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3 of family dead as fire breaks out in private school in Faridabad

फरीदाबाद के एक निजी स्कूल में लगी आग, दम घुटने से मां समेत दो बच्चों की मौत

फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी 33 फुट रोड पर शनिवार सुबह तीन मंजिला इमारत के भूतल पर कपड़ों के शोरूम में आग लग गई। धुएं से दम घुटने के कारण द्वितीय तल पर मौजूद महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। यह मकान विशाल भाटी उर्फ लच्छू का है। मृतकों में उसकी 27 वर्षीय पत्नी नीता, पांच वर्षीय बेटा लक्की और सात वर्षीय बेटी यशिका हैं। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

विशाल ने मकान के भूतल पर रेडीमेड कपड़ों का शोरूम खोला हुआ है। प्रथम तल पर पांचवीं कक्षा तक का स्कूल चलता है, जिसे नीता संभालती थीं। द्वितीय तल पर विशाल ने अपनी रिहायश बनाई हुई थी। गर्मियों की छुट्टियां हैं, ऐसे में स्कूल बंद था। शनिवार सुबह करीब 7 बजे विशाल दूध लेने नीचे आए। दूधिया ने उन्हें शोरूम से धुआं निकलने की जानकारी दी। ऊपर जाकर उन्होंने पत्नी नीता को जगाया, बच्चों को नीचे लाने को कहकर वापस आ गए। उन्हें डर था कि कहीं आग से शोरूम के अंदर खड़ी कार का फ्यूल टैंक ना फट जाए। कार बाहर निकालने के लिए जैसे ही शटर उठाया, अंदर एकत्र धुआं एकदम बाहर निकला और ऊपर प्रथम व द्वितीय फ्लोर पर पहुंच गया। तभी आग भड़क गई और नीता व बच्चे तीसरी मंजिल पर ही फंसे रह गए। आस-पास के लोग भी जुट गए मगर धुआं इतना अधिक हो गया कि विशाल या कोई अन्य ऊपरी मंजिल पर फंसे नीता व बच्चों तक नहीं पहुंच पाया। लोगों ने फायर ब्रिगेड व पुलिस को भी सूचित कर दिया। कुछ लोग सीढ़ी लगाकर पीछे खिड़की से मकान में दाखिल हुए और जैसे-तैसे नीता व बच्चों को बाहर निकाला। तब तक वे अचेत हो चुके थे। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। आग पर काबू पाने के दौरान फायर ब्रिगेड के पास संसाधनों की कमी साफ नजर आई। भवन की दूसरी मंजिल तक जाने के लिए फायर ब्रिगेड वालों की सीढ़ी नहीं खुली, पानी का पाइप फटा हुआ था। कर्मियों के पास उचित उपकरणों का अभाव नजर आया। दूसरी मंजिल पर बना स्कूल गर्मियों की छुट्टियों के कारण बंद था यदि स्कूल खुला होता था तो आग व धुएं की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता था। शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूल नियमों का उल्लंघन कर चल रहा था। अग्निशमन विभाग का कहना है कि भवन मालिक ने फायर एनओसी नहीं ली थी।

दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदबाद में गांव डबुआ पर स्थित एक निजी स्कूल में शनिवार सुबह आग लग गई। आग लगने के बाद इसकी चपेट में आया एक महिला और उसके तीन बच्चे बेहोश हो गए।

सूचना पर मिलने पर स्थानीय लोगों और पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर धुएं से दम घुटने के कारण महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों के नाम नीता (27), लकी (5) और यशिका (7) है। घटना डबुआ कॉलोनी की है।

बताया जा रहा है कि ग्राउंड फ्लोर पर कपड़े की दुकान थी जिसमें आग लग गई। इमारत की पहली और दूसरी मंजिल पर स्कूल का संचालन होता था। स्कूल संचालक का परिवार दूसरी मंजिल पर एक कमरे में रहता था।

जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त स्कूल संचालक आग बुझाने के लिए नीचे आए हुए थे। उन्होंने दुकान का ताला खोला और नीचे खड़ी अपनी कार बाहर निकाली और ऊपर जाने की कोशिश की। लेकिन देखते ही देखते आग ने भयावह रूप ले लिया और धुआं पहली और दूसरी मंजिल तक जा पहुंचा।

ऊपर ही स्कूल संचालक की पत्नी नीता और उनके दो बच्चे यशिका और लक्की थे। धुआं बढ़ने की वजह से वह नीचे नहीं उतर सके और न ही स्कूल संचालक नीचे से उन्हें बचाने ऊपर जा सका। धुएं के कारण तीन बेहोश हो गए।

इस बीच घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने के साथ ही घर में फंसे लोगों को निकाला और तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि स्कूल की छुट्टियां चल रही हैं ऐसे में पढ़ने वाले बच्चे स्कूल में नहीं थे। वरना कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।

Three of a family, including two children, died in a massive fire that broke out at a private school at Dabua Colony, Faridabad on Saturday morning.

A teacher and his two children were reportedly living on the school premises. They were injured and got suffocated owing to dense smoke and were rushed to a nearby hospital, where they succumbed to their injuries.
As summer vacations were on, there were no students in the schools.

Fire tenders were rushed to the spot and efforts were on to douse the flames.

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