मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 13 मई, 2016 को अपने सरकारी आवास पर पुलिस आधुनिकीकरण के सलाहकार श्री वेंकट चंगावल्ली के साथ डायल ‘100’ परियोजना की समीक्षा करते हुए।

Chief Minister Akhilesh Yadav reviews the progress of ‘Dial 100’ project

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 13 मई, 2016 को अपने सरकारी आवास पर पुलिस आधुनिकीकरण के सलाहकार श्री वेंकट चंगावल्ली के साथ डायल ‘100’ परियोजना की समीक्षा करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 13 मई, 2016 को अपने सरकारी आवास पर पुलिस आधुनिकीकरण के सलाहकार श्री वेंकट चंगावल्ली के साथ डायल ‘100’ परियोजना की समीक्षा करते हुए।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने डायल ‘100’ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस राज्य व्यापी डायल ‘100’ परियोजना का संचालन प्रत्येक दशा में 02 अक्टूबर, 2016 से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लखनऊ सहित वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और झांसी जनपदों में इस परियोजना की शुरुआत के लिए वे स्वयं वहां जाएंगे। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर पुलिस आधुनिकीकरण हेतु राज्य सरकार के सलाहकार श्री वेंकट चंगावल्ली के साथ परियोजना के क्रियान्वयन में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

श्री यादव ने कहा कि परियोजना के लिए तैनात होने वाले पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। पुलिस कर्मियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार और घटना स्थल पर समय से पहुंचने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि ‘108’ और ‘102’ एम्बुलेन्स सेवा की तर्ज पर पुलिस भी न्यूनतम समय में घटना स्थल पर पहुंच सके। उन्होंने परियोजना के लिए स्थापित होने वाले कॉल सेण्टर में महिला पुलिस कर्मियों की भी तैनाती किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कटिबद्ध है। इसके मद्देनजर पुलिस बल को सभी आधुनिक संसाधनों सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। न्यूनतम समय में मौके पर पुलिस पहुंच सके, इस उद्देश्य से प्रदेश सरकार यह परियोजना लागू कर रही है। उन्होंने डायल ‘100’ परियोजना के लिए मानक तय करते हुए कहा कि इसे सबसे तेज, बड़ी, सस्ती, प्रभावी और बेहतर ;थ्ंेजमेजए स्ंतहमेजए ब्ीमंचमेजए ैजनतकपमेज ंदक ठमजजमतद्ध सेवा के तौर पर विकसित किया जाए।

बैठक के दौरान श्री चंगावल्ली ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि परियोजना के तहत 3200 चार पहिया वाहन सक्रिय रहेंगे। इनमें 700 इनोवा तथा 2500 बोलेरो गाड़ियां होंगी और ये सभी वाहन काले रंग के होंगे। वर्तमान मंे परियोजना के भवन का निर्माण लखनऊ में शहीद पथ पर तेजी से कराया जा रहा है। वाहनों की व्यवस्था और प्रबन्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थापित होने वाले कॉल सेन्टर में 100 महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। परियोजना को लागू करने के सम्बन्ध मंे सभी जरूरी व्यवस्थाओं के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है।

ज्ञातव्य है कि लखनऊ, कानपुर नगर, इलाहाबाद एवं गाजियाबाद में स्थापित आधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं के उत्साहजनक नतीजों को देखते हुए प्रदेश स्तरीय पुलिस इमरजेन्सी प्रबन्धन प्रणाली (पी0ई0एम0एस0) डायल ‘100’ परियोजना लागू करने का फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया गया था। लखनऊ में राज्य व्यापी डायल ‘100’ परियोजना भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका शिलान्यास पिछले साल दिसम्बर में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था।
मुख्य डायल ‘100’ केन्द्र की तरह आगरा तथा वाराणसी में दो उपकेन्द्र स्थापित किए जाएंगे। यह उपकेन्द्र, मुख्य केन्द्र के वैकल्पिक केन्द्र रूप में कार्य करेंगे। लखनऊ केन्द्र की सेवाओं में किसी तरह के व्यवधान होने की स्थिति में अथवा लखनऊ केन्द्र में क्षमता से अधिक टेलीफोन कॉल होने की स्थिति में ये केन्द्र स्वतः कार्य करेंगे। ये केन्द्र भी मुख्य केन्द्र की भांति लगातार 24 घण्टे कार्यरत होंगे।

इस परियोजना के अन्तर्गत आकस्मिक स्थिति में प्रदेश के किसी भी स्थान से टेलीफोन, एस0एम0एस0 अथवा किसी अन्य संचार माध्यम से राज्य व्यापी डायल ‘100’ परियोजना के केन्द्र से सम्पर्क करने वाले नागरिकों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह केन्द्र 24 घण्टे कार्य करेगा।

डायल ‘100’ परियोजना के अन्तर्गत स्थल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 4800 वाहन पुलिस पैट्रोल वाहनों के रूप में सक्रिय किए जाएंगे। इनमें 3200 चार पहिया वाहन एवं 1600 दो पहिया वाहन होंगे। ये सभी वाहन जी0पी0एस0 सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होंगे।

इस परियोजना के तहत शहरी क्षेत्रों के लिए दो पहिया वाहन का रिस्पॉन्स टाइम लगभग 10 मिनट निर्धारित किया गया है। चार पहिया वाहन का रिस्पॉन्स टाइम शहरी क्षेत्रों के लिए लगभग 15 मिनट होगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चार पहिया वाहन का रिस्पॉन्स टाइम लगभग 20 मिनट होगा।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 13 मई, 2016 को अपने सरकारी आवास पर पुलिस आधुनिकीकरण के सलाहकार श्री वेंकट चंगावल्ली के साथ डायल ‘100’ परियोजना की समीक्षा करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 13 मई, 2016 को अपने सरकारी आवास पर पुलिस आधुनिकीकरण के सलाहकार श्री वेंकट चंगावल्ली के साथ डायल ‘100’ परियोजना की समीक्षा करते हुए।

Chief Minister orders start of ‘Dial 100’ project across the state from October 2, 2016

Policemen manning the service will be given special training

Women police personnel to be placed at the Call Centre of the Project

Dial ‘100’ project to be developed as the fastest, biggest, cheapest, effective and best service

State Government implementing the project to ensure that police reaches the crime scene in minimum time span

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav today reviewed the progress of ‘Dial 100’ project which is an ambitious scheme of the state government and issued instructions that this UP Police project be started, under all circumstances, on October 2, 2016. He also said that he himself will go to Varanasi, Agra, Ghaziabad and Jhansi districts to flagoff the project.

The CM was reviewing the progress made on the project, at his official residence, along with Mr. Venkat Changavalli, the advisor to the state government for police modernization. Seeking for special training for police personnel who will man the Dial 100, the Chief Minister said this was necessary to ensure proper and good behaviour with people and to ensure that police teams reach the crime scene in time.

He also stated that all efforts should be rolled out to ensure that the police reached the crime scene in minimum time in line with the ‘108’ and ‘102’ ambulance services, which were already operational. He also directed officers concerned to ensure that women police personnel are also deployed at the Dial 100 call centres.

Fixing the parameters of the Dial ‘100’ project, Mr. Yadav said it should be developed as the fastest, biggest, cheapest, effective and best service. During the meeting, Mr. Changavalli informed the Chief Minister that under the project, 3200 four-wheelers would be active in which 700 would be Innova’s and 2500 Bolero cars. All vehicles would be painted in black.

At present, the project’s headquarter at the Shaheed Path, Lucknow was under construction at a fast pace. Special arrangements are being made for vehicles and their management. One hundred women personnel would be posted at the call centre. With regards to various aspects of the project, the tender process was underway.

It may be pointed out here that after seeing the encouraging response to police’s modern control rooms in Kanpur city, Lucknow, Allahabad and Ghaziabad, the state government had decided to implement the Dial 100 project based on Police Emergency Management System (PEMS). The Chief Minister had last December laid the foundation stone for the Dial-100 project HQ in Lucknow.

Two sub-centres, on lines of the Lucknow centre would be established in Agra and Varanasi. These sub-centres, would function as the alternate to the Lucknow centre which will automatically take over services in case the Lucknow centre faces some technical snag or some other problem and getting clogged with telephone calls beyond capacity.

These two centres would also work 24×7. Under this project, in case of emergency, a person can communicate with the Dial 100 call centre through a telephone, SMS or any other communication method and in turn will be provided immediate relief and help. Once the project takes off, 4800 vehicles would be active in 75 districts of the state, of which 3200 would be four wheelers and 1600 two wheelers. All these vehicles would be equipped with GPS and other modern equipment.

The response time under dial 100 has been fixed as ten minutes for two-wheelers in urban areas and 15 minutes for four wheelers while in rural areas the response time for four wheelers has been mandated as 20 minutes.

Musing India
Author: Musing India

musingindia.com is a leading company in Hindi / English online space. musingindia.com is a leading company in Hindi/English online space. Launched in 2013, musingindia.com is the fastest growing Hindi/English news website in India, and focuses on delivering around the clock national and international news and analysis, business, sports, technology entertainment, lifestyle and astrology. As per Google Analytics, musingindia.com gets 10,000 Unique Visitors every month.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *