मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 7 मई, 2016 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य में सूखे के सम्बन्ध में विचार विमर्श करते हुए।

Chief Minister Akhilesh Yadav meets Prime Minister Narendra Modi over Bundelkhand drought

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 7 मई, 2016 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य में सूखे के सम्बन्ध में विचार विमर्श करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 7 मई, 2016 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य में सूखे के सम्बन्ध में विचार विमर्श करते हुए।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ नयी दिल्ली में बैठक की

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से सूखे के कारण फसलों की हुई व्यापक क्षति की भरपाई के लिये भरपूर सहायता देने का अनुरोध किया
* पेयजल सहित अन्य परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र अवमुक्त कराये जाने की अपेक्षा
* वर्ष 2015 में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के बाद सूखे की स्थिति से किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है
* प्रदेश सरकार अपने सीमित वित्तीय संसाधनों से किसानों की मदद कर रही है, लेकिन इस महत्वपूर्ण कार्य में केन्द्र सरकार की भागीदारी और सहयोग जरूरी
* सूखा मेमोरेण्डम-2015 के अवशेष 1123.47 करोड़ रु0 शीघ्र स्वीकृत किए जाएं
* ओलावृष्टि मेमोरेण्डम-2015 की अवशेष 4741.55 करोड़ रु0 धनराशि भी जल्द मंजूर की जाए
* खरीफ 2015-16 में कुछ जनपदों में सामान्य से काफी कम बुवाई होने से किसानों को राहत देनेे के लिए भारत सरकार 1261 करोड़ रु0 के मेमोरेण्डम को शीघ्र स्वीकृत करे
* बुन्देलखण्ड और विन्ध्याचल में मनरेगा के तहत 200 मानव दिवस तथा अन्य जिलों के लिए 150 मानव दिवस की सीमा निर्धारित की जाए
* बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मनरेगा की मजदूरी दर 300 रु0 प्रतिदिन किए जाने का अनुरोध
* सर्फेस स्रोत आधारित बुन्देलखण्ड की 24 पेयजल परियोजनाओं के लिए 1689.38 करोड़ रु0 की धनराशि शीघ्र अवमुक्त करने की मांग
* बुन्देलखण्ड में पेयजल आपूर्ति के लिए 10 हजार टैंकर्स हेतु केन्द्र से धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सूखे के कारण फसलों की हुई व्यापक क्षति की भरपाई के लिये भरपूर सहायता देने का अनुरोध किया है।

उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा सूखाग्रस्त क्षेत्रों में चलाये जा रहे विशेष राहत कार्यों की जानकारी देते हुए पेयजल सहित अन्य परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र अवमुक्त कराये जाने की भी अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री सूखे के सम्बन्ध में आज नई दिल्ली में आहूत एक बैठक में प्रधानमंत्री के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने सूखे से उत्पन्न स्थिति से प्रधानमंत्री को विस्तार से अवगत कराते हुए कहा कि वर्ष 2015 में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ था।

इसके बाद सूखे की स्थिति से राज्य के किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार अपने सीमित वित्तीय संसाधनों से किसानों की मदद कर रही है, लेकिन इस महत्वपूर्ण कार्य में केन्द्र सरकार की भागीदारी और सहयोग जरूरी है।

उन्होंने प्रभावित किसानों एवं आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी देते हुए भारत सरकार से ज्यादा से ज्यादा धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

श्री यादव ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा ओलावृष्टि मेमोरेण्डम-2015 द्वारा 7543.14 करोड़ रुपये का अनुरोध किया गया था। इसके विपरीत मात्र 2801.59 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य सरकार को प्राप्त हुई है। उन्होंने अवशेष धनराशि 4741.55 करोड़ रुपये स्वीकृत करने का अनुरोध किया, जिससे समस्त प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान मद की धनराशि उपलब्ध करायी जा सके।

सूखा मेमोरेण्डम-2015 के तहत मांगी गयी धनराशि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2057.79 करोड़ रुपये के सापेक्ष 934.32 करोड़ रुपये की धनराशि ही प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 7 मई, 2016 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य में सूखे के सम्बन्ध में विचार विमर्श करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 7 मई, 2016 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य में सूखे के सम्बन्ध में विचार विमर्श करते हुए।

उन्होंने प्रधानमंत्री से अवशेष धनराशि 1123.47 करोड़ रुपये शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया, ताकि समस्त प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान मद की धनराशि वितरित की जा सके और सूखा के प्रभाव को कम करने के लिए योजनाएं संचालित की जा सकें।

श्री यादव ने राज्य आपदा मोचक निधि के सम्बन्ध में भारत सरकार के 8 अप्रैल, 2015 के आदेश की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि इसमें यह व्यवस्था है कि सूखा प्रभावित परिवारों को 90 दिन तक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकता है।

इस अवधि को राज्य कार्यकारिणी समिति द्वारा बढ़ाया जा सकता है, परन्तु कुल व्यय प्राविधानित धनराशि के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में 25 प्रतिशत की सीमा तथा 90 दिनों की सीमा को भारत सरकार से शिथिल किये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी अवगत कराया कि राज्य आपदा मोचक निधि के सम्बन्ध में भारत सरकार के 8 अप्रैल, 2015 के आदेश में यह व्यवस्था भी है कि मात्र लघु एवं सीमान्त कृषकों के पशुओं को चारा देने का प्राविधान है। उन्होंने भूमिहीन कृषकों के पशुओं को चारा देने हेतु इस प्राविधान को शिथिल किये जाने का भी अनुरोध किया।
श्री यादव ने यह भी अवगत कराया कि रबी 2015-16 हेतु मेमोरेण्डम-वर्ष 2015 में प्रदेश में उत्पन्न हुई सूखे की स्थिति से मिट्टी में नमी न होने के कारण, खरीफ 2015-16 में कुछ जनपदों में बुवाई सामान्य से काफी कम रही। इस सम्बन्ध में राहत प्रदान करने के लिए भारत सरकार को 1261 करोड़ रुपये का मेमोरेण्डम राज्य सरकार द्वारा प्रेषित किया गया है। उन्होंने इस धनराशि को स्वीकृत किये जाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने बुन्देलखण्ड एवं विंध्याचल में मनरेगा के तहत 200 मानव दिवस की सीमा निर्धारित करने तथा अन्य जनपदो के लिए 150 मानव दिवस किये जाने की मांग की।

उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मजदूरी दर बढ़ाकर 250 से 300 रुपये प्रतिदिन किये जाने तथा 2015-16 के लिए अवशेष मैटीरियल कम्पोनेण्ट की धनराशि तथा वर्ष 2015-16 की लाइबिलिटी के सापेक्ष 389.35 करोड़ रुपये की धनराशि निर्गत किये जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लिये गये लोन के सापेक्ष 300 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने की भी अपेक्षा की।

श्री यादव ने बुन्देलखण्ड के सभी परिवारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत आच्छादित करने हेतु प्रतिमाह 6974.99 मी0टन गेहूं तथा 9221.88 मी0टन चावल का अतिरिक्त आवंटन जरूरी बताया।

उन्होंने बुन्देलखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इस क्षेत्र के सर्फेस स्रोत आधारित 24 पेयजल परियोजनाओं हेतु 1689.38 करोड़ रुपये लागत के, राज्य सरकार द्वारा नीति आयोग को प्रेषित प्रस्ताव पर, शत-प्रतिशत वित्त पोषण की स्वीकृति एवं धनराशि अवमुक्त किये जाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र में रेलवे के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान में वहां जलाशयों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता है तथा राज्य सरकार द्वारा कुल 801 टैंकरों एवं अन्य माध्यमों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया कि 10 हजार टैंकर्स के लिए धनराशि अवमुक्त की जाये।

श्री यादव ने सूखा प्रभावित जनपदों में नहरों से सम्बन्धित विभिन्न कार्यों हेतु 61 करोड़ रुपये तथा नलकूपों व लिफ्ट कैनाल के सुदृढ़ीकरण हेतु 73.27 करोड़ रुपये, इस प्रकार कुल 134.27 करोड़ रुपये, अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता बतायी।

उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत आम, अमरूद, आंवला, केला, नींबू, लीची आदि की खेती करने के लिए किसानों को निःशुल्क पौध उपलब्ध कराने के लिए 14.55 करोड़ रुपये की योजना को शीघ्र अनुमोदित किये जाने का भी अनुरोध किया है।

उन्होंने बुन्देलखण्ड के 7 जनपदों में स्थापित राहत शिविरों में पशुपालकों को राहत दिये जाने के लिए 60.20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने की मांग की।
श्री यादव ने राज्य सरकार द्वारा किसानों को राहत देने के लिए उठाये गये विभिन्न कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि ओलावृष्टि-2015 से प्रभावित 73 जनपदों के 1 करोड़ 7 लाख किसानों को 4493 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गयी है।

इसके अलावा, सूखा-2015 प्रभावित 21 जनपदों को 1006.03 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गयी है, जिसमें भारत सरकार से प्राप्त 934.32 करोड़ रुपये की धनराशि भी शामिल है। प्रभावित किसानों को यह धनराशि वितरित किये जाने की कार्यवाही युद्धस्तर पर की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने सूखा-2015 से निपटने हेतु की गयी कार्यवाही का विवरण देते बताया कि अन्त्योदय लाभार्थियों में से जिन परिवारों को आजीविका प्राकृतिक आपदा (सूखा) से प्रभावित हुई है, उन परिवारों को विशेष सहायता के रूप में राहत पैकेट वितरित किया जा रहा है। इस पैकेट में 10 किलोग्राम आटा, 25 किलोग्राम आलू, 5 किलोग्राम चने की दाल, 5 लीटर सरसों का तेल, 01 किलोग्राम शुद्ध देशी घी तथा 01 किलोग्राम मिल्क पाउडर पहले के 30 दिनों के लिए वितरित किया जा रहा है।

श्री यादव ने बताया कि आगामी 30 दिनों के लिए अन्त्योदय लाभार्थियों में से जिन परिवारों की आजीविका गम्भीर रूप से प्रभावित हुई है, उन परिवारों को राहत पैकेट, जिसमें 10 किलोग्राम आटा, 25 किलोग्राम आलू, 5 किलोग्राम चने की दाल, 5 लीटर सरसों का तेल, 01 किलोग्राम शुद्ध देशी घी, 01 किलोग्राम मिल्क पाउडर, 10 किलोग्राम चावल, 01 किलोग्राम आयोडीन युक्त नमक, 01 किलोग्राम चीनी तथा 200 ग्राम हल्दी पाउडर वितरित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 7 मई, 2016 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य में सूखे के सम्बन्ध में विचार विमर्श करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 7 मई, 2016 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्य में सूखे के सम्बन्ध में विचार विमर्श करते हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड के 7 जनपदों में पशुओं को चारा दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। बुन्देलखण्ड के समस्त जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिये गये हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रों को 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं तथा 3 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही, बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पात्र लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन योजना से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जा रहा है।

श्री यादव ने बताया कि प्रदेश में सूखे के प्रबन्धन हेतु विभिन्न विभागों द्वारा आपस में बेहतर समन्वय करके परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में वर्षा जल संचयन हेतु 12.21 करोड़ रुपये की खेत तालाब योजना स्वीकृत की गयी है। इसके तहत 2,000 तालाबों का लक्ष्य है।

यह योजना बुन्देलखण्ड के सातों जनपदों के सभी ब्लाॅकों में चलायी जा रही है। किसानों को अपना उत्पाद बिक्री करने हेतु बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भारत सरकार की सहायता से 7 विशिष्ट मण्डियों तथा 133 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों का निर्माण कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु सिंचाई परियोजनाओं के बारे में अवगत कराते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड के 7 जनपदों में 17 निःशुल्क बोरिंग, 583 मध्यम गहरी बोरिंग, 276 गहरी बोरिंग व 59 रिचार्जिंग चेकडैम बनाने की कार्ययोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

इसके अलावा, 8098 डगवैल निर्माण के लक्ष्य के विपरीत 7926 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री जल बचाव अभियान के अन्तर्गत चन्द्रावल एवं लखेरी नदी के पुनर्जीवन/पुनरुद्धार हेतु कार्य कराये जा रहे हैं।

श्री यादव ने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा आर0आर0आर0 वाटर बॉडीज के तहत 9 तालाबों एवं टैंकों में पुनस्र्थापना कार्य कराया जा रहा है। अर्जुन सहायक परियोजना के तहत जनपद हमीरपुर, महोबा एवं बांदा लाभान्वित होंगे। इस परियोजना से 44381 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित किये जाने का प्रस्ताव है।

बाण सागर नहर परियोजना से जनपद मिर्जापुर एवं जनपद इलाहाबाद लाभान्वित होंगे। इस परियोजना से 1.50 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित होगी। वाराणसी शहर में वरुणा नदी के चैनलाइजेशन एवं तटीय विकास की परियोजना संचालित करने का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु 2300 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। पेयजल की समस्या की समाधान के लिए टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति हेतु 10 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।

इसके साथ ही, बुन्देलखण्ड के 95 ग्राम पंचायतों के वाॅटर ए0टी0एम0 के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गयी है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जनपदों में कुल 440 वाॅटर टैंकर खरीदने के लिए 9.94 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं।

श्री यादव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 7 जनपदों में वर्ष 2015-16 के लिए निर्धारित लक्ष्य 160.88 के सापेक्ष 195.65 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं, यह उपलब्धि लक्ष्य का 122 प्रतिशत है।

Chief Minister seeks adequate aid from Prime Minister for compensating the damage to crops due to drought

Prompt disbursement of funds for potable water and other projects urged

Ill-timed rains, hailstorm and then the drought in 2015 have compounded the problems of farmers

State Government doing all it can from its resources but in this important work, participation and hep from the central government vital

Pending Rs. 1123.47 crore from the Drought Memorandum-2015 should be approved at the earliest

Union Government should promptly sanction the Memorandum of Rs. 1261 crore to give relief to farmers for Kharif-2015-16 in districts where scanty sowing has been done

Under Mnrega, man-days in Bundelkhand and Vindhyachal should be fixed at 200, while for other districts it should be 150

Request for Rs. 300 daily wages under MNREGA in Bundelkhand made

Request also made for early release of Rs. 1689.38 crore for 24 potable water projects in Bundelkhand based on surface sources

Centre also requested to release funds for 10,000 water tankers for water supply in Bundelkhand

Chief Minister holds meeting with Prime Minister in New Delhi

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav has requested Prime Minister Mr. Narendra Modi to give adequate help to the state to combat drought. Informing the PM of various initiatives and schemes rolled out by the State Government, the Chief Minister made a passionate appeal to the government of India to release funds for completion of various pending projects, including potable water.

The Chief Minister today was speaking at a high-level meeting in New Delhi, with the Prime Minister to review the drought. Apprising the Prime Minister of the situation emerging out of the drought, Mr. Yadav said that Ill-timed rains, hailstorm and then the drought in 2015 have compounded problems of farmers in the state.

He also said that the state government, with its limited resources was doing all it could but added that the role of the centre, its assistance and help was very vital in this mission to provide succour to the farmers and people of drought affected areas of Uttar Pradesh. Informing Mr. Modi of various initiatives taken by the state government, Mr. Yadav sought early release of funds for various schemes and projects.

The Prime Minister was apprised that the state government had submitted a memorandum of Rs. 7543.14 crore in 2015 for relief to farmers affected by the hailstorm but only Rs. 2801.59 crore came to the state government. He requested that the pending amount be released at the earliest. Referring to the Drought Memorandum-2015, he said only Rs. 934.32 crore was received against Rs. 2057.79 crore that was sought.

Drawing the attention of the Prime Minister to these things and the fact that under an order dated April 8, 2015, drought affected families can be provided food grains for 90 days and that the state executive committee can increase this duration bit the expense should not be more than 25% of the provisioned amount. Mr. Yadav sought relaxtion on both these conditions alongwith the relaxation in providing for fodder for cattle.

The Chief Minister also informed the Prime Minister that sowing has been below normal in 2015-16 Kharif season, in many districts of the state because of lack of humidity following the drought, as already mentioned in the Memorandum of 2015, which seeks Rs. 1261 crore for relief to such farmers. This request is also pending at the central government level.

The Chief Minister also requested that the limit of mandays under Mnrega be fixed at 200 for Vindhyachal and Bundelkhand and 150 days at other places in the state. He also demanded that the daily wages be enhanced from Rs. 250 per day to Rs. 300 and for allocation of Rs. 389.85 crore against liability of 2015-16 and release of pending Material Component amount.

He also expected Rs. 300 crore against a loan taken by the state government. Mr. Yadav informed that all families to be covered, under the Food Security Act-2013, an extra quota of 6974.99 metric tonnes of wheat and 9221.88 metric tonnes of rice were required. Considering the geographical conditions of the Bundelkhand region, he pointed out that for surface source based 24 potable water projects, a proposal has been made for Rs. 1689.38 crore to the Niti Aayog and expected cent-percent financial support and release of funds.

The Chief Minister also stated that the Government of India has proposed to send water through Indian Rail in the Bundelkhand region but added that there was adequate water in reservoirs there and that the state government was supplying water through 801 tankers and other mediums.

The Chief Minister made a request for funds for 10,000 water tankers, at the earliest.

The Chief Minister also pointed out that Rs. 61 crore for special works in canals of drought-affected areas, Rs. 73.27 crore for strengthening of handpumps and lift canal was needed additionally. Under the National Horticulture Mission, he added, immediate approval of a Rs. 14.55 crore scheme to provide free saplings of banana, litchie, aonla, guava, mango, lemon etc was required.

Mr. Yadav also briefed the Prime Minister in detail on various schemes rolled out by the state to meet the drought crisis.

Musing India
Author: Musing India

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