उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

Chief Minister Akhilesh Yadav writes to Union Home Minister Rajnath Singh

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह से 400 के0वी0 अटौर-इन्दिरापुरम लाइन के एक टावर को विशेष परिस्थितियों में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के गाजियाबाद स्थित परिसर में स्थापित किए जाने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित करने का अनुरोध किया है, जिससे इस महत्वपूर्ण लाइन को पूरा करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की बिजली सम्बन्धी समस्या का स्थायी निराकरण सम्भव हो सके।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह मंत्री को लिखे एक पत्र में कहा है कि प्रदेश में स्थापित होने वाली बारा, मेजा, करछना एवं टाण्डा तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी तथा उत्पादित ऊर्जा का पारेषण प्रदेश के पश्चिमी भाग तक सुनिश्चित करने के लिए, उ0प्र0 पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन द्वारा पी0पी0पी0 पद्धति के अन्तर्गत विकासकर्ता, मैसर्स वेस्टर्न यू0पी0 पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन के माध्यम से निर्माणाधीन 400 के0वी0 उपकेन्द्र इन्दिरापुरम के ऊर्जीकरण हेतु 400 के0वी0 अटौर-इन्दिरापुरम लाइन का निर्माण करवाया जा रहा है। यह पारेषण लाइन इस उपकेन्द्र के ऊर्जीकरण हेतु एकमात्र विकल्प है।

इस उपकेन्द्र का निर्माण प्रदेश के पश्चिमी भाग विशेषतः राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र जैसे-इन्दिरापुरम, वैशाली, नोएडा एवं गाजियाबाद शहर की विद्युत आपूर्ति में गुणात्मक सुधार हेतु अत्यन्त आवश्यक है एवं इसके ऊर्जीकरण के फलस्वरूप राज्य की अधिसंख्य आबादी को सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति सुलभ हो सकेगी।

श्री यादव ने पत्र में कहा है कि प्रस्तावित पारेषण लाइन से सम्बन्धित एक टावर इन्दिरापुरम, जनपद गाजियाबाद में स्थित केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 5वीं आर0ई0एस0 बटालियन के परिसर में लगाया जाना है। इसके लिए इस परिसर की 8ण्5ग्8ण्5 मीटर भूमि को उपयोग में लाया जाना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपथ के अतिरिक्त इस लाइन के निर्माण हेतु अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। इस परिप्रेक्ष्य में सी0आई0एस0एफ0 काॅलोनी परिसर में एक पारेषण टावर की स्थापना अनिवार्य है। इसके लिए केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल से स्थानीय स्तर पर सम्पर्क किया गया, परन्तु अभी तक कोई सकारात्मक समाधान नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया है कि इस पारेषण लाइन की महत्ता के दृष्टिगत प्रकरण केन्द्र सरकार के ‘ई-समीक्षा पोर्टल’ के केन्द्र-राज्य समन्वय खण्ड पर गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप एवं निराकरण हेतु 28 दिसम्बर, 2015 को निर्दिष्ट किया गया। 14 जनवरी, 2016 को इस पोर्टल के माध्यम से केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अवगत कराया गया कि यह भू-खण्ड केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों हेतु 37 नग आवास एवं बैरक के निर्माण हेतु चिन्हित है। यह भी अवगत कराया गया है कि इस भू-खण्ड के अतिरिक्त आवासों के निर्माण हेतु केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पास जनपद गाजियाबाद में अन्य कोई भूमि उपलब्ध नहीं है।

श्री यादव ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण करने पर पाया गया कि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा इस भूमि पर यदि प्रस्तावित आवासों एवं बैरक का निर्माण करवाया जाता है, तो भी उस स्थिति में परिसर में टावर की स्थापना हेतु पर्याप्त भूमि उपलब्ध होगी। टावर की स्थापना से सुरक्षा मानकों का कोई उल्लंघन नहीं होगा। इसके दृष्टिगत भी केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 14 जनवरी, 2016 को प्रकरण पर प्रस्तुत आख्या पुनः विचारणीय है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह मंत्री से इन परिस्थितियों में प्रकरण की महत्ता को देखते हुए 400 के0वी0 अटौर-इन्दिरापुरम लाइन के एक टावर को विशेष परिस्थितियों में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के गाजियाबाद स्थित परिसर में स्थापित किए जाने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किए जाने का अनुरोध किया है।

Chief Minister requests Union Home Minister, to allow as a special case, establishing a tower for the 400 KV Ataur-Indirapuram Line at the Central Industrial Security Force (CISF) campus in Ghaziabad

After work on this important line is completed, a permanent solution to the power woes of the National Capital Region (NCR) would be done

Construction of the sub-station very crucial for qualitative improvement of power supply in the state’s NCR

Energising the sub-station would benefit a large population by providing a strong power supply

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav has requested Union Home Minister Mr. Rajnath Singh, to allow as a special case, establishing a tower for 400 KV Ataur-Indirapuram Line at the Ghaziabad campus of Central Industrial Security Force (CISF) and issue necessary instructions.

This, he pointed out would be very necessary, in finding a permanent solution to the power woes of a large population living in the National Capital Region (NCR). The Chief Minister, in his letter, has said that to ensure power exit from the Bara, Meja, Karchana and Tanda thermal projects and to ensure transmission of the power generated from here to western parts of the state, the Uttar Pradesh Power Corporation, on a PPP mode, is getting a 400 KV Ataur-Indirapuram Line, for energization of an under-construction 400 KV substation by developers, M/s Western UP Power Transmission Corporation.

This transmission line is the only alternative for energising this sub-station. Construction of this sub-station is vital for qualitative improvement of power supply to western UP, specially NCR’s Indirapuram, Vaishali, Noida and Ghaziabad city. Once this is done, Mr. Yadav pointed out, a large population in this region will get a strong power supply and end their problems with regards to power supply.

He further states in the letter that a tower of the proposed transmission line, has to be established in the CISF’s 5th RES Battalion campus in Indirapuram. For this, a 8.5×8.5 metre stretch of land is required and that there was no alternative option to this.

With regards to this hence, a transmission tower in the CISF campus is a must and despite contact at local level no headway has been made on the matter, the Chief Minister detailed in the letter to Mr. Singh.

The Chief Minister also pointed out that keeping in mind the importance of this transmission line, the Centre-State coordination cell of the Government of India’s ‘e-Samiksha Portal’ has directed the Home Minister to intervene and find a solution to the issue on December 28, 2015.

On January 14, 2016, through this portal, the home ministry has informed that the said piece of land in the CISF campus has been earmarked for 31 units of houses and barrack construction for CISF troopers. It has also been informed that the CISF does not have any other stretch of land in Ghaziabad.

Mr. Yadav also pointed out, in light of this, that local officials have physically inspected the said site and are of the opinion that even if the CISF constructs the said housing units and barracks for its jawans on this land, there would be adequate land left for establishing the tower and that no security parameters would be breached as well. With regards to this, a follow-up action is pending at the end of the union home ministry.

The Chief Minister, while citing the vital conditions of the project, has requested Mr. Rajnath Singh to treat it as a special case and allow the establishing of the tower for the 400 KV Ataur-Indirapuram Line and pass on necessary instructions to the concerned authorities.

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Author: Musing India

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