मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से 27 अप्रैल, 2016 को लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति श्री एस0 रफत आलम ने मुलाकात की।

Chief Minister Akhilesh Yadav reviews the action taken on matters received under the Jan Sunvayi system

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से 27 अप्रैल, 2016 को लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति श्री एस0 रफत आलम ने मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से 27 अप्रैल, 2016 को लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति श्री एस0 रफत आलम ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली पर जन शिकायतों के निस्तारण पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली पर जनता की शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले एक जिलाधिकारी और चार जिलों के पुलिस प्रमुख का जवाब-तलब किया

* शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी: मुख्यमंत्री
* मुख्यमंत्री प्रदेश स्तर के कार्यालयों द्वारा जन शिकायतों के निस्तारण हेतु की गई कार्रवाई की शीघ्र समीक्षा करेंगे

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने ‘जन-सुनवाई’ पोर्टल के माध्यम से शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा दिक्कतों के प्रभावी समाधान की व्यवस्था लागू की है। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली पर जनता की शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले एक जिलाधिकारी और चार जिलों के पुलिस प्रमुख का जवाब-तलब किया है। इनमें पीलीभीत के जिलाधिकारी तथा फैजाबाद, कासगंज, देवरिया और बस्ती जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली के तहत जनता की शिकायतों के निस्तारण पर की गई कारवाई की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान की स्थिति को परखने के लिए जल्द ही वे प्रदेश स्तर के कार्यालय पर इनके निस्तारण की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि शिकायतों के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण के उद्देश्य से समाजवादी सरकार ने इस साल जनवरी से देश के पहले एकीकृत पोर्टल ‘जन-सुनवाई’ की व्यवस्था लागू की है।

श्री यादव ने इस बात पर बल दिया कि इन्फाॅरमेशन टेक्नोलाॅजी के जरिए सरकार की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के साथ ही, जनता की उम्मीदों को अधिक बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए समाजवादी सरकार ने वर्ष 2015-16 के अपने विकास एजेण्डे में, जनशिकायतों के प्रभावी प्रबन्धन, समाधान और निगरानी के लिए ‘इंटीग्रेटेड ग्रीवान्स रिडेªसल सिस्टम’ विकसित करने पर जोर दिया, जिससे जनता की सभी शिकायतों को एक प्लेटफाॅर्म पर लाकर, वहीं से उनके समाधान की व्यवस्था की जाए और उनकी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में अधिकारियों द्वारा यह जानकारी दी गई कि इस वर्ष 25 जनवरी से ‘जन-सुनवाई’ व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक 02 लाख से अधिक प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अवशेष प्रकरणों का प्राथमिकता पर समाधान किए जाने के निर्देश दिए।
ज्ञातव्य है कि ‘जन-सुनवाई’ व्यवस्था के तहत राज्य में मौजूद विभिन्न शिकायत प्रबन्धन प्रणालियों को एक प्लेटफाॅर्म पर शामिल किया गया है। इसके तहत जनता की सभी समस्याओं एवं शिकायतों को आॅनलाइन एक ही पोर्टल पर प्राप्त किया जा रहा है। ‘ई-मार्किंग’ के जरिए ये शिकायतें और आवेदन सम्बन्धित अधिकारियों और विभागों को इलेक्ट्राॅनिक माध्यम से भेजे जा रहे हैं, जिससे इनके निस्तारण में काफी तेजी आयी है।

इस व्यवस्था के लागू हो जाने से सम्बन्धित विभागों एवं अधिकारियों को शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान और माॅनीटरिंग में सहूलियत हो रही है, जिससे जनता और सरकारी कार्यालयों के बीच सुविधाजनक एवं पारदर्शी तरीके से संवाद कायम हुआ है। आॅनलाइन होने के कारण नागरिक अपनी शिकायतें घर बैठे भी दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, शिकायतकर्ता किसी भी समय अपनी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति को टैªक कर सकते हैं। इससे जनता को राज्य सरकार के किसी आॅफिस या विभाग में आने-जाने की अनावश्यक दौड़-भाग से छुटकारा भी मिल गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तहसील दिवस, जन सुविधा केन्द्रों, लोकवाणी केन्द्रों के साथ-साथ आॅनलाइन की गयी शिकायतें किस पड़ाव तक पहुंची हैं, इसका पता भी ‘जन-सुनवाई’ पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत शिकायतकर्ता को शिकायत के रजिस्ट्रेशन, समाधान सहित हर पड़ाव पर एस0एम0एस0 के माध्यम से सूचित किए जाने की व्यवस्था की गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत को दूर करने सम्बन्धी रिपोर्ट को, पोर्टल पर देखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गयी है। तय समय में हल न निकलने पर शिकायतकर्ता पोर्टल के माध्यम से ही सम्बन्धित अधिकारियों को आॅनलाइन रिमाइण्डर भी भेज सकता है। पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण पर मुख्यमंत्री कार्यालय की लगातार नज़र बनी रहती है।

Chief Minister seeks explanation from one district magistrate and four district police chiefs showing laxity in addressing complaints of people on the ‘Jan Sunvayi’ system

Officers showing callousness towards qualitative redressal of problems will be taken to task : Chief Minister

Chief Minister to review redressal of complaints in state wide offices soon

Samajwadi Government, the first in the country to launch an integrated portal ‘Jan Sunvayi’ for prompt, effective and transparent redressal of complaints

After implementation of the ‘Jan Sunvayi’ system, more than 2 lakh complaints received, more than 70 per cent matters resolved

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh yadav has said that his government has implemented a ‘Jan Sunvayi’ mechanism to provide quality solution to the complaints received from the people, so that their grievances were effectively redressed. Warning officers against any callousness with regards to this, the Chief Minister also sought explanation from one such district magistrate and four district police chiefs.

These include district magistrate of Faizabad, district police chiefs of Deoria, Basti, Kasganj and Faizabad. The Chief Minister today chaired a review meeting at his official residence to assess the effective and prompt solution of complaints received under the Jan Sunvayi system. He also informed that very soon he will be reviewing the situation of the same at the state level.

Adding that the Samajwadi government, since January this year implemented the Jan Sunvayi system for prompt, effective and transparent solution of the problems of the people and redressal of their complaints. Mr. Yadav stressed that by assimilating information technology into governance, government can live up to the expectations of the people. Keeping this in mind, he added, the Samajwadi Government in its development agenda of 2015-16 and encouraged the promotion of the ‘Integrated Grievance Redressal System’ for effective management, solution and monitoring of people’s complaints. Through this, people’s problems can be tackled on one platform and their solution, follow up can be monitored.

During the meeting, officers informed that after implementation of the ‘Jan Sunvayi’ system on January 25, more than 2 lakh matters have been received and about 70 per cent of them have been resolved. The Chief Minister ordered speedy solution to the pending problems as well.

Problems received on this platform are ‘e-marked’ and sent to concerning officer electronically, which has expedited the whole process. This has not only made things easy for both the people and officers, but has ensured that the whole process was hassle-free and transparent. Since its an online facility, people can lodge their complaints from the confines of their homes.

Through the portal, the location of one’s problems at the Chief Ministers office, district magistrate, police superintendent’s office, tehsil diwas, jan suvidha centres, Lokvani centres can be seen. People lodging a complaint are informed through SMS about every step from registration to solution.

To ensure transparency, a complainant can view the report with regards to his complaint on the portal. In case the problem is not resolved within the stipulated timeline, he/she can send online reminders to officers concerned.

Chief Minister’s office maintains a sharp vigil on the progress of such complaints.

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Author: Musing India

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