मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव दिनांक 14 सितम्बर, 2016 को लखनऊ में दिवंगत कम्प्यूटर अनुदेशक के परिजनों को आर्थिक सहायता का चेक प्रदान करते हुए।

Chief Minister Akhilesh Yadav hands over cheque of Rs. 10 lakh to family members of Computer Instructor late Kiran Singh

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव दिनांक 14 सितम्बर, 2016 को लखनऊ में दिवंगत कम्प्यूटर अनुदेशक के परिजनों को आर्थिक सहायता का चेक प्रदान करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव दिनांक 14 सितम्बर, 2016 को लखनऊ में दिवंगत कम्प्यूटर अनुदेशक के परिजनों को आर्थिक सहायता का चेक प्रदान करते हुए।

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कम्प्यूटर अनुदेशक स्व0 किरण सिंह के परिजनों को 10 लाख रु0 का चेक प्रदान किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर कम्प्यूटर अनुदेशक स्व0 किरण सिंह के पति श्री हरिकरन सिंह व पुत्री सुश्री नेहा सिंह को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इस मौके पर श्री यादव ने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना भी की। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लोहिया आवास और बेटी के लिए नौकरी आदि की मांग पर राज्य सरकार विचार करेगी।

ज्ञातव्य है कि कम्प्यूटर अनुदेशकों के आन्दोलन के दौरान डेंगू से मृत्यु हो जाने पर मुख्यमंत्री ने स्व0 किरण सिंह के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्प्यूटर अनुदेशक अपनी समस्या लेकर ‘जनता का दरबार’ में भी आ चुके हैं। मुख्य सचिव की कमेटी ने इनकी समस्याओं पर विचार किया है। कम्प्यूटर अनुदेशकों के लिए योजना की शुरूआत केन्द्र सरकार ने की थी। फिर इस योजना के संचालन का कार्य राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया, जिससे पूरा भार प्रदेश सरकार पर आ गया।

श्री यादव ने कहा कि इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा बहुओं द्वारा भी समय-समय पर अपना मानदेय बढ़ाने की मांग की जाती है। केन्द्र सरकार योजनाएं संचालित कर आधे रास्ते पर छोड़ देती है, जिससे राज्य पर उन्हें चलाने का पूरा भार आ जाता है। जबकि राज्य सरकार के पास संसाधन काफी सीमित हैं। केन्द्र सरकार से प्रदेश को मिलने वाली धनराशि में भी 09 हजार करोड़ रुपए की कमी हुई है। प्रदेश सरकार ने नीति आयोग की बैठक में इस मामले पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को चलाया जाना चाहिए, क्योंकि काफी लोग इससे जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में कम्प्यूटर की शिक्षा बेहद आवश्यक है। इसके माध्यम से ही डिजीटल डिवाइड को खत्म किया जा सकता है तथा डिजीटल इण्डिया के ख्वाब को मूर्त रूप दिया जा सकता है। राज्य सरकार ने शिक्षा मित्रों, बी0पी0एड0 डिग्री धारकों की पूरी मदद की है। कम्प्यूटर अनुदेशकों की सहायता पर भी प्रदेश सरकार विचार करेगी।

इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी, सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव, प्रमुख सचिव सूचना श्री नवनीत सहगल सहित शासन-प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

State Government will consider demand of house and job for a family member

State Government burdened in central-funded projects when left mid-way

State Government will consider helping computer instructors

Uttar Pradesh Chief Minister Mr. Akhilesh Yadav today gave a cheque of Rs. 10 lakh to the family of late computer instructor Kiran Singh at his official residence. Late Kiran’s husband Mr. Harikiran Singh and daughter Ms. Neha Singh received the cheque.

On this occasion, Mr. Yadav expressed his sympathies to the bereaved family and prayed for peace to the departed soul. He also assured the family that their demand for a government job to a family member and a Lohia house would be considered by the state government.

It may be pointed out here that the Chief Minister had announced an ex gratia amount of Rs. 10 lakh to the family members of late Kiran Singh, who passed away due to dengue during the agitation of computer instructors. The Chief Minister also said that the instructors had also approached him in the ‘Janta Darbaar’ and added that a committee headed by the chief secretary had also considered their problems.

Mr. Yadav also pointed out that the computer instructor scheme was initiated by the government of India and rued that abrupt termination of such centrally-aided schemes leaves the state government burdened. The Chief Minister also pointed out that Aanganbadi workers and Aasha Bahu’s also raise demands about increasing their enumerations. Central funds for Uttar Pradesh, he pointed out, had been slashed by Rs. 9,000 crore. The state government has represented its viewpoint before the Niti Ayog as well. He also expressed his views that such schemes should be kept operational, as many people are linked to it.

The Chief Minister also said that computer education was very important and it was a means to end the digital divide in the state and enhance the digital India dream. The state government has helped the BPD degree holders and that it would also consider the demands raised by computer instructors, Mr. Yadav assured. Also present on the occasion was Political Pension Minister Mr. Rajendra Chowdhary, Badaun MP Mr. Dharmendra Yadav, Principal Secretary Mr. Navneet Sehgal and other officers of the state government and administration.

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