मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 दिसम्बर, 2015 को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए।

Chief Minister Akhilesh Yadav reviewed the work of the department of Agriculture

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 दिसम्बर, 2015 को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 दिसम्बर, 2015 को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में सूखे की स्थिति के दृष्टिगत बीजों के वितरण की वर्तमान व्यवस्था में गरीब किसानों को अधिक से अधिक संख्या में बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने गांवों में किसानों से सम्पर्क कर उनका पंजीकरण कराने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बीज वितरण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों की सहायता के लिए हर सम्भव कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सूखे कि दशा में यह प्रयास किया जाना चाहिए कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिल सके। उन्होंने बीज वितरण की वर्तमान व्यवस्था में सुधार लाने के भी निर्देश दिए।

श्री यादव ने राज्य सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सुविधाओं का रेडियो एवं अन्य साधनों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि जो कृषक पूरा मूल्य नकद देने की स्थिति में नहीं है उनके लिए यह व्यवस्था की जा चुकी है कि वे मात्र 1600 रुपए नकद तथा एक माह के बाद की स्थिति का पोस्ट डेटेड चेक देकर बीज प्राप्त कर सकते हैं। जिन किसानों के पास चेक बुक नहीं है, उन्हें चेक बुक अथवा लीफ दिलाने में कृषि विभाग के फील्ड स्तरीय अधिकारियों द्वारा सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।

बुन्देलखण्ड के कृषकों को खास तौर से तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए नई योजानाएं बनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड में फार्म पाॅण्ड (खेत, तालाब) की योजना भी चलायी जाएं, जिससे वहां सिंचाई के संसाधन भी उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कृषि एवं सम्बन्धित विभागों द्वारा कृषकों को विविधीकरण हेतु प्रोत्साहित किये जाने की हिदायत दी, जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हो सके।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 दिसम्बर, 2015 को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 1 दिसम्बर, 2015 को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए।

श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2015-16 को किसान वर्ष के रूप में घोषित किया है। इस वर्ष 23 दिसम्बर, 2015 को किसान दिवस के अवसर पर विभिन्न फसलों में सर्वाधिक उत्पादकता प्राप्त करने वाले किसानों को उनके द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जैविक खेती को प्रदेश में बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि खास तौर से हमीरपुर जिले में इसका व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने बुन्देलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्र में उद्यान विभाग की बागवानी को प्रोत्साहित करने हेतु संचालित नई योजना को भी बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

श्री यादव ने खरीफ के दौरान बुन्देलखण्ड में तिल को बढ़ावा देने की चर्चा करते हुए कहा कि इससे कृषकों को लाभ पहुंचा है, इसलिए इस योजना को आगामी खरीफ 2016 में भी चलाना चाहिए। उन्होंने बुन्देलखण्ड के कृषकों को तिल का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए बुन्देलखण्ड में तिल के प्रसंस्करण हेतु कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने राज्य के 50 जनपदों को सूखाग्रस्त घोषित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सूखाग्रस्त घोषित जनपदों में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए यह भी फैसला लिया है कि 31 मार्च, 2016 तक इनके अवशेष राजस्व देयों की वसूली स्थगित रहेगी। इस दौरान कृषि ऋण से सम्बन्धित देयों की वसूली के लिए किसानों के खिलाफ उत्पीड़न सम्बन्धी कोई कार्यवाही नहीं जाएगी।

बैठक में सहकारिता मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, कृषि मंत्री श्री विनोद कुमार उर्फ पण्डित सिंह, कृषि राज्य मंत्री श्री राधेश्याम सिंह, अध्यक्ष उ0प्र0 बीज विकास निगम श्री उज्ज्वल रमण सिंह, मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद तथा कृषि निदेशक श्री आदेश कुमार विश्नोई मौजूद थे।

* मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सूखे की स्थिति को देखते हुए बीज वितरण की वर्तमान व्यवस्था में गरीब किसानों को अधिक से अधिक संख्या में बीज देने के निर्देश दिए
* बीज वितरण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी
* बुन्देलखण्ड में तिल को बढ़ावा देने की योजना को आगामी खरीफ 2016 में भी संचालित करने के निर्देश
* तिल प्रसंस्करण की कार्य योजना बनाई जाए
* जैविक खेती को बढ़ावा देने पर बल

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Author: Musing India

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