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Ashiana dream of breaking a builder in Faridabad Haryana

हरियाणा के फरीदाबाद में बिल्डर तोड़ रहे आशियाने का ख्वाब

वक्त पर घर का पजेशन न देने पर बिल्डर पर शिकंजा कसते हुए नोएडा के लोटस 300 के सुपर लग्जरी प्रॉजेक्ट के 3 डायरेक्टरों को अरेस्ट किया गया है। फरीदाबाद में भी लोगों को धोखा दे रहे कुछ बड़े बिल्डरों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। हालांकि अब भी हजारों लोग अपने आशियाने के लिए भटक रहे हैं। सैकड़ों खरीददार बिल्डर से लेकर हुडा ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिल रहा। आखिर में ये लोग पुलिस के पास केस दर्ज कराने पहुंच रहे हैं।

केस-1-डबुआ कॉलोनी में रहने वाली शीला एक अकाउंटेंट हैं। खुद का आशियाना होगा इसी उम्मीद से उन्होंने एसआरएस पॉम प्रॉजेक्ट पलवल में 2015 में फ्लैट लिया। यह अफोर्डबल हाउसिंग स्कीम थी, जिसमे आवंटन हुडा की निगरानी में किया गया। लोन लेकर 7 लाख रुपये जमा किए, लेकिन बिल्डर ने अभी तक महज 5 प्रतिशत ही निर्माण कराया है, जबकि 2019 पजेशन की डेडलाइन है। इस प्रॉजेक्ट में शीला की तरह करीब 1789 आंवटी फंसे हुए हैं।

केस दो-

आंध्रप्रदेश में तैनात आईएएस ऑफिसर अनिल कुमार सिंघल ने जुलाई में यूनिवर्सल बिल्डर के खिलाफ केस दर्ज करवाया। उन्होंने बिल्डर से साल 2011 में सेक्टर-85 में एक फ्लैट लिया था। इसके लिए 13.47 लाख रुपये का भुगतान भी किया। बिल्डर ने 42 महीने के अंदर फ्लैट देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक पजेशन नहीं दिया। अब वह पैसा वापस चाह रहे हैं वह भी बिल्डर नहीं दे रहा है।

इन पर हुई कार्रवाई

– 5 अप्रैल को एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, निदेशक नानक चंद तायल, विशन बंसल, देवेंद्र अधाना, विनोद को गिरफ्तार किया। 200 से अधिक ग्रुप के खिलाफ और शिकायतें आईं। करीब 50 केस पुलिस रेकार्ड में दर्ज हो चुके हैं।

– अलग-अलग योजनाओं में धोखाधड़ी के आरोप में घिरे पीयूष ग्रुप के दो डायरेक्टर अमित और पुनीत गोयाल को पुलिस ने 18 जून को गिरफ्तार किया। ग्रुप के खिलाफ 20 से अधिक केस पुलिस रेकार्ड में दर्ज हैं।

अभी है इंतजार

– सेक्टर-77 में केएलजे प्रॉजेक्ट में 2008 में बिल्डर ने 384 फ्लैट का रजिस्ट्रेशन करवाया। फ्लैट बायर पवन गुलाटी का कहना है कि अब तक कब्जा नहीं मिला। बिल्डर 8 लाख रुपये और मांग रहा है।

-सेक्टर-80 में अंसल क्राउन डिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट 2011 में 600 फ्लैट लॉन्च हुए। 2014 पजेशन की डेडलाइन थी। जगमोहन गुप्ता का कहना है कि अब तक फ्लैट नहीं मिला।

-बीपीटीपी के प्रॉजेक्ट में 2009 में 4154 फ्लैट का रजिस्ट्रेशन खुला। बिल्डर ने 3 साल में कब्जा देने का वादा किया। फ्लैट लेने वाली रेनू गुप्ता का कहना है कि अब तक फ्लैट नहीं मिला।

ईओडब्ल्यू में 300 शिकायतें पेंडिंग में

बिल्डर की धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की जांचने वाली फरीदाबाद पुलिस आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के पास 300 शिकायतें पेंडिंग हैं। पिछले 6 महीने में 200 से अधिक शिकायतों की जांच हुई हैं।

आशियाना फ्लैटों के लिए जमा होने लगी किस्त

बाईपास रोड पर बनी झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने आशियाना फ्लैटों के लिए पेमेंट करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को लोग हूडा कार्यालय में अपना आईडी व पासवर्ड लेने के लिए पहुंचे हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, पहली किस्त जमा होते ही लोगों को फ्लैटों पर कब्जा देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

बता दें कि हूडा बाईपास रोड पर सेक्टर-17, 18 व 29 के पास बनी लगभग 1685 झुग्गियों में रहने वाले लोगों को आशियाना फ्लैटों में शिफ्ट कर रहा है। इन लोगों को फ्लैटों के लिए अलॉटमेंट लैटर देने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार से लोगों को उनका यूजर आईडी व पासवर्ड देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस यूजर आईडी व पासवर्ड के माध्यम से लोग अपने फ्लैट की पेमेंट बैंक में जमा करा सकेंगे। पेमेंट की पहली किस्त जमा होते ही लोगों को फ्लैटों पर कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हूडा एसडीओ सर्वे धर्मवीर वर्मा ने बताया कि आशियाना फ्लैटों के लिए लोगों को पासवर्ड व यूजर आईडी दी जा रही हैं। जल्द ही उन्हें फ्लैटों पर कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। लोगों को सेक्टर 56-56ए के आशियाना फ्लैटों में शिफ्ट कर बाईपास रोड से झुग्गियों को हटा दिया जाएगा।

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