Both parts of the wall has started in Gomati: Minister Mr. Shivpal Singh Yadav

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव दिनांक 06 मई, 2015 को जनपद सिद्धार्थ नगर में महात्मा गौतम बुद्ध की जन्मस्थली स्तूप पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव दिनांक 06 मई, 2015 को जनपद सिद्धार्थ नगर में महात्मा गौतम बुद्ध की जन्मस्थली स्तूप पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए।

गोमती के दोनों हिस्सों में दीवार बनाने का काम शुरू

गोमती नदी को सौ मीटर चौड़ाई में बांधने का काम बुधवार से शुरू हो गया। इसके दोनों ओर दीवार बनाई जाएगी। दो मीटर चौड़ी यह दीवार पंद्रह मीटर गहराई में होगी। गोमती नदी सुंदरीकरण योजना के अंतर्गत बन रही दीवार के बाद शेष जमीन पर पिकनिक स्पॉट बनेगा। हालांकि रिक्त होने वाली जमीन पर कांपलेक्स और होटल बनाए जाने की भी चर्चा थी, लेकिन बाद में सिंचाई विभाग ने किसी भी तरह के निर्माण से इन्कार कर दिया।

सिंचाई एवं लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार शाम सात बजे नारियल फोड़कर और पूजा अर्चना के साथ दीवार बनाए जाने के काम की शुरुआत की। मंत्री ने कहा कि वैसे तो दीवार पक्का पुल से लेकर गोमती बैराज डाउन स्ट्रीम में डेढ़ किलोमीटर आगे (कुल साढ़े आठ किलोमीटर) तक बनाई जानी है, लेकिन मानसून से पहले गोमती बैराज से निशातगंज पुल तक चार किलोमीटर में ही दीवार बनाई जाएगी। मानसून खत्म होने के बाद शेष काम शुरू होगा। मंत्री ने अभी तक हुए कार्यो से संतुष्टि जताते हुए कहा कि गोमती संवारने का काम समय ही पूरा होगा। मंत्री ने कहा कि गोमती में गिरने वाले नालों को रोकने का निर्देश दिया गया है। गोमती नदी के दोनों हिस्सों में भूमिगत नालों को बनाया जाएगा, जिससे बारिश के समय शहर का पानी उन नालों से होकर बाहरी हिस्से में जाकर गिरे। नालों की सफाई के लिए जगह-जगह चैंबर बनाए जाएंगे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल समेत अन्य भी उपस्थित थे।

पीलीभीत की झीलों से मिलेगा पानी

मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि पीलीभीत की सत्रह झीलों की सफाई कराई जाएगी। इन झीलों में बारिश का पानी भरा जाएगा। इस पानी का उपयोग गोमती नदी में जलसंकट को दूर करने में किया जाएगा।

आधुनिक मशीनों से होगा काम

मुंबई की एक निजी कंपनी को गोमती सुंदरीकरण का काम दिया गया है। कंपनी के आधुनिक उपकरण नदी किनारे एकत्र हो गए हैं। दीवार बनाने के लिए जिस मशीन से खोदाई गई जाएगी, वह चालीस मीटर गहराई में जाने की क्षमता रखती है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूप सिंह यादव का कहना है कि एक रिग मशीन हर दिन बारह लंबाई में दीवार बनाएगी और इस काम के लिए दस रिग मशीन जल्द आएगी। इसके अलावा कंकरीट सीमेंट का मिक्चर बनाने के लिए बड़े बड़े प्लांट भी लगाए गए हैं। दीवार बनाने के लिए खोदाई के वक्त एक केमिकल भी डाला जाएगा, जो मिट्टी को गिरने से रोकने का काम करेगा।

लखनऊ वाले ये पानी पीते हैं

गोमती नदी में गंदगी को देखते हुए मंत्री ने कहा कि लखनऊ वाले ये पानी पीते हैं। उनकी सरकार ने गोमती सफाई के साथ ही शहरवासियों को साफ पानी पिलाने का संकल्प लिया है।

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Author: Musing India

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