सांसद धर्मेंद्र यादव

Allahabad high court issued notice to BJP MP Sanghmitra Maurya

धर्मेन्द्र यादव की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बदायूं की बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्या को नोटिस, जानिए पूरा मामला!

बदायूं से भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। भाजपा सांसद के चुनाव को सपा प्रत्याशी रहे धर्मेंद्र यादव ने चुनाव याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। याचिका पर अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दिया है। याची के अधिवक्ता एनके पांडेय का कहना है कि कुछ बूथों पर पड़े वोटों से अधिक मत गिने गए हैं। याची ने इस पर आपत्ति दाखिल की थी, मगर उसे खारिज कर दिया गया। दोबारा मतगणना कराने और संघमित्रा का निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई है। संघमित्रा मौर्या प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या की पुत्री हैं।

इससे पहले मई में भी बदायूं लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने अपनी सीट से आए लोकसभा चुनाव परिणाम पर आपत्ति दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि आखिरी गिनती के दौरान करीब 8 हजार अतिरिक्त वोटों को गिना गया है.

बदायूं की बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्या को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है. यह नोटिस हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है. यह याचिका संघमित्रा के चुनाव के खिलाफ सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने दाखिल की है. मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी.

धर्मेंद्र यादव की तरफ से अधिवक्ता एनके पांडेय का कहना है कि कुछ बूथों पर पड़े वोटों से अधिक वोट गिने गए. मामले में याची की आपत्ति की भी अनदेखी कर दी गई. जस्टिस रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने ये आदेश दिया है.

धर्मेंद्र यादव ने मई में डीएम से दर्ज कराई थी शिकायत

बता दें इससे पहले मई में भी बदायूं लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने अपनी सीट से आए लोकसभा चुनाव परिणाम पर आपत्ति दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि आखिरी गिनती के दौरान करीब 8 हजार अतिरिक्त वोटों को गिना गया है. इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देते हुए स्पष्टीकरण मांगा था. साथ ही उन्होंने कहा था कि बदायूं लोकसभा चुनाव परिणाम को वह कोर्ट में चुनौती भी दे सकते हैं.

8000 वोट ज्यादा दिखाने का दावा

धर्मेन्द्र यादव ने कहा, ‘मेरी आपत्ति बिल्सी विधानसभा सीट पर हुई मतगणना को लेकर है. वोटिंग होने के बाद जो रिकॉर्ड मुझे उपलब्ध कराया गया था उन आंकड़ों के मुताबिक 1,88,248 वोट पड़े थे. सबसे कम वोट बिल्सी में ही पड़े थे. लास्ट राउंड की गिनती के बाद जो आंकड़े आए हैं, उनमें उस सीट पर 1,96,110 वोट पाए गए. इस तरह फाइनल गिनती में इस सीट पर करीब 8 हजार वोट ज्‍यादा पड़ गए हैं.’

गौरतलब है कि सपा की गढ़ कहे जाने वाली बदायूं लोकसभा सीट से बीजेपी की संघमित्रा मौर्य ने धर्मेंद्र यादव को हराया है.

याची अधिवक्ता एन.के. पांडेय का कहना है कि कुछ बूथों पर पड़े वोटों से अधिक वोट गिने गये है और याची की आपत्ति की अनदेखी कर दी गयी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बदायूं की बीजेपी सांसद संघ मित्रा मौर्या को नोटिस जारी की है। इनके चुनाव के खिलाफ सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने चुनाव याचिका दाखिल की है। अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दिया है। याची अधिवक्ता एन.के. पांडेय का कहना है कि कुछ बूथों पर पड़े वोटों से अधिक वोट गिने गये हैं और याची की आपत्ति की अनदेखी कर दी गयी।

संघमित्रा मित्रा प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी है। यादव ने महानिबंधक के समक्ष चुनाव याचिका अधिवक्ता एन के पांडेय के मार्फत दाखिल की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिलसी विधान सभा में 10 हजार वोट पड़े वोटों से अधिक गिन लिये गये, साथ ही मित्रा ने अपनी वैवाहिक स्थिति की चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी है।

-बदायूं लोकसभा चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप।
-कई बूथों पर वोट कम पड़े लेकिन गिनती में अधिक मिले।
-वैवाहिक स्थिति के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप।

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha election 2019) के चुनाव परिणाम में गड़बड़ी के आरोप पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad high court) ने नोटिस जारी किया है। मामला बदायूं संसदीय क्षेत्र (Budaun lok sabha constituency) का है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के प्रत्याशी धर्मेन्द्र यादव की याचिका पर हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya janata party) की प्रत्याशी डॉ. संघमित्रा मौर्य (Sanghmitra Maurya) के खिलाफ नोटिस जारी किया है। याचिका पर अगली सुनवाई 21 अगस्त, 2019 को होनी है।

यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दिया है। याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एनके पांडेय पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ बूथों पर पड़े वोटों से अधिक वोट गिने गए। बता दें कि लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. संघमित्रा मौर्य ने सपा प्रत्याशी धर्मेन्द्र यादव को कम मतों से पराजित किया था। धर्मेन्द्र यादव ने जब छानबीन की तो पाया कि मतगणना में गड़बड़ी हुई है। डॉ. संघमित्रा उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की पुत्री हैं।

शिकायत पर ध्यान नहीं दिया

धर्मेन्द्र यादव का आरोप है कि बिल्सी विधानसभा क्षेत्र में 10 हजार वोट पड़े हैं, लेकिन वोटों की गिनती उससे अधिक हुई है। इस बारे में उन्होंने मतगणना के वक्त आपत्ति की थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि संघमित्रा मौर्य ने अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में चुनाव आयोग को गलत जानकारी है। इस कारण संघमित्रा की लोकसभा सदस्यता समाप्त की जाए।

कम मतों से हुई हार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत करने से पहले धर्मेन्द्र यादव ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी को भी नोटिस भेजा था। उन्होंने बदायूं में पत्रकार वार्ता कर मामले का खुलासा किया था। मतदान से पूर्व स्वामी प्रसाद मौर्य बदायूं में थे। पुलिस ने उन्हें बदायूं से बाहर जाने को कहा था। तमाम आरोपों के चलते बदायूं लोकसभा चुनाव सबकी नजर में आ गया था। आम धारणा यह थी कि धर्मेन्द्र यादव चुनाव जीतेंगे, लेकिन चुनाव परिणाम डॉ. संघमित्रा मौर्य के पक्ष में आया। इसके साथ ही विवाद शुरू हो गया था।

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