Chief Minister Akhilesh Yadav met Nitin Gadkari

Chief Minister Akhilesh Yadav writes to Prime Minister Narendra Modi

Chief Minister Akhilesh Yadav met Nitin Gadkari
Chief Minister Akhilesh Yadav met Nitin Gadkari

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए 4741.55 करोड़ रु0 की अवशेष धनराशि शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदेश में वर्ष 2015 में ओलावृष्टि के कारण हुई फसलों की क्षति से किसानों को राहत पहुंचाने के लिए 4741.55 करोड़ रुपए की अवशेष धनराशि राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि से शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।

प्रधानमंत्री को आज लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री ने 4741.55 करोड़ रुपए की धनराशि अतिशीघ्र दिए जाने से सम्बन्धित विभिन्न बिन्दुओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि वर्ष 2015 में ओलावृष्टि से उत्तर प्रदेश के किसानों की व्यापक क्षति हुई थी। इसके मद्देनजर किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए एन.डी.आर.एफ. से प्रदेश सरकार द्वारा धनराशि दिए जाने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने इस प्रकरण में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री किरन रिजजू के 21 अक्टूबर, 2015 के पत्र की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने अपने पत्र में अवगत कराया कि वर्ष 2015-16 के दौरान हुई ओलावृष्टि के कारण आवश्यक धनराशि के प्रबन्धन हेतु राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 2801.59 करोड़ रुपए की धनराशि दी गई है और इस हेतु राज्य सरकार को और कोई अतिरिक्त धनराशि नहीं दी जाएगी। पत्र में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा अपने ज्ञापन में पुनः निर्माण कार्य, मध्यम, दीर्घकालिक/स्थायी प्रकृति की तैयारी एवं प्रसमन उपायों जैसी मदों के लिए निधियों की अपेक्षा को दर्शाया गया था, जो एस.डी.आर.एफ. तथा एन.डी.आर.एफ. मानदण्डों के कार्य क्षेत्र से बाहर है। इसलिए उन मदों के लिए सहायता प्रदान किए जाने पर विचार नहीं किया गया।

श्री यादव ने इस सम्बन्ध में अवगत कराया है कि वर्ष 2015 की ओलावृष्टि हेतु 7543.14 करोड़ रुपए का मेमोरेण्डम भारत सरकार को पे्रषित किया गया था, जिसमें निर्धारित मानक के अनुसार कृषि फसलों की क्षति के सापेक्ष कृषि निवेश हेतु अनुदान 7538.95 करोड़ रुपए, मकानों की क्षति के सापेक्ष गृह अनुदान 0.21 करोड़ रुपए, ओलावृष्टि की अवधि में मृतकों के आश्रितों हेतु सहायता 3.72 करोड़ रुपए तथा पशुओं की हानि के लिए सहायता 0.26 करोड़ रुपए की धनराशि की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट करते हुए लिखा है कि प्रदेश सरकार द्वारा पुनः निर्माण कार्य अथवा मध्यम, दीर्घकालिक/स्थायी प्रकृति की तैयारी एवं प्रसमन उपायों जैसी मदों के लिए धनराशि नहीं मांगी गई है। इसलिए मांग के सापेक्ष कम धनराशि स्वीकृत किए जाने के लिए दर्शाए गए कारण स्वीकार योग्य नहीं हैं।

श्री यादव ने यह भी उल्लेख किया है कि ओलावृष्टि वर्ष 2015 के बाद सामान्य से कम वर्षा होने के कारण प्रदेश के 50 जनपदों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति में यह अत्यन्त आवश्यक है कि किसानों को आवश्यक अवशेष राहत की धनराशि शीघ्र उपलब्ध करायी जाए।

Chief Minister requests Prime Minister for early release of the remaining Rs. 4741.55 crore for relief to farmers whose crops were lost to hailstorm

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav has written a letter to Prime Minister Mr. Narendra Modi, seeking early release of the pending Rs. 4741.55 crore, against the relief to farmers for crop damage in 2015 due to the hailstorm, from the National Disaster Relief Fund.

In his letter sent to the prime minister today, the Chief Minister has drawn his attention to various points with regards to his request for an early release of the pending amount and has said that large scale damage had been done to the crops due to the hailstorm and inclement weather. Keeping this in mind, to provide immediate relief to the ravaged farmers, it had been requested that funds be disbursed to the state from the NDRF.

Mr. Yadav drew the attention of the Prime Minister with regards to a letter written by MoS Home Affairs Mr. Kiren Rijiju on October 21, 2015 whereas it was informed that the NDRF has released Rs. 2801.59 crore from the NDRF and that giving any amount other than this would not be possible.

The letter went on to point out that the state government in its memorandum had expected funds under heads like re-construction, medium, long-term/permanent nature preparations that were out of the purview of the NDRF and SDRF guidelines hence they cannot be considered.

Mr. Yadav went on to point out that owing to the hailstorm in 2015, a memorandum of Rs. 7543.14 crore had been sent to the Government of India, out of which as per fixed guidelines Rs. 7538.95 crore was against agricultural investment in the light of agricultural crop damage, Rs. 0.21 crore against house damages, Rs. 3.72 crore as financial assistance for the next of kin of those killed in the natural calamity and Rs. 0.26 crore assistance against cattle loss.

The Chief Minister has clarified in his letter that no funds have been sought under the heads mentioned by the Union Minister of state for Home Affairs. Henceforth, he went on to write, it was not acceptable that the downsized funds be accepted.

Mr. Yadav has also mentioned in his letter that after the hail storm in 2015, more than 50 districts of the state are faced with famine due to poor and scanty rainfall, make it important that the remaining funds be released at the earliest.

Musing India
Author: Musing India

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *