पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

Akhilesh Yadav attack on PM Narendra Modi for the Unnao, Kathua and Delhi rape case

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

अखिलेश यादव का मोदी सरकार पर हमला, बोले- दुष्कर्म की घटनाओं ने देश के हर घर को चिंता में डाल दिया है

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर से देश में बढ़ रहे दुष्कर्म के मामले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि उन्नाव, कठुआ, सूरत और अब दिल्ली में बलात्कार की घटनाओं ने देश के हर घर को चिंता में डाल दिया है। लोगों में अपनी बहन-बेटियों को लेकर डर का माहौल बन गया है।

अखिलेश ने लिखा कि सरकार इतने गंभीर मुद्दे पर भी कोई ठोस कार्रवाई ना करके राजनीति कर रही है, इससे दुखद, शर्मनाक और निंदनीय और क्या हो सकता है।

उन्नाव, कठुआ, सूरत और अब दिल्ली में बलात्कार की घटनाओं ने देश के हर घर को चिंता में डाल दिया है. लोगों में अपनी बहन-बेटियों को लेकर डर का माहौल बन गया है. सरकार इतने गंभीर विषय पर भी कोई ठोस कार्रवाई न करके राजनीति कर रही है, इससे दुखद, शर्मनाक और निंदनीय और क्या हो सकता है. — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 15, 2018

देश में पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई रेप की घटनाओं से गुस्सा है। देश में जगह-जगह इसके विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं। लोग सड़कों पर पोस्टर और बैनर लेकर उतर रहे हैं।

आपको बता दें कि गुजरात के सूरत में एक 11 साल की बच्ची का शव बरामद हुआ है। उसके शरीर पर चोट के 86 निशान मिले हैं। बच्ची के प्राइवेट पार्ट में भी चोट के निशान बताए जाते हैं।

बच्ची की रेप के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि बच्ची का यौन उत्पीड़न किया गया है या नहीं। सूरत सिविल अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के प्रमुख गणेश गोवेकर के अनुसार, बच्ची को गला घोंटकर मारा गया है।

पोस्टमॉर्टम के दौरान बच्ची के शरीर पर चोट के 86 निशान मिले। ये देखने में एक से सात दिन पुराने लगते हैं। दरअसल, छह अप्रैल को सूरत के भेस्तान इलाके में एक मैदान में पुलिस को 11 साल की बच्ची का शव मिला था, जिसकी अब तक पहचान नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी केबी झाला ने बताया कि किसी बच्चे ने 6 अप्रैल की सुबह शव देखा था। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। कठुआ के रासना गांव में बच्ची को एक मंदिर में रखकर लगातार 7 दिनों तक गैंगरेप करने के बाद मार दिया गया था। बताया जा रहा है कि 10 से 17 जनवरी के बीच यह वारदात हुई थी।

फिलहाल गैंगरेप मामले में महबूबा मुफ्ती सरकार ने 3 पुलिसवालों को बर्खास्त कर दिया है। ये तीनों पुलिसवाले कठुआ की आठ साल की बच्ची के गैंगरेप और मर्डर केस में आरोपी थे।

चार जून 2017 को माखी थाना क्षेत्र के गांव से 17 साल की किशोरी को गांव के ही शुभम और उसका साथी कानपुर जिले के चौबेपुर निवासी अवधेश तिवारी अगवा कर ले गए। करीब आठ महीने बाद किशोरी मिली तो उसने आपबीती बताई। पीड़िता की मां ने माखी थाने में तहरीर दी। इसमें विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पड़ोस की एक महिला के जरिए बहाने से घर बुलाकर रेप करने और इसके बाद उसके गुर्गों द्वारा गैंगरेप करने का आरोप लगाया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

11 जून 2017 को पीड़िता ने अदालत की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर 156/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें पुलिस ने अवधेश तिवारी, शुभम तिवारी व अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया। यानी इसमें विधायक और आरोपी महिला का नाम हटा दिया गया। इसके बाद से यह मामला कोर्ट में चलता रहा।

तीन अप्रैल 2018 की ही रात में पीड़ित की मां ने डीएम को आपबीती बताई। यह भी बताया कि उसके पति को पीटा गया और पीटने वालों के बजाय उसके पति के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस पर उन्होंने एसओ माखी को फटकार लगाई और तहरीर लेकर पीड़ित परिवार की ओर से भी मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद पीड़ित युवती का परिवार एसपी से मिला। एसपी पुष्पांजलि ने जांच के लिए सीओ सफीपुर को मौके पर भेजा।

चार अप्रैल 2018 को रेप पीड़िता की मां ने तहरीर दी। पुलिस ने माखी गांव के ही विनीत, सोनू, बउवा और शैलू सहित अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया। इस मुकदमे में पुलिस ने विधायक के भाई अतुल सिंह का नाम हटा दिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया। पिटाई से घायल का पुलिस ने दो दिन इलाज करने के बाद शाम को उसे जेल भेज दिया। जबकि परिजन गंभीर चोटों का इलाज कराने की मांग करते रहे।

आठ अप्रैल 2018 की रात जेल में बंद ग्रामीण की हालत बिगड़ी। रात 9 बजे जेल अधीक्षक एके सिंह ने जिला अस्पताल भेजा। सुबह 3:49 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने विनीत, सोनू, बउआ, शैलू को गिरप्तार कर लिया। इन सभी को जेल भेज दिया गया।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *