मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 21 सितम्बर, 2015 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमण्डल को सम्बोधित करते हुए।

Chief Minister Akhilesh Yadav meets siksha mitra

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 21 सितम्बर, 2015 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमण्डल को सम्बोधित करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 21 सितम्बर, 2015 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमण्डल को सम्बोधित करते हुए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को दिया भरोसा, सरकार उनके साथ

हाई कोर्ट द्वारा अपने समायोजन को अवैध ठहराने से आंदोलनरत शिक्षामित्रों से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपील की है कि वे स्कूलों में जैसे पढ़ा रहे थे, वैसे ही पढ़ाना शुरू कर दें। अपनी नौकरी और वेतन को लेकर सशंकित शिक्षामित्रों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ है और उनकी हरसंभव मदद करेगी।

मुख्यमंत्री आवास पर सोमवार को शिक्षामित्र संगठनों के पदाधिकारियों के साथ तकरीबन पौन घंटे चली बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों की मदद के लिए सरकार सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है। जरूरत पड़ी तो सरकार कानूनी लड़ाई लड़ेगी और प्रधानमंत्री से बातचीत भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र कोई आत्मघाती कदम न उठाएं। शिक्षण कार्य जारी रखने की अपेक्षा करते हुए शिक्षामित्रों को उनके दायित्व का भी अहसास कराया। कहा कि बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने में शिक्षामित्रों की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद शिक्षामित्र संगठनों के पदाधिकारियों ने स्कूलों में पढ़ाने का काम शुरू करने का एलान किया है। हालांकि स्कूल की अवधि के बाद ब्लॉक संसाधन केंद्र पर धरना देने का उनका पूर्वघोषित कार्यक्रम जारी रहेगा।

बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी, राज्य मंत्री योगेश प्रताप सिंह, विभाग की प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही, उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष गाजी इमाम आला और उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव भी मौजूद थे। महाराष्ट्र में शिक्षामित्रों के समायोजन में भूमिका निभाने वाले वहां के विधान परिषद सदस्य कपिल पाटिल भी बैठक में उपस्थित थे।

हाई कोर्ट के फैसले पर सरकार को सुझाव के लिए समिति

शिक्षामित्रों के समायोजन को अवैध ठहराने के हाई कोर्ट के आदेश से बैकफुट पर आयी राज्य सरकार इस समस्या का तोड़ निकालने में गंभीरता से जुट गई है। हाई कोर्ट के फैसले का अध्ययन कर सरकार को शिक्षामित्रों के हित में इस समस्या का समाधान सुझाने और मशविरा देने के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। मुख्य सचिव ने सोमवार को विधान भवन में इस मुद्दे पर बैठक भी की। प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा समिति की सदस्य-सचिव व संयोजक बनायी गई हैं। प्रमुख सचिव न्याय, प्रमुख सचिव वित्त, निदेशक बेसिक शिक्षा व सचिव बेसिक शिक्षा परिषद समिति के सदस्य होंगे। समिति शिक्षामित्रों के मामले में हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका दाखिल करने के बारे में न्याय विभाग से राय हासिल करेगी। राज्य के महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह के माध्यम से महाराष्ट्र में शिक्षामित्रों के समायोजन के बारे में वहां के महाधिवक्ता से परामर्श भी प्राप्त करेगी।

State Government seriously exploring all options to help ‘Shiksha Mitra’: Chief Minister

Chief Minister expects ‘Shiksha Mitra’s’ to continue with teaching work

A delegation of ‘Shiksha Mitra’ calls on Chief Minister

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav has said that the state government was exploring all options to help the ‘Shiksha Mitra’. The Chief Minister met a delegation of the shiksha mitra’s that called on him at his 5, Kalidas Marg official residence.

Assuring them of meting out justice, the Chief Minister also expressed his expectation that they would continue with the teaching work. Mr. Yadav also underlined the importance of their job as they impart education to primary students and added that it was hence important that ‘shiksha mitra’ contribute in enhancing the quality of education to students.

He also observed that keeping in view all these things, it was in no way justified that shiksha mitra’s either keep away from teaching or interrupting teaching work at schools. During the meeting, Basic Education Minister Mr. Ram Govind Chowdhary, Minister of State Mr. Yogesh Pratap Singh ‘Yogesh Bhaiyya’ and senior officials were also present.

Musing India
Author: Musing India

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