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201 new cases of Covid 19 found in Faridabad Haryana

फरीदाबाद में कोरोना वायरस के 201 नए मामले आए सामने, कुल संक्रमितों की संख्या 2795 हुई

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के औद्योगिक जिले फरीदाबाद में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने 201 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की है, जिसके बाद जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 2795 हो गई है। वहीं एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत भी हुई है। वहीं, अब तक 65 लोग जान गंवा चुके हैं।

इसके अलावा बुधवार को 78 लोग कोरोना को मात देने में कामयाब रहे। बुधवार को जिस कोरोना संक्रमित के मरने की पुष्टि की गई है, वह सेक्टर 19 निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति हैं। बताया जा रहा है कि वह कोरोना के साथ दूसरी गंभीर बीमारियों से भी ग्रस्त था।

स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को 201 नए मामलों की पुष्टि की। सभी मामले कंटेनमेंट क्षेत्र से संबंधित रहे। ओल्ड फरीदाबाद, एनआइटी व बल्लभगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित बताए जा रहे हैं। जिले में अभी तक कोरोना के कुल 2795 केस मिले हैं, जिनमें से 1308 पूरी तरह से स्वस्थ घोषित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1422 एक्टिव केस हैं, जिनमें से 502 अस्पताल में दाखिल हैं और 920 को होम आइसोलेशन में रखा गया है। अस्पताल में दाखिल 27 मरीज गंभीर हालत में हैं। इनमें से छह को आइसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं, 82 लोग ऐसे हैं, जिन्हें अस्पताल में दाखिल हुए 10 दिन से अधिक समय हो गया है।

उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि जिले में अभी तक 65 लोगों की मौत हुई है। अभी तक हमने 21169 सैंपल लिए हैं, जिनमें से 515 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। सेक्टर-19 निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग की बुधवार को कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। वह दूसरी बीमारियों से भी ग्रस्त थे। यदि बीमारी न होती तो बुजुर्ग की जान बच सकती थी।

हुडा प्रशासक सहित तीन डॉक्टर कोरोना संक्रमित

फरीदाबाद में कोरोना वायरस का संक्रमण अब सरकारी कार्यालयों में भी फैलने लगा है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के बाद अब कोरोना ने सेक्टर-12 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्यालय में दस्तक दे दी है। हुडा प्रशासक और उनकी धर्मपत्नी सहित उनके परिवार में दो अन्य सदस्यों में कोरोना की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित तीन डॉक्टर भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं, जबकि पुलिस महकमे के विभिन्न थाना व चौकियों के विभिन्न जवानों में भी कोरोना का संक्रमण पाया गया है। वहीं कोरोना सर्विलांस अधिकारी डॉ.रामभगत की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

हुडा प्रशासक के बावर्ची की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई था। इसके बाद प्रशासक व उनकी पत्नी सहित दो अन्य सदस्यों का सैंपल लिया गया था। प्रशासक की रिपोर्ट बुधवार सुबह आई, तो उसमें वे कोरोना पॉजिटिव थे। बाकी तीन सदस्यों की रिपोर्ट शाम को आई, तो उनमें भी कोरोना का संक्रमण पाया गया। इन सभी को होम आइसोलेट किया गया है। यह रिपोर्ट आने के बाद हुडा मुख्यालय अब कुछ दिन के लिए बंद किया जा सकता है। प्रशासक के संक्रमित होने को लेकर समूचे स्टॉफ में हलचल रही। दिनभर कर्मचारी चर्चा करते रहे कि अब उन्हें भी टेस्ट कराना पड़ेगा। उधर, प्रशासक ने बताया कि इस बारे में डॉक्टरों से सलाह ली जा रही है। यदि जरूरत हुई तो सभी कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। बुधवार को हुडा के संपदा अधिकारी परमजीत चहल ने भी कोरोना टेस्ट कराया। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ सहित अब तक 15 संक्रमित

जिला स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ सहित 15 से अधिक कर्मचारी अब तक कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभारी, परिवार नियोजन कार्यक्रम के ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर और प्रसूति वॉर्ड में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई हैं। राहत की बात यह है कि सर्विलांस अधिकारी डॉ.रामभगत, जिनकी मंगलवार को कोरोना जांच कराई थी, उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

निगम मुख्यालय में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले

फरीदाबाद में नगर निगम मुख्यालय में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन संक्रिमतों के परिवार वालों के नमूने नहीं लिए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना कि उनके परिवार के सदस्यों के नमूने लिए जाने चाहिए।

बता दें कि 15 जून को नगर निगम संपत्ति कर शाखा के जोन तीन के एक कर्मचारी को कोरोना की पुष्टि की गई थी। इसके बाद एक अन्य कर्मचारी संक्रमित पाया गया। इन दो मामलों के बाद संपत्ति कर शाखा कार्यालय को बंद कर दिया गया था। सभी कर्मचारियों को होम आइसोलेशन में रहने को कहा गया था।

बाद में निगमायुक्त डॉ.यश गर्ग के प्रयासों से 18 जून को निगम मुख्यालय में 23 कर्मचारियों के नमूने लिए गए थे। इनमें से 7 संक्रमित पाए गए। कई कर्मचारियों ने अपने स्तर पर भी कोरोना की जांच करवा ली थी। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार नगर निगम में 21 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से एक कर्मचारी के परिवार के 6 सदस्य कोरोना संक्रमित हैं। मामलों की गंभीरता को समझते हुए निगम सभागार में 83 लोगों के नमूने लिए गए थे, इनकी रिपोर्ट बुधवार शाम को आ गई है, जिसमें आठ लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। जो कोरोना संक्रमित हैं और होम आइसोलेशन में हैं, उनका कहना है कि उनके परिवार के नमूने नहीं लिए गए हैं। कई कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि निगम मुख्यालय को दो-तीन दिन के लिए बंद किया जाना चाहिए। केंद्र के दिशा-निर्देश अनुसार ही संदिग्ध मामलों में जांच की जा रही है। सारी स्थिति पर हमारी नजर है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से विचार विमर्श करके हम अपने कर्मचारियों की कोरोना की जांच करवा रहे हैं। अभी मुख्यालय बंद करने वाली स्थिति नहीं है। हमने पूरे नगर निगम मुख्यालय में सभी इमारतों को सैनिटाइज करवा दिया है। -डॉ. यश गर्ग, निगमायुक्त।

कोरोना की चेन तोड़ना बनी चुनौती

फरीदाबाद में जिला प्रशासन के लिए कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ना बड़ी चुनौती बन रहा है। होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित कांटेक्ट पर्सन की सही जानकारी देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यही वजह है कि कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग को पहले से ही इस मामले में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अब शिक्षा विभाग, स्मार्ट सिटी और नगर निगम की ओर से कांटेक्ट पर्सन की तलाश के लिए विशेष रूप से कॉल सेंटर स्थापित किया गया है।

कॉल सेंटर में नगर निगम के 10 से ज्यादा कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। यह कर्मचारी संक्रमित से मोबाइल पर बातचीत कर उनके कांटेक्ट पर्सन का ब्यौरा जुटाने में लगे हैं। सेंटर के कर्मचारियों का कहना है कि वे जब संक्रमित से उनके कांटेक्ट पर्सन की बात करते हैं तो टालमटोल कर दी जाती है। 50 फीसद से ज्यादा संक्रमित अपने कांटेक्ट पर्सन की जानकारी नहीं दे रहे हैं। यह वजह है कि कोरोना पर काबू पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। महीने भर में हुए 13 गुना से अधिक मामले

जिला स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड की बात करें तो 23 मई को कोरोना के 195 केस थे और इनके कांटेक्ट में 1225 लोग थे। मौजूदा हालात की बात करें, तो 23 जून शाम तक कोरोना के कुल मामलों की संख्या की संख्या 2594 हो गई है। यानी महीने में 13 गुना से ज्यादा मामले बढ़ गए हैं और इस वक्त संक्रमित के कांटेक्ट पर्सन 8520 हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संक्रमित पूरी और सही जानकारी दें तो बड़ी संख्या में कांटेक्ट पर्सन सामने आएंगे। मगर हैरानी की बात है कि विभाग के पास सही जानकारी ही नहीं आ पा रही है। हम सभी मरीजों के कांटेक्ट पर्सन की जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा खास ध्यान बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर है। मगर कॉल सेंटर से जब हमारे कर्मचारी होम आइसोलेशन पर चल रहे मरीजों से मोबाइल फोन पर बातचीत करते हैं तो वह सही जानकारी देने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। लोगों को सहयोग करना चाहिए। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। -डॉ. यश गर्ग, निगमायुक्त।

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