस्त, 2013 तथा 28 अक्टूबर, 2015 के शासनादेश में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

इसके तहत मेडिकल काउन्सिल आॅफ इण्डिया द्वारा निर्धारित सुपर स्पेशियलिटी मंे से कार्डियोलाॅजी एवं कार्डिएक सर्जरी के अलावा एक या एक से अधिक सुपर स्पेशियलिटी (कैंसर को छोड़कर) को चयनित करने का अधिकार निजी निवेशकर्ता को दिए जाने का प्राविधान किया गया है। कार्डियोलाॅजी एवं कार्डिएक सर्जरी से सम्बन्धित न्यूनतम बिस्तरों की बाध्यता को 50 प्रतिशत से कम करके 35 प्रतिशत किए जाने का भी प्राविधान किया गया है।

यह भी प्राविधान किया गया है कि सफल निजी निवेशकर्ता द्वारा निविदा में जितने प्रतिशत में बिस्तरों को सी0जी0एच0एस0 दरों के आधार पर उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव दिया जाएगा, उसी प्रतिशत के आधार पर निजी निवेशकर्ता अन्य सुपर स्पेशियलिटी में भी बिस्तरों को उपलब्ध कराये जाने हेतु बाध्य होगा। इसके साथ ही, निजी निवेशकर्ता इसी प्रतिशत के आधार पर ओ0पी0डी0 एवं ओ0पी0डी0 सम्बन्धित चिकित्सीय जाँचों को सी0जी0एच0एस0 दरों पर उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होगा।

निवेशकर्ता को शासन द्वारा एक हजार रुपए के सांकेतिक मूल्य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर अधिकतम 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। रियायत अवधि (कन्सेशन पीरियड) को प्रारम्भिक 30 वर्षों की अवधि की समाप्ति पर रिव्यू समिति द्वारा सन्तोषजनक सेवा प्रमाणित करने के उपरान्त 10-10 वर्ष हेतु (अधिकतम कन्सेशन पीरियड 50 वर्ष) तक विस्तारित किया जा सकता है।

50 वर्ष की रियायत अवधि के उपरान्त आर0एफ0क्यू0 कम आर0एफ0पी0 की नियमों एवं शर्तों के अनुसार निवेशकर्ता द्वारा प्रस्तावित चिकित्सालय को प्रदेश सरकार को हस्तान्तरित किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय को 50 वर्ष के बाद चलाने की प्रक्रिया का सर्वाधिकार प्रदेश सरकार के पास सुरक्षित रहेगा। प्रदेश सरकार द्वारा यह निर्णय लिया जाएगा कि उस समय निर्धारित की गई शर्तों के अनुसार निविदादाता पुनः निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रतिस्पर्धा में भाग ले, जिसमें वर्तमान निविदादाता को पहले मना करने का अधिकार (राइट आफ फस्र्ट रेफ्युजल) दिया जाएगा।

इस परियोजना को लागू करने के लिए डेवलपर आदि के चयन के लिए अग्रेतर कार्यवाही एवं नीतिगत निर्णय लेने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।

* उ0प्र0 प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग की वेतन विसंगति के निराकरण को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के 4 उपसंवर्गों में विभाजन तथा विभाजित उपसंवर्गों के संविलिनीकरण से उत्पन्न हुई वेतन विसंगति के निराकरण के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

इसके तहत प्रादेशिक चिकित्सक एवं स्वास्थ्य संवर्ग में उप संवर्गों के संविलिनीकरण के फलस्वरूप ऐसे सेवारत एवं सेवानिवृत्त विशेषज्ञ चिकित्सक जो अपने से कनिष्ठ चिकित्सकों से नीचे स्तर पर बने हुए हैं, को विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक आहूत कर उनके कनिष्ठ की तिथि से नोशनल पदोन्नति प्रदान करने पर विचार किया जाएगा। नोशनल पदोन्नति पर सेवारत/सेवानिवृत्त चिकित्सकों को कोई ऐरियर देय नहीं होगा। सेवारत चिकित्सकों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से ही नोशनल पदोन्नति के फलस्वरूप प्रदत्त वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाएगा। सेवानिवृत्त चिकित्सकों की पेंशन का पुनर्निर्धारण नोशनल प्रोन्नति की तिथि के आधार पर किया जाएगा। नोशनल प्रोन्नति हेतु अर्ह पाये गये चिकित्सकों की संख्या के आधार पर अधिसंख्य पदों का सृजन आवश्यकतानुसार किया जाएगा।

* चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ लैब टेक्निशियन का पद राजपत्रित

मंत्रिपरिषद ने राज्य सरकार के अधीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ लैब टेक्निशियन के पद को राजपत्रित प्रतिष्ठा प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

* जनपद मैनपुरी में शिकोहाबाद-भोगांव राज्य मार्ग सं0-84 के चार लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने जनपद मैनपुरी में शिकोहाबाद-भोगांव राज्य मार्ग सं0-84 (चौनेज-25.000 से 43.800 एवं 49.300 से 61.800 तक) का दो लेन से चार लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा घिरोर बाईपास लम्बाई 6.56 किमी0 के निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस मार्ग के 4 लेन चौड़ीकरण हेतु पी0सी0यू0 के मानक में शिथिलीकरण तथा कार्य की लागत 200 करोड़ रुपए से अधिक होने के कारण वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-बी0-2-2528/दस-2014- 10/77 दिनांक 26.08.2014 के प्राविधान के अनुसार इस परियोजना पर मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्राप्त किया जाना था।

* कानपुर देहात में सिकन्दरा-झींझक-रसूलाबाद मार्ग का नयी तकनीक से चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की पायलेट परियोजना को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने कानपुर देहात में सिकन्दरा-झींझक-रसूलाबाद (प्रमुख जिला मार्ग सं0-47) के किमी0-21 से 40 तक नवीनतम मशीनों एवं नयी तकनीक स्टैबलाइजेशन ;ैजंइपस्रंजपवदद्ध का उपयोग कर मार्ग का 1.5 लेन से 2 लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण पायलेट परियोजना के तहत निविदा आमंत्रण में राष्ट्रीय स्तर की निविदाताओं के प्रक्रिया में भाग ले सकने तथा प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्राप्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय के स्टैंडर्ड बिडिंग डाॅक्यूमेन्ट तथा उसके द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेश एवं परिपत्र द्वारा किये गये परिवर्तन/संशोधनों को सम्मलित करते हुए प्रयोग करने को मंजूरी प्रदान कर दी है।

साथ ही, सीमेन्ट एवं एडीटिव से स्टैबलाइज करने तथा नवीनतम तकनीक से निर्माण कार्य का अनुभव सामान्यतः निविदादाताओं के पास नहीं होने के कारण भारत सरकार में प्रचलित स्टैण्डर्ड बिडिंग डाॅक्यूमेन्ट के Section-1 Instructions to Bidders (ITB) ds Clause 4.5 A (b) में उल्लिखित निविदा लागत का 50 प्रतिशत समान प्रकृति के कार्य के अनुभव की शर्त में शिथिलता भी प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई इस परियोजना का निर्माण नवीनतम मशीनों एवं नई तकनीक का उपयोग करके किया जाना है। परम्परागत मार्ग निर्माण में प्रयोग होने वाले पत्थर, गिट्टी विभिन्न कारणों से धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं।

जबकि निर्माण गतिविधि बहुत अधिक बढ़ रही है। इन कारणों से परम्परागत ढंग से पत्थर, गिट्टी का प्रयोग करने के स्थान पर स्थानीय एवं रिसाईकिल सामग्री का प्रयोग, मार्ग निर्माण में धीरे-धीरे बढ़ रहा है। पत्थर एवं गिट्टी में सीमेन्ट एवं एडीटिव मिलाकर स्टैबलाइजेशन करने से उसकी स्ट्रेन्थ बढ़ जाती है। मार्ग निर्माण में ग्रैनुलर मैटेरियल एवं मिट्टी को सीमेन्ट तथा एडीटिव से स्टैबलाजेशन कर नवीनतम मशीनें जैसे Cement Spreader & Recycler/Stabilcer का प्रयोग विदेशों में प्रचलन में है।

ग्रेनुलर लेयर में सीमेन्ट एवं एडीटिव के द्वारा स्टैबलाइजेशन किया जाना एक नयी तकनीक है। स्टैबलाइजेशन के द्वारा मार्ग की क्रस्ट मोटाई परम्परागत (Conventional) के सापेक्ष काफी कम हो जाती है, जिससे कि परियोजना पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगी तथा लागत में भी कमी आएगी।

* जनपद कन्नौज में तिरूआ से बेला मार्ग का 04-लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण राज्य सरकार के वित्तीय संसाधनों से कराने का प्रस्ताव मंजूर

मंत्रिपरिषद ने जनपद कन्नौज में एन0एच0-234 के तिरुआ से बेला तक (चौनेज 142.000 से 123.000 तक) मार्ग की ऐतिहासिक एवं व्यावसायिक महत्ता के दृष्टिगत 04-लेन (लम्बाई 19.00 कि0मी0) तक चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य राज्य सरकार के वित्तीय संसाधनों से कराये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह कार्य त्वरित आर्थिक विकास योजना के अन्तर्गत कराया जाएगा।

इस मार्ग पर राजकीय मेडिकल काॅलेज एवं राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज स्थित हैं। मार्ग का चौड़ीकरण हो जाने के फलस्वरूप क्षेत्र के महत्वपूर्ण इत्र उद्योग, कृषि उत्पाद एवं अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की मांग एवं आपूर्ति बढ़ेगी एवं अन्य वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग अधिक किए जाने से यातायात में वृद्धि होगी, जो कि क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में सहायक सिद्ध होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर राज्य के संसाधनों से कार्य कराने हेतु केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अनापत्ति प्रदान कर दी गई है।

* सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रथम फेज के भवन निर्माण कार्यों की पुनरीक्षित प्रायोजना लागत मंजूर

मंत्रिपरिषद ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिल वस्तु, सिद्धार्थनगर के प्रथम फेज के भवन निर्माण कार्यों की व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित पुनरीक्षित प्रायोजना लागत 341.6200 करोड़ रुपए के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है।

डाॅ0 बी0आर0 अम्बेडकर आॅडिटोरियम का पजेशन, मेन्टीनेंस एवं मैनेजमेण्ट लखनऊ विकास प्राधिकरण से लेकर डाॅ0 राम मनोहर

* लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रशासन को वापस करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने डाॅ0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में स्थित डाॅ0 बी0आर0 अम्बेडकर आॅडिटोरियम का पजेशन, मेन्टीनेंस एवं मैनेजमेण्ट लखनऊ विकास प्राधिकरण से लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को वापस किए जाने जाने का निर्णय लिया है।

* नवीन जिला कारागार बरेली के निर्माण कार्य की पुनरीक्षित लागत के प्रस्ताव पर कार्योत्तर अनुमोदन

मंत्रिपरिषद ने नवीन जिला कारागार बरेली के निर्माण कार्य की पुनरीक्षित लागत 22392.56 लाख रुपए के प्रस्ताव पर कार्योत्तर अनुमोदन किए जाने का निर्णय लिया है।

* नवीन जिला कारागार इटावा के निर्माण कार्य की पुनरीक्षित लागत के प्रस्ताव पर कार्योत्तर अनुमोदन

मंत्रिपरिषद ने नवीन जिला कारागार इटावा के निर्माण कार्य की पुनरीक्षित लागत 25226 लाख रुपए के प्रस्ताव पर कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

उ0प्र0 सरकारी विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग (अराजपत्रित) सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली, 2016 के प्रख्यापन की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सरकारी विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग (अराजपत्रित) सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली, 2016 के प्रख्यापन की अनुमति प्रदान कर दी है।

इस सेवा नियमावली में प्रथम संशोधन के माध्यम से नियोजन विभाग के अधीन योजना आयोग, निदेशालय अधिष्ठान पुनरीक्षण ब्यूरो, वित्त विभाग के अधीन राज्य वित्त आयोग एवं संसाधन निदेशालय तथा राज्य सम्पत्ति विभाग में शासन के विशेष सचिव एवं राज्य सम्पत्ति अधिकारी के अधीन गठित लेखा संवर्ग के पदों को उत्तर प्रदेश सरकारी विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग सेवा नियमावली के आच्छादन से बाहर किया जा रहा है।

इसके अलावा, सचिवालय एवं सचिवालय से समकक्षता प्राप्त विभागों में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय एवं लोकायुक्त कार्यालय जो पूर्व में इस सेवा नियमावली के आच्छादन से बाहर नहीं थे, को प्रस्तावित संशोधन के द्वारा इस सेवा नियमावली के आच्छादन से बाहर किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकारी विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग सेवा नियमावली, 2014 में सहायक लेखाकार के पदों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने की व्यवस्था थी। अब इसे संशोधित करते हुए, सहायक लेखाकार के पदों को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने की व्यवस्था की गई है।

* लखनऊ में हार्डिंग ब्रिज से वीयर तक गोमती नदी के चैनलाइजेशन की 1513.5158 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित परियोजना व्यय का प्रस्ताव अनुमोदित

मंत्रिपरिषद ने जनपद लखनऊ में गोमती नदी पर हार्डिंग ब्रिज से वीयर तक गोमती नदी के चौनलाइजेशन की 1513.5158 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित परियोजना व्यय के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

पुनरीक्षित परियोजना की लागत को व्यय वित्त समिति ने 10 जून, 2016 को अनुमोदित किया था, जिसमें कतिपय नये कार्य यथा इण्टरसेप्टिंग डेªेन का निर्माण, अतिरिक्त जलापूर्ति, गोमती वीयर के अपगे्रडेशन हेतु रबर डैम का निर्माण, नदी के दोनों किनारों पर हाई मास्ट लगाने का कार्य, गांधी सेतु एवं वीयर के मध्य पैदल पुल का निर्माण, निशातगंज पुल के डाउन स्ट्रीम में मंदिर एवं मस्जिद के पास पैदल पुलों का निर्माण, म्यूजिकल फाउण्टेन, वाॅटर शो, गोमती बैराज एवं रेलवे पुल दोनों स्थानों पर नदी के वाॅटर-वे की आवश्यकतानुसार दोनों किनारों पर अण्डर पास निर्माण इत्यादि कार्य सम्मिलित किए गए हैं।

* सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तथा राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत धनराशि का वहन करने हेतु मंजूरी

सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सम्मिलित किये जाने के फलस्वरूप केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तथा राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत धनराशि वहन किए जाने के दृष्टिगत, मंत्रिपरिषद ने राज्य सरकार पर आने वाले अतिरिक्त व्यय भार को वहन करने हेतु अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि मार्च, 2013 में भारत सरकार से हुए एम0ओ0यू0 के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत धनराशि तथा राज्य सरकार द्वारा 10 प्रतिशत धनराशि वहन की जानी थी।

* जनेश्वर मिश्र राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना की धनराशि बढ़ाए जाने का प्रस्ताव मंजूर

मंत्रिपरिषद ने जनेश्वर मिश्र राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना की धनराशि बढ़ाये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

इस योजना की गाइडलाइन्स को अपरिवर्तित रखते हुए वित्तीय वर्ष 2016-17 से जनेश्वर मिश्र राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अन्तर्गत प्रथम स्तर के पुरस्कार की राशि 50 हजार रुपये को बढ़ाकर एक लाख रुपये एवं द्वितीय स्तर के पुरस्कार की धनराशि 35 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गयी है। तृतीय पुरस्कार की धनराशि 25 हजार रुपए यथावत रहेगी। पुरस्कार वितरण का आयोजन हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग द्वारा सम्पादित किया जाएगा।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश के हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित किये जाने तथा उनके उत्कृष्ट कार्याें को मान्यता देने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा यह पुरस्कार योजना चलायी जा रही है। योजना के अनुसार पुरस्कार हेतु बुनकरों का चयन द्विस्तरीय-परिक्षेत्र स्तर पर तथा राज्य स्तर पर किये जाने का प्राविधान है।

परिक्षेत्र स्तर पर पुरस्कार हेतु सम्बन्धित बुनकरों के उत्पादों का चयन परिक्षेत्रीय चयन समिति द्वारा किया जाता है, जिसमें सम्बन्धित परिक्षेत्रीय जनपद के जिलाधिकारी (अध्यक्ष), परिक्षेत्रीय सहायक आयुक्त हथकरघा (संयोजक/सदस्य) के अतिरिक्त संयुक्त निदेशक उद्योग, क्षेत्रीय प्रबन्धक यूपिका, प्रोजेक्ट, आॅफिसर हथकरघा निगम, प्रभारी समीपस्थ बुनकर सेवा केन्द्र सदस्य होते हैं। आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की अध्यक्षता में गठित चयन समिति राज्य स्तर पर पुरस्कारों का चयन करती है।

* उ0प्र0 भूगर्भ जल (अभियन्ता और वैज्ञानिक) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2016 को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (अभियन्ता और वैज्ञानिक) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2016 को मंजूरी प्रदान कर दी है। विभाग में नियुक्त अधिकारियों की सेवा शर्ताें को विनियमित करने के लिए उ0प्र0 भूगर्भ जल (अभियंता और वैज्ञानिक) सेवा नियमावली, 1999 प्रख्यापित की गयी। वर्तमान समय में विभाग में प्रथम श्रेणी व द्वितीय श्रेणी के अधिकाशं पद रिक्त हैं। सेवा नियमावली में द्वितीय संशोधन होने से विभाग में रिक्त पदों पर पदोन्नति/चयन उ0प्र0 लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र कराया जाना सम्भव होगा।

* उ0प्र0 वक्फ विकास निगम में कार्यरत नियमित पूर्णकालिक कर्मियों की अधिवर्षता आयु 58 से 60 वर्ष करने का फैसला

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम में कार्यरत नियमित पूर्णकालिक कर्मियों की अधिवर्षता आयु 58 से 60 वर्ष किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि निगम के कार्मिकों की अधिवर्षता आयु 58 वर्ष से 60 वर्ष बढ़ाये जाने पर 15,73,660 रुपये का वार्षिक अतिरिक्त व्ययभार आएगा, जिसे निगम अपने संसाधनों से वहन करने में सक्षम है।

* जनपद सन्तकबीरनगर के ग्राम पंचायत बेलहरकलां एवं बेलहरखुर्द को मिलाकर नगर पंचायत बेलहरकलां बनाये जाने का प्रस्ताव मंजूर

मंत्रिपरिषद ने जनपद सन्तकबीरनगर के ग्राम पंचायत बेलहरकलां एवं बेलहरखुर्द को मिलाकर नगर पंचायत बेलहरकलां बनाये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2934/9-1-14- 426सा/14 दिनांक 28 अगस्त, 2014 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। प्रस्तावित नगर पंचायत शासनादेश के अनुसार जनसंख्या एवं व्यवसाय के मानक को पूर्ण नहीं करती है, जिसे शिथिल कर नगर पंचायत बेलहरकलां के सृजन के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूर कर लिया है।

* मेरठ विकास प्राधिकरण की सीमा विस्तार का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने मेरठ विकास प्राधिकरण की सीमा का विस्तार करते हुए कतिपय नगरीय क्षेत्रों एवं राजस्व ग्रामों को मेरठ विकास क्षेत्र की सीमा में सम्मिलित किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। आवासीय समस्या के निदान हेतु अनियोजित निर्माण को रोकने तथा नगर के सुनियोजित विकास हेतु मेरठ विकास प्राधिकरण की सीमा विस्तार करते हुए खरदौंदा नगर पंचायत, मवाना नगर पालिका परिषद, हस्तिनापुर नगर पंचायत, बहसुमा नगर पंचायत, सरधना नगर पालिका परिषद एवं लावड़ नगर पंचायत तथा 124 राजस्व ग्रामों को मेरठ विकास क्षेत्र की सीमा में सम्मिलित किया गया है।

* बेसिक शिक्षा परिषद के सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन/पारिवारिक पेंशन 3500 रु0 प्रतिमाह करने का फैसला

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन/पारिवारिक पेंशन 3500 रुपये प्रतिमाह किये जाने को मंजूरी प्रदान कर दी है।

ज्ञातव्य है कि बेसिक शिक्षा परिषदीय सेवानिवृत्त शिक्षकों को शासनादेश दिनांक 8 मार्च, 1978 के अन्तर्गत दिनांक 1 मार्च, 1977 से नवीन पेंशन योजना लागू की गयी है।

राजकीय कर्मचारियों की भांति परिषदीय शिक्षकों को दिनांक 1 अक्टूबर, 1981 से नवीन पेंशन योजना के अन्तर्गत पारिवारिक पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गयी। दिनांक 1 जनवरी, 2006 को तथा दिनांक 1 जनवरी, 2006 के उपरान्त सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों को शासनादेश दिनांक 8 दिसम्बर, 2008 में न्यूनतम पेंशन/पारिवारिक पेंशन की धनराशि 3500 रुपये प्रतिमाह अनुमन्य की गयी है।

बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों के पेंशन पुनरीक्षण सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 16 सितम्बर, 2009 एवं दिनांक 28 फरवरी, 2011 द्वारा दिनांक 1 जनवरी, 2006 को ऐसे सेवानिवृत्त/मृत कार्मिकों, जिनकी अर्हकारी सेवा 33 वर्ष रही है, को पूर्व वेतनमान के सादृश्य वेतन बैण्ड में न्यूनतम वेतन तथा ग्रेड वेतन के योग के 50 प्रतिशत न्यूनतम पेंशन की व्यवस्था की गयी है, किन्तु न्यूनतम पेंशन/पारिवारिक पेंशन की धनराशि 3500 रुपये अंकित नहीं हो सकी थी।

परिषदीय शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों की भांति न्यूनतम पेंशन/पारिवारिक पेंशन 3500 रुपये की अनुमन्यता हेतु लगभग 28.32 करोड़ रुपये का वार्षिक व्ययभार अनुमानित है। यह सुविधा दिनांक 01 जनवरी, 2006 के पूर्व अथवा उसके पश्चात् सेवा निवृत्त/मृत शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों/पेंशनरों/उनके आश्रितों पर समान रूप से 01 जनवरी, 2006 से लागू होगी।

* राज्य ग्रामीण पेयजल योजना के मार्गदर्शी सिद्धान्त को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने राज्य ग्रामीण पेयजल योजना के मार्गदर्शी सिद्धान्त को मंजूरी प्रदान कर दी है। केन्द्र पोषित राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत गत वित्तीय वर्ष 2015-16 में भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय अंश परिवर्तित किये जाने के दृष्टिगत प्रदेश को आवश्यकता के अनुरूप धनराशि प्राप्त न होने के कारण प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल कार्यक्रम के सुचारु क्रियान्वयन हेतु ‘राज्य ग्रामीण पेयजल योजना’ नाम से वर्ष 2016-17 के आय-व्ययक में 600 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था नयी मांग के माध्यम से करायी गयी है।

यह योजना शत-प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है। योजनान्तर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने हेतु पाइप पेयजल योजनाओं/इण्डिया मार्क-प्प् हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन इत्यादि किया जाना प्रस्तावित है। योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित किये जाने हेतु स्वीकृत कार्याें की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति प्रदर्शित किये जाने हेतु राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन स्तर पर सूचना, प्रबन्धन तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, ताकि योजनान्तर्गत समस्त सूचनाएं जनसामान्य हेतु उपलब्ध रहें।

* सन्त कृपाल इण्टर काॅलेज गोसवां मल्लावां, हरदोई को अनुदान सूची पर लिए जाने सम्बन्धी निर्गत की गई सैद्धान्ति सहमति पर अनुमोदन

मंत्रिपरिषद ने मा0 उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 19 दिसम्बर, 2013 के अनुपालन में सन्त कृपाल इण्टर काॅलेज गोसवां मल्लावां, हरदोई को अनुदान सूची पर लिए जाने सम्बन्धी शासन द्वारा निर्गत की गई सैद्धान्तिक सहमति पर अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

* डायल-100 की सुविधा के लिए लखनऊ में केन्द्रीय मास्टर को-आॅर्डिनेशन सेण्टर की पुनरीक्षित प्रायोजना मंजूर

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में डायल-100 की सुविधा हेतु लखनऊ में एक प्रदेश स्तरीय केन्द्रीय मास्टर को-आॅर्डिनेशन सेण्टर की स्थापना/निर्माण कराने सम्बन्धी सम्पूर्ण प्रायोजना प्रस्ताव, पुनरीक्षित प्रायोजना प्रस्ताव में उल्लिखित उच्च विशिष्टियों, बाउन्ड्रीवाॅल की उच्च विशिष्ट प्रकृति एवं पुनरीक्षित प्रायोजन की 113.1626 करोड़ रुपए के लागत सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

* उ0प्र0 अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा विनियमावली, 2016 के प्रख्यापन की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा विनियमावली, 2016 के प्रख्यापन की अनुमति प्रदान कर दी है। इस विनियमावली में अरबी-फारसी मदरसों के सुव्यवस्थित संचालन, शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों की सेवा से सम्बन्धित व्यवस्थाएं एवं अरबी-फारसी मदरसों को मान्यता देने आदि के सम्बन्ध में समितियों के गठन आदि की व्यवस्था की गई है। विनियमावली में अरबी-फारसी मदरसों से सम्बन्धित सभी प्रकार की व्यवस्थाएं मदरसों के स्वायत्तता को बनाए रखते हुए की गई है।

* खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद को राजपत्रित घोषित करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत समूह ‘ख’ में वर्गीकृत खाद्य सुरक्षा अधिकारी को राजपत्रित घोषित करने का निर्णय लिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर चयन हेतु निर्धारित शैक्षिक अर्हता, उनके कर्तव्य, दायित्व एवं वेतनमान के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है।

* उ0प्र0 सचिवालय कम्प्यूटर सहायक सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली, 2016 के प्रख्यापन की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सचिवालय कम्प्यूटर सहायक सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली, 2016 के प्रख्यापन की अनुमति प्रदान कर दी है। प्रख्यापन के पश्चात् कम्प्यूटर सहायक संवर्ग में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की पदोन्नति, मृतक आश्रितों का सेवायोजन, उत्तरांचल विकास विभाग के कार्मिकों के विनियमितीकरण तथा सीधी भर्ती के माध्यम से चयन हेतु कार्यवाही की जा सकेगी।

* सैफई सीवरेज एवं ड्रेनेज योजना का वित्त पोषण त्वरित आर्थिक विकास योजना से कराने के लिए मार्गदर्शी सिद्धान्तों में शिथिलीकरण की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने जनपद इटावा के सैफई मास्टर प्लान के अंतर्गत ड्रेनेज एवं सीवरेज हेतु पाइप लाइन डालने की योजना का वित्त पोषण त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत किए जाने के क्रम में त्वरित आर्थिक विकास योजना के मार्गदर्शी सिद्धान्त में शिथिलीकरण की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके तहत अपवाद के रूप में केवल जनपद इटावा के सैफई सीवरेज एवं ड्रेनेज योजना की व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत 10778.62 लाख रुपए का वित्त पोषण त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत अनुदान संख्या 40 के विभिन्न मदों से किया जाएगा।

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Author: Musing India

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