मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को लखनऊ में मध्यान्ह भोजन योजना के शुभारम्भ अवसर पर श्रमिकों के साथ भोजन करते हुए।

Chief Minister Akhilesh Yadav partakes in programme organized on the International Labour Day

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को लखनऊ में मध्यान्ह भोजन योजना के शुभारम्भ अवसर पर श्रमिकों के साथ भोजन करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को लखनऊ में मध्यान्ह भोजन योजना के शुभारम्भ अवसर पर श्रमिकों के साथ भोजन करते हुए।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने मजदूरों के साथ दोपहर का भोजन कर, श्रमिकों के लिए मध्याह्न भोजन योजना का किया शुभारम्भ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने मई दिवस के अवसर पर आज यहाँ विधान भवन के सम्मुख निर्मित हो रहे नये सचिवालय भवन निर्माण में कार्यरत मजदूरों के साथ दोपहर का भोजन ग्रहण करके श्रमिकों के लिए मध्याह्न भोजन योजना का शुभारम्भ किया। योजना के तहत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को मात्र दस रुपये में मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में लखनऊ जनपद में प्रारम्भ की गई है।
मुख्यमंत्री ने नवीन सचिवालय भवन के निर्माण में कार्यरत मजदूरों के साथ भोजन करते हुए कई श्रमिकों से उनकी समस्याएं जानी तथा कहा कि सभी विकास परियोजनाएं मजदूरों की मेहनत और पसीने की देन हैं। उन्होंने मजदूरों को उनके कल्याण के लिए समाजवादी सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश की समाजवादी सरकार गरीब, वंचित, शोषित, मजदूर, किसान के साथ है तथा समाज में उन्हें तरक्की और खुशहाली के समान अवसर मुहैया कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए चलायी जा रही निःशुल्क साइकिल वितरण योजना का लाभ बड़े पैमाने पर मजदूर भाईयों को मिला है। 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके श्रमिक को एक हजार रुपये पेंशन देने की योजना का फायदा वृ़द्ध हो चले मजदूर को बहुत राहत पहुँचायेगा। इस योजना के तहत पेंशनधारक की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी अथवा पति को आजीवन पेंशन देने की भी व्यवस्था है। समाजवादी सरकार ने श्रमिकों के लिए संचालित बीमा योजना की धनराशि को बढ़ाने का भी काम किया है। अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए श्रम विभाग द्वारा उनके पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि मध्यान्ह भोजन योजना का बड़े पैमाने पर लाभ श्रमिक भाईयों को मिलेगा। इससे उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा, जिससे उनकी कुशलता बढे़गी, स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और वह बीमारियों से भी बचे रहेंगे।

इस अवसर पर श्रम, सेवायोजन मंत्री श्री शाहिद मंज़ूर, राजनैतिक पेंशन मंत्री श्री राजेन्द्र चैधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के अधिकारीगण, बड़ी संख्या में श्रमिक व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

गौरतलब है कि मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य निर्माण स्थलों पर श्रमिकों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यप्रद भोजन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत कार्य स्थल पर दोपहर के भोजन के समय मजदूरों को उनकी इच्छा के अनुसार रोटी या चावल के दो अलग-अलग मीनू में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रोटी मीनू के टिफिन में 300 ग्राम रोटी (संख्या में लगभग 10-12), दो सब्जी, दाल, सलाद व गुड़ शामिल है तथा चावल वाले मीनू के टिफिन में 400 ग्राम चावल, दाल, सब्जी, छोला, सलाद व गुड़ शामिल होगा। मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ कोई भी पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपनी इच्छानुसार ले सकता है।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर लाभार्थियों को हरी झण्डी दिखाकर कार्यक्रम स्थल से रवाना करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर लाभार्थियों को हरी झण्डी दिखाकर कार्यक्रम स्थल से रवाना करते हुए।

मध्यान्ह भोजन योजना के तहत एक टिफिन का वास्तविक मूल्य 41 रुपए आता है, किन्तु श्रमिकों को मात्र 10 रुपए के भुगतान पर टिफिन उपलब्ध कराया जा रहा है। शेष 31 रुपए का भुगतान उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा किया जा रहा है।

मध्यान्ह भोजन योजना के प्रथम चरण में इसे पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में लखनऊ जनपद के चार निर्माण स्थलों पर लागू किया गया है। ये चार निर्माण स्थल मेट्रो रेल परियोजना, अमौसी, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना, वृन्दावन योजना (हिमालया एन्क्लेव) तथा निर्माणाधीन नवीन सचिवालय भवन हं। इन स्थलों पर उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (श्रम विभाग) में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मध्यान्ह भोजन 10 रुपए में उपलब्ध होगा।

अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने शिरकत की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मजदूरों के लिए पेंशन योजना तथा 10 रुपए में मध्यान्ह भोजन योजना (पाइलेट प्रोजेक्ट, लखनऊ) का शुभारम्भ करते हुए कहा कि राज्य सरकार मजदूरों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के प्रति अत्यन्त गम्भीर है। कामगारों को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि विगत चार वर्षों के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा उनके हित में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने मजदूरों की मदद के लिए लागू की गई साइकिल सहायता योजना का जिक्र करते हुए कहा कि कामगारों को अपने घर से कार्य स्थल तक आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से ही उन्हें मुफ्त साइकिलें प्रदान की जा रही हैं। इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में मजदूरों को मिला है और अब तक प्रदेश में 04 लाख से अधिक साइकिलों का वितरण किया जा चुका है।

श्री यादव ने इस अवसर पर 1,000 श्रमिकों में वितरित की गई साइकिलों के लाभार्थियों के एक दल को हरी झण्डी दिखाकर कार्यक्रम स्थल से रवाना भी किया।
कामगारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश-प्रदेश की प्रगति में वहां के मजदूरों का बहुत बड़ा योगदान होता है, क्योंकि विशाल अवस्थापना योजनाएं जैसे मेट्रो रेल योजना, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, सी0जी0 सिटी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अथवा अन्य योजनाएं श्रम शक्ति के बिना पूर्ण नहीं की जा सकती हैं। इनमें शुरू से लेकर आखिर तक श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की इसी श्रम शक्ति का समाजवादी हमेशा से सम्मान करते आए हैं।

श्री यादव ने कहा कि मजदूरों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की समाजवादी सरकार द्वारा श्रमिकों को पेंशन देने की योजना की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लाभार्थी को 1,000 रुपए प्रति माह की पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतीक स्वरूप उन्होंने 100 लाभार्थियों को इस योजना के तहत चेक भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य के श्रमिकों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि इस योजना के लागू होने से 60 वर्ष से अधिक उम्र के निर्माण श्रमिकों को पेंशन उपलब्ध कराने वाले प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश का नाम भी शामिल हो गया है।

श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार गरीबों और मजदूरों की सरकार है। राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई गई अन्य योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें शिशु हितलाभ, मातृत्व हितलाभ, बालिका मदद, पुत्री विवाह अनुदान, मेधावी छात्रवृत्ति आदि योजनाएँ शामिल हैं, जिनका लाभ मजदूरों के परिवारों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवासीय विद्यालयों की योजना लागू की गई है, जिससे मजदूरों के बच्चे भी शिक्षित बन सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पहले चरण में कन्नौज, कानपुर, इटावा, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, ललितपुर, भदोही, आजमगढ़ तथा बहराइच जनपदों में आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर पेंशन योजना के एक लाभार्थी को चेक प्रदान करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर पेंशन योजना के एक लाभार्थी को चेक प्रदान करते हुए।

मुख्यमंत्री ने 10 रुपए में मध्यान्ह भोजन योजना (पाइलेट प्रोजेक्ट, लखनऊ) के विषय में कहा कि इस योजना का लाभ श्रमिकों को मिलेगा और इससे उन्हें 10 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे जहां निर्माण श्रमिकों की कार्यकुशलता में बढ़ोत्तरी होगी, वहीं उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रख्यात समाजवादी चिन्तक स्व0 मधु लिमये को याद करते हुए कहा कि आज उनका जन्म दिवस है। उन्होंने स्व0 लिमये को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाजवादी विचारधारा को मजबूत बनाने का काम किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री शाहिद मंजूर ने कहा कि प्रदेश का श्रम विभाग के तहत श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाएँ अब सामने दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश मंे लगभग 27 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं। जनवरी 2016 से मार्च 2016 के बीच पूरे प्रदेश में लगभग 3.66 लाख मजदूरों का पंजीयन कराया गया, जो एक उपलब्धि है। इसके लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आॅनलाइन पंजीयन करने की सुविधा प्रदान की गई है ताकि मजदूरों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। इस साल की शुरुआत से (जनवरी, 2016 से) श्रमिकों का पंजीयन जन सुविधा केन्द्रों से कराए जाने की व्यवस्था लागू की जा चुकी है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रमुख सचिव श्रम श्रीमती अनीता भटनागर जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा अब तक करीब 6.26 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों को कई योजनाओं से लाभान्वित किया गया है, जिस पर लगभग 359 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। पेंशन योजना के विषय में उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बोर्ड में पिछले तीन साल से पंजीकृत और 60 साल की आयु पूरी कर चुके 2630 श्रमिकों को अब हर महीने पेंशन के तौर पर 1,000 रुपए दिए जाएंगे। यह राशि आर0टी0जी0एस0 के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। पेंशन धारक की मृत्यु की स्थिति में पति/पत्नी को आजीवन इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा। मध्यान्ह भोजन योजना के विषय में उन्होंने बताया कि शुरुआत में इसके तहत लखनऊ शहर के नये सचिवालय भवन, अवध विहार, वृन्दावन हिमालय एन्क्लेव तथा अमौसी मेट्रो निर्माण स्थलों के पंजीकृत श्रमिकों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के लिए कर्मकार कल्याण बोर्ड एवं आई0आर0सी0टी0सी0 के बीच अनुबंध भी हो चुका है।

कार्यक्रम के दौरान कारागार मंत्री श्री बलवन्त सिंह रामूवालिया, राजनैतिक पेंशन मंत्री श्री राजेन्द्र चैधरी, होमगार्ड्स एवं प्रान्तीय रक्षक दल मंत्री श्री अवधेश प्रसाद, भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री श्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, जन्तु उद्यान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री शिव प्रताप यादव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव सूचना श्री नवनीत सहगल, सचिव मुख्यमंत्री श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित बड़ी संख्या में कामगार तथा गणमान्य लोग मौजूद थे।

Chief Minister remembers eminent socialist late Madhu Limaye

Uttar Pradesh chief minister Mr Akhilesh Yadav on Sunday inaugurated a pilot project to provide afternoon meal to labourers in Rs 10 and also launched a pension scheme for the labourers. Emphasising that the state government was serious about the problems faced by them, the chief minister said that it was for their welfare that the many schemes had been rolled out by his government. Referring to the free distribution of cycles to the labourers, the chief minister pointed out that this scheme was aimed at providing relief to the labourers so that they could go to their work place easily. This scheme, he added, had benefited the labourers in a big way and so far more than four lakh cycles had been distributed.

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 01 मई, 2016 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए।

Mr Yadav also flagged off a group of 1000 labourers who were benefited by the scheme, from the event venue. Saying that the labourers have a pivotal role in the progress of the country and the state and pointed out how they had played a major role in schemes like the Metro Rail project, Agra-Lucknow Expressway, CG City, International Cricket Stadium and others. Informing how realizing the problems faced by them, the Samajwadi government in the state had decided to roll out a Labour Pension Scheme, Mr Yadav pointed out that labourers who have crossed the age of 60 years will get a monthly pension of Rs 1000. On a token note, he gave away the cheques under this pension scheme to 100 beneficiaries.

He also added that the Samajwadi government was of the poor and labourers and said that many other schemes have also been initiated for infants, mothers, girl child, financial assistance for marriage of daughters, scholarship for meritorious students and other schemes which were benefiting the labour class.

Mr Akhilesh Yadav also informed that special residential schools for the children of the labourers had also been initiated in Kannauj, Kanpur, Etawah, Firozabad, Gautambudh Nagar, Ghaziabad, Meerut, Moradabad, Lalitpur, Bhadohi, Azamgarh and Bahraich, in the first phase. With regards to the Rs. 10 afternoon meal (Pilot project, Lucknow), the chief minister said that through this scheme, the labourers would get quality food at cheaper rates to their fill. This will improve their working and also their health. On this occasion he also paid homage to late socialist thinker late Madhu Limaye, whose birth anniversary fell on the day and recalled his services to make the socialist movement a force to reckon with.

In his address, labour and employment minister Mr Shahid Manzoor said that there were 27 lakh registered construction labourers and that between January 2016 to March 2016, more than 3.66 lakh labourers got themselves registered with the state government which is an achievement in itself. Principal Secretary (Labour) Mrs Anita Bhatnagar Jain in her address said that the Uttar Pradesh Building and Other Construction Workers Welfare Board till now has benefited as many as 6.26 lakh construction labourers by spending Rs. 359 crore approximately. She said that the Board will provide a monthly pension of Rs 1,000 to 2630 labourers having attained the age of 60 years and registered with it for last three years. This amount will be transferred through RTGS into their accounts.

With regards to the afternoon meal scheme, Mrs Jain said this scheme will make available cost effective and quality food to labourers registered at the new secretariat building, Avadh Vihar, Vrindavan Himalaya Enclave and Amausi Metro construction sites initially.

Also present during the event were prisons minister Mr Balwant Singh Ramoowalia, Political Pension minister Mr Rajendra Chowdhary, Homeguards Minister Mr Avdhesh Prasad, Mining Minister Mr Gayatri Prasad Prajapati, Minister of State for Health Mr Shiv Pratap Yadav, Agriculture Production Commissioner Mr Praveer Kumar, Principal Secretary (Information) Mr Navneet Sehgal, secretary to the CM Mr Partha Sarhty Sen Sharma, a large number of labourers and dignitaries.

Musing India
Author: Musing India

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